रायपुर . असल बात news. 29 अप्रैल 2026. राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को बे...
रायपुर .
असल बात news.
29 अप्रैल 2026.
राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को बेहतर अवसर, मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण प्रदान कर हम उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। विभाग द्वारा किए गए समन्वित एवं नवाचारपूर्ण प्रयासों से बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार हुआ है, जो हम सभी के लिए संतोष एवं गर्व का विषय है।” यह विचार आज स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने व्यक्त किए।
राज्य में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे निरंतर एवं योजनाबद्ध प्रयासों के फलस्वरूप कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया है। विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना को सुदृढ़ करने हेतु विभाग द्वारा विभिन्न नवाचार आधारित पहलें की गईं, जिनका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री द्वारा आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में छात्रों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करते हुए राज्य ने देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया।
मंत्री श्री गजेंद्र यादव द्वारा संभाग स्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकारियों एवं प्राचार्यों को स्पष्ट लक्ष्य प्रदान किए गए तथा उत्कृष्ट परिणाम हेतु प्रेरित किया गया। शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने हेतु सभी जिलों के प्राचार्यों के व्हाट्सएप समूह बनाकर सीधे संवाद, सतत मॉनिटरिंग एवं त्वरित समस्या समाधान की व्यवस्था स्थापित की गई। विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित मूल्यांकन करने के लिए साप्ताहिक एवं मासिक परीक्षण आयोजित किए गए तथा उनके परिणामों की निरंतर समीक्षा की गई।
पालक-शिक्षक बैठक (च्ज्ड) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई, जिसमें विद्यार्थियों की पढ़ाई, अनुशासन एवं परीक्षा तैयारी पर विशेष ध्यान दिया गया। शिक्षकों को प्रश्नपत्र के ब्लू प्रिंट का विषयवार प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा विद्यार्थियों को परीक्षा पैटर्न से परिचित कराया गया। पहली बार ब्लू प्रिंट आधारित प्री-बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को वास्तविक परीक्षा का अनुभव दिया गया। इन परीक्षाओं के परिणामों के विश्लेषण के आधार पर कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए विशेष उपचारात्मक कक्षाएं संचालित की गईं।
उत्कृष्ट परिणाम देने वाले प्राचार्यों एवं शिक्षकों को राष्ट्रीय पर्वों 15 अगस्त एवं 26 जनवरी पर सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए समय-समय पर मोटिवेशनल वर्कशॉप एवं काउंसलिंग सत्र आयोजित किए गए, जिससे परीक्षा के भय एवं मानसिक दबाव को कम किया गया। राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों का प्रभार सौंपकर विशेष समीक्षा एवं कार्ययोजनाएं तैयार कराई गईं। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त प्रयास किए गए।
शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में ही लक्ष्य आधारित कार्ययोजनाएं तैयार कर समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण कराया गया तथा विद्यार्थियों को पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास कराया गया। टॉपर विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं के अध्ययन से उत्तर लेखन की गुणवत्ता एवं प्रस्तुतीकरण में सुधार किया गया। शिक्षकों की कमी को दूर करने हेतु प्रदेश स्तर पर युक्तियुक्तकरण कर आवश्यक पदस्थापना सुनिश्चित किया गया। साथ ही पीएम ई-विद्या चैनल के डिजिटल कंटेंट का अधिकतम उपयोग कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई।
प्रत्येक जिले में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार ‘मिशन 90 प्लस’, ‘मिशन उत्कर्ष’, ‘मिशन संकल्प’ जैसे नवाचार आधारित अभियान संचालित किए गए। इन समस्त प्रयासों के परिणामस्वरूप बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के साथ-साथ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं प्रतिस्पर्धात्मक दृष्टिकोण का भी विकास हुआ है, जो राज्य की शिक्षा गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान करेगा।

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