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नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी मामा को 5-5 साल की सजा सुनाई गई

  बलौदाबाजार। दो नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ करने वाले रिश्ते के मामा को न्यायाधीश ने 5-5 वर्ष की सजा व एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडि...

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 बलौदाबाजार। दो नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ करने वाले रिश्ते के मामा को न्यायाधीश ने 5-5 वर्ष की सजा व एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। थाना हथबंद क्षेत्र के ग्राम सिनोधा निवासी आरोपी देवेंद्र वर्मा को दो नाबालिक लड़कियों के लज्जा भंग करने के आशय से छेड़छाड़ के अपराध में अपर सत्र न्यायाधीश भाटापारा सतीश कुमार जायसवाल ने 5 वर्ष दो बार का सश्रम कारावास एवं आर्थिक दण्ड से दंडित किया।

विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने बताया की पीड़ित की मां ने 03 जून 2025 को थाना भाटापारा ग्रामीण में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 22 मई 2025 को शाम 5 बजे उसकी नाबालिग पुत्री जिसकी उम्र 9 साल है वह घर आकर बताई कि वह और दूसरी पीड़ित जिसकी उम्र 7 वर्ष है वह दोनों खेल रहे थे, तभी मामा देवेंद्र वर्मा उन्हें पैसा दिया और राजश्री गुटखा लाकर देना मै घर में रहूंगा बोला। जब वे दोनों पीड़ित राजश्री लाकर दिए तो आरोपी मामा घर के सांकल को बंद कर दिया और खाट को बिछाकर पीड़ितों के कपड़े और अपने कपड़े को निकाल दिया और दोनों नाबालिग को उनके शरीर के सभी जगह को छूने लगा। उनके गुप्तांग को भी छुआ। तब वे दोनों रोने लगी और जोर से चिल्लाई तब उसने छोड़ा फिर वे लोग भागते हुए घर आए।




मां ने दोनों पीड़ित को बाड़ी में ले जाकर पेशाब करने के स्थान को देखी तो कोई प्रकार का खून, सूजन, चोंट का निशान नहीं दिखा। रात में उसके पति घर आए तो उसकी बेटी और पीड़ित के साथ घटित घटना के संबंध में बताई, जिसके पश्चात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। दोनों नाबालिग पीड़िता अपने कथन में बताई कि आरोपी द्वारा उसके कपड़े को निकालकर छेड़छाड़ किया गया है। दोनों पीड़ित की उम्र संबंधी दस्तावेज जब्ती, गवाहों के कथन, पीड़ित का कथन लेखबद्ध कर आरोपी की गिरफ्तारी के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

न्यायालय के समक्ष गवाही पूर्ण होने पर विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने अंतिम तर्क में प्रकरण की समस्त परिस्थितियों एवं कानूनी पहलुओं को विस्तार से न्यायालय के समक्ष रखा। अपराध के लिए आरोपी को कठोर दंड दिये जाने का निवेदन किया, ताकि कोई भी इस प्रकार नाबालिकों के साथ छेड़छाड़ जैसा अपराध न करें। अपर सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार जायसवाल ने प्रकरण की गंभीरता, अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों का परिशीलन करते हुए आरोपी देवेंद्र वर्मा को पॉक्सो एक्ट की धारा 10 (दो बार) के तहत 5-5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000 – 1000 रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। दोनों सजाएं साथ – साथ भुगताए जाने का आदेश पारित किया गया। शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने की।