Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

Automatic Slideshow


सरकार ने जनता को आशंकित होकर खरीदारी न करने की सलाह दी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध,एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई

  पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता पूरे भारत में बंदरगाहों का संचालन स्थिर पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत...

Also Read

 



पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता

पूरे भारत में बंदरगाहों का संचालन स्थिर

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय फारस की खाड़ी में समुद्री स्थिति पर लगातार निगरानी

भारत सरकार और पश्चिम एशिया के देशों के साथ निरंतर बातचीत और संपर्क कायम

नागरिकों से अधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से एलपीजी सिलेंडर बुक करने का आग्रह

नई दिल्ली.
असल बात news.  

भारत सरकार की ओर से कहा गया कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्यटन भंडार उपलब्ध है और रसोई गैस की भी कहीं-कहीं नहीं है.आम जनता के द्वारा कमी की आशंका से अधिक खरीददारी की जा रही है ऐसी आशंका बिल्कुल बेबुनियाद है.सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है तथा आम उपभोक्ताओं को आशंकित होकर अधिक खरीददारी नहीं करने की सलाह दी गई है. भारत देश पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर हैऔर घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पेट्रोल और डीजल के आयात की आवश्यकता नहीं है। इस बीच तमिलनाडु में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक खुदरा बिक्री केंद्र (आरओ) पर खुले कंटेनरों में ईंधन बेचा जा रहा था।पता चलने पर संबंधित आरओ पर बिक्री तुरंत रोक दी गई है।इसकी दैनिक बुकिंग में कल औसत 55.7 लाख से बढ़कर 76 लाख की वृद्धि हुई है।यह पता चला है की रसोई गैस की बुकिंग करने की संख्या में अभी भारी बढ़ोतरी हो गई है.ताजा संघर्ष में अब तक भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है और एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।


भारत सरकार ने आज राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर तीसरी अंतर-मंत्रालयी मीडिया प्रेस वार्ता आयोजित की। इससे पहले 11 और 12 मार्च, 2026 को इस विषय पर वार्ता आयोजित की गई थींताकि विभिन्न मंत्रालयों द्वारा की जा रही तैयारियों के बारे में मीडिया को सूचित किया जा सके। आज की प्रेस वार्ता में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालयविदेश मंत्रालयपत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौजूदा स्थिति और सरकार द्वारा उठाए जा रहे समन्वित कदमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वार्ता में ऊर्जा आपूर्ति की तैयारियोंसमुद्री सुरक्षा और जहाजरानी परिचालनक्षेत्र में भारतीय नागरिकों के कल्याण और जन संचार एवं आवश्यक आपूर्ति की निगरानी से संबंधित पहलुओं को शामिल किया गया।

ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन की उपलब्धता

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारी ने मीडिया को वर्तमान ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति और भू-राजनीतिक स्थिति तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण आपूर्ति संबंधी चिंताओं के बावजूद पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार:

कच्चा तेल

  • भारत की वर्तमान शोधन क्षमता लगभग 258 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है और यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शोधन केंद्र है। देश पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर हैऔर घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पेट्रोल और डीजल के आयात की आवश्यकता नहीं है।
  • सभी रिफाइनरियां वर्तमान में उच्च स्तर पर काम कर रही हैंजिनमें से कुछ तो शत-प्रतिशत क्षमता से भी अधिक पर चल रही हैं।
  • वर्तमान में सभी भारतीय रिफाइनरियां पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल का भंडार बनाए हुए हैं और विविध आयात स्रोतों और शिपिंग मार्गों के माध्यम से लगातार आपूर्ति प्राप्त हो रही है।

