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भारत देश को वर्ष 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है, तो प्राथमिकतापूर्वक बेरोजगारी को जड़ से खत्म करना है-राजीव अग्रवाल,अध्यक्ष सीएसआईडीसी

*राज्य में आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे" – श्री राजीव अग्रवा...

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*राज्य में आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए गए हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे" – श्री राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम

*भिलाई में पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर द्वारा 'विबी-जी-राम-जी - ग्रामीण भारत का परिवर्तनकारी बदलाव' विषय पर वार्तालाप का आयोजन 

दुर्ग,रायपुर.

असल बात news. 

पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आज भिलाई में 'विबी-जी-राम-जी - ग्रामीण भारत का परिवर्तनकारी बदलाव' विषय पर एक विशेष वार्तालाप (मीडिया कार्यशाला) का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत दुर्ग के सहायक परियोजना अधिकारी श्री अर्दीप ढिढ़ी एवं दुर्ग पुलिस के साइबर विशेषज्ञ डॉ. संकल्प राय भी शामिल हुए। मुख्य अतिथि श्री राजीव अग्रवाल ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि भारत देश को वर्ष 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है,तो बेरोजगारी को जड़ से खत्म करने प्राथमिकतापूर्वक काम करना होगा.

मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री राजीव अग्रवाल ने कहा कि 'विबी-जी-राम-जी' की परिकल्पना वास्तव में ग्रामीण भारत में एक बड़े परिवर्तन की नींव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि भारत को 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है, तो सबसे पहली प्राथमिकता बेरोजगारी को जड़ से खत्म करना है। उन्होंने बताया कि राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) के माध्यम से लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू (MoU) किए गए हैं, जिसके तहत कई  कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं, जिससे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

श्री अग्रवाल ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक महिला हॉस्टल तैयार किए जा रहे है। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि विबी-जी-राम-जी के तहत 125 दिन का कार्य वास्तविक रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। फसल की बुआई से लेकर कटाई तक किसान भाइयों की व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों के अवकाश हेतु ब्लॉक की व्यवस्था की गई है, ताकि खेती और 0विकास कार्य साथ-साथ चल सकें।

योजनाओं में पारदर्शिता पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी धन की उपयोगिता की निगरानी साप्ताहिक आधार पर की जाएगी और कार्यों की सटीक स्थिति जानने के लिए जीपीएस (GPS) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि एआई (AI) के समावेश से कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता में क्रांतिकारी सुधार होगा।

कार्यशाला के दौरान जिला पंचायत दुर्ग के सहायक परियोजना अधिकारी श्री अर्दीप ढिढ़ी ने 'ग्रामीण भारत के परिवर्तनकारी बदलाव' की दिशा में जिला पंचायत द्वारा संचालित योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, दुर्ग पुलिस के साइबर विशेषज्ञ डॉ. संकल्प राय ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती डिजिटल पैठ के बीच साइबर सुरक्षा के महत्व पर पत्रकारों को जागरूक किया।