प्राकृतिक गैस

  • सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मार्च, 2026 को प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी किया है , जिसमें प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को आपूर्ति के लिए सुरक्षा प्रदान की गई है। इसमें पीएनजी और सीएनजी के लिए बिना किसी कटौती के शत-प्रतिशत आपूर्ति शामिल है। इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आपूर्ति 80 प्रतिशत पर विनियमित की जा रही है।
  • घरेलू पीएनजी क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 3.73 एमएमएससीएम गैस की खपत हो रही हैजिसके लिए विभिन्न गैस उत्पादक क्षेत्रों में पर्याप्त गैस आपूर्ति उपलब्ध है।
  • भारत में 1.5 करोड़ से अधिक पीएनजी (पेट्रोलियम गैस) से चलने वाले घरों में वर्तमान में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति हो रही है और यह बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुएघरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बचत के लिए आवासीय उपभोक्ताओं द्वारा घरेलू स्तर पर आपूर्ति की जाने वाली पीएनजी गैस के उपयोग को बढ़ावा देना उचित है। बचाए गए एलपीजी सिलेंडरों को उन अन्य उपभोक्ता क्षेत्रों में उपयोग के लिए भेजा जा सकता हैजहां पीएनजी गैस की कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है।
  • उपलब्ध आंकड़ों के अनुसारयह देखा गया है कि देश भर में लगभग 60 लाख घरों के आसपास पीएनजी कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध हैहालांकिवे वर्तमान में पीएनजी आपूर्ति का लाभ नहीं उठा रहे हैं।
  • वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुएऐसे एलपीजी उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी खाना पकाने की आवश्यकताओं के लिए एलपीजी सिलेंडरों से घरेलू पीएनजी का उपयोग करना शुरू कर दें।
  • एलपीजी आपूर्ति संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिएसरकार देश के प्रमुख शहरी केंद्रों/शहरों में अधिकृत विभिन्न नगर गैस वितरण (सीजीडी) संस्थाओं से संपर्क कर रही है ताकि प्रभावित वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को तत्काल नए एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा सकें। सरकार ने सभी संबंधित स्थानीय निकायोंराजमार्ग प्राधिकरणों और राज्य सरकारों से भी अनुरोध किया है कि वे ऐसी सीजीडी संस्थाओं से पाइपलाइन बिछाने के लिए प्राप्त अनुमति अनुरोधों को शीघ्रता से मंजूरी दें। यह एक प्रगतिशील कदम होगा और व्यापक उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
  • वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन प्राप्त करने के लिए अपनी स्थानीय नगर गैस वितरण कंपनी से संपर्क करना चाहिए।

खुदरा दुकानें

  • तेल विपणन कंपनियों द्वारा लाख खुदरा दुकानों (आरओ) में से किसी पर भी ईंधन की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। सरकार जनता को सलाह देती है कि वे घबराकर खरीदारी न करेंक्योंकि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है।
  • हाल ही में तमिलनाडु में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक खुदरा बिक्री केंद्र (आरओ) पर खुले कंटेनरों में ईंधन बेचा जा रहा था। पता चलने पर संबंधित आरओ पर बिक्री तुरंत रोक दी गई। जनता को सलाह दी जाती है कि वे कंटेनरों में पेट्रोल/डीजल न मांगेंक्योंकि यह असुरक्षित और नियमों के विरुद्ध है।
  • सभी खुदरा विक्रेताओं को ईंधन भरते समय सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एलपीजी

  • देश में घरेलू एलपीजी आपूर्ति के लिए 25000 एलपीजी वितरकों में से किसी में भी अनुपलब्धता की स्थिति की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
  • घबराहट में खरीदारी के चलते एलपीजी बुकिंग की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।
  • दैनिक बुकिंग में कल औसत 55.7 लाख से बढ़कर 76 लाख की वृद्धि हुई है।
  • तेल विपणन कंपनियां प्रतिदिन लगभग 50 लाख एलपीजी सिलेंडर वितरित करना जारी रखे हुए हैं। सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे हड़बड़ी में बुकिंग न कराएं।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (ओएमसी) के कॉल सेंटरों को शिकायतें प्राप्त करने के लिए और अधिक मजबूत बनाया गया है। कॉल सेंटर में सीटों की संख्या बढ़ाकर 400 और टेलीफोन लाइनों की संख्या बढ़ाकर 650 कर दी गई है। इन उन्नत सुविधाओं के साथ कॉल विफलता दर लगभग शून्य बनी रहेगी।
  • एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जा रही है। कई मामले सामने आए हैं।
  • खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के सचिव और उपभोक्ता कार्य विभाग के सचिव ने आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करने के लिए सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की।
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों और जिला प्रशासनों से एलपीजी सहित पेट्रोलियम उत्पादों की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कार्रवाई तेज करने का अनुरोध किया गया है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने भी स्थिति की समीक्षा की है और जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं।
  • कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने स्थिति पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष खोले हैं और महाराष्ट्रतेलंगानाआंध्र प्रदेशराजस्थानउत्तर प्रदेश और बिहार सहित कुछ राज्य दैनिक प्रेस वार्ता जारी कर रहे हैं।
  • वरिष्ठ अधिकारी ने कुछ मामलों के उदाहरण और राज्य सरकारों द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में भी बताया। राज्य सरकारों ने एलपीजी सिलेंडरों की हेराफेरी और अवैध उपयोग को रोकने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई की हैजिसमें झांसी (उत्तर प्रदेश) में 524 चोरी हुए सिलेंडरों की बरामदगीहापुड़ (उत्तर प्रदेश) में 32 सिलेंडरों की ज़ब्तीकर्नाटक के होटलों से 46 सिलेंडर और छतरपुर (मध्य प्रदेश) में 38 सिलेंडरों की जब्ती शामिल है।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की तेल विपणन कंपनियों ने भी डीलरों और वितरकों के यहां अचानक निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों को सक्रिय कर दिया है।

क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की स्थिति और क्षेत्र में भारतीय दूतावासों द्वारा भारतीय समुदाय के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में नवीनतम जानकारी साझा की। मंत्रालय के अनुसार:

  • भारत ने पश्चिम एशिया के देशों के साथ अपनी बातचीत और संपर्क जारी रखा है।
  • कल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान से टेलीफोन पर बातचीत की।
  • बातचीत के दौरानप्रधानमंत्री ने ईरान सहित इस क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के संबंध में भारत की प्राथमिकता पर प्रकाश डाला और ऊर्जा और वस्तुओं के निर्बाध पारगमन के महत्व पर जोर दिया।
  • प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में घटनाक्रम के बीच सुरक्षा की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और भारत के इस सुस्थापित रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए।
  • विदेश मंत्री ने कल ईरान के विदेश मंत्रीसैयद अब्बास अराघची से भी बात कीजिसके दौरान द्विपक्षीय और ब्रिक्स से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई।
  • विदेश मंत्रालय का नियंत्रण कक्ष मार्च को स्थापित किया गया था और अब तक इसे 900 से अधिक कॉल और 200 ईमेल प्राप्त हो चुके हैं। दैनिक कॉलों की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है।
  • नियंत्रण कक्ष में प्राप्त समस्याओं को समाधान हेतु संबंधित मिशनों को भेजा जा रहा है। आपातकालीन मामलों मेंनियंत्रण कक्ष मिशनों के साथ तत्क्षण समन्वय करता है और संबंधित व्यक्ति से संपर्क स्थापित होने तक कॉल करने वाले व्यक्ति के संपर्क में रहता है।
  • विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। क्षेत्र में स्थित दूतावास और दूतावास चौबीसों घंटे चलने वाली हेल्पलाइनों और मेजबान सरकारों के साथ समन्वय के माध्यम से भारतीय समुदाय की सहायता कर रहे हैं।
  • संयुक्त अरब अमीरातकतरओमान और सऊदी अरब से उड़ानें संचालित हो रही हैं। वहींबहरीनकुवैत और इराक से भारतीयों की यात्रा सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र संबंधी प्रतिबंधों के कारण सऊदी अरब के रास्ते सुगम बनाई जा रही है।
  • आज सुबह ओमान के सोहार शहर में हुए हमले में दो भारतीय नागरिकों की जान चली गई। घायल हुए 11 लोगों में से 10 भारतीय हैंपांच को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और पांच का इलाज चल रहा है। किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है।
  • अब तक इस संघर्ष में भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है और एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।
  • 11 मार्च की रात को इराकी जलक्षेत्र में सेफसी विष्णु नामक जहाज पर हुए हमले के बाद, 15 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया और वे वर्तमान में बसरा में हैं। उनके स्वदेश वापसी और मृत भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को लाने के प्रयास जारी हैं।