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अटूट संकल्प और सतत प्रयास से ही मिलती है सफलता : रूप सिंह मंडावी परिस्थितियां कितनी भी विषम हों, अटूट संकल्प और सतत प्रयास से ही मिलती है विजय : रूप सिंह मंडावी अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष ने प्रतियोगी परीक्षार्थियों से किया संवाद, सफलता के दिए मंत्र; लक्ष्य निःशुल्क कोचिंग संस्थान के शैक्षणिक वातावरण और उत्कृष्ट परिणामों की सराहना

कोंडागांव,  असल बात News 15 सितंबर 2026 जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए परिस्थितियों का अनुकूल होना आवश्यक नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियो...

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कोंडागांव, 

असल बात News

15 सितंबर 2026


जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए परिस्थितियों का अनुकूल होना आवश्यक नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों के बीच भी अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहना और निरंतर प्रयास करते रहना ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। अटूट संकल्प, अनुशासन, धैर्य और सतत प्रयास के बल पर कठिन से कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह प्रेरणादायक संदेश छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूप सिंह मंडावी ने लक्ष्य निःशुल्क कोचिंग संस्थान, कोंडागांव में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान दिया।

श्री मंडावी के संस्थान आगमन पर कोचिंग संस्थान के शिक्षकगण, सदस्य एवं विद्यार्थियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों से सहज एवं आत्मीय वातावरण में बातचीत की तथा उनकी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, लक्ष्य और भविष्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को सुना और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी लगन एवं एकाग्रता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उनके साथ आयोग के उपाध्यक्ष श्री एम. डी. ठाकुर, आदिवासी विकास विभाग, कोंडागांव के सहायक संचालक सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्यजन भी उपस्थित रहे।

असफलता से घबराएं नहीं, प्रयास को बनाएं निरंतर

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री रूप सिंह मंडावी ने कहा कि जीवन में सफलता का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। लक्ष्य की ओर बढ़ते समय अनेक प्रकार की कठिनाइयां और असफलताएं सामने आती हैं, लेकिन असफलता को देखकर रुक जाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि कई बार प्रयास करने के बाद भी सफलता न मिले तो निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानकर नए उत्साह के साथ फिर से प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी धैर्य और निरंतरता की परीक्षा होती है। एक दिन, एक सप्ताह या कुछ महीनों की मेहनत से हर लक्ष्य हासिल नहीं होता। इसके लिए लंबे समय तक नियमित अध्ययन, आत्मअनुशासन और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है। जिस विद्यार्थी ने प्रयास करना नहीं छोड़ा, उसके लिए असफलता कभी अंतिम पड़ाव नहीं होती।

समस्याओं को लक्ष्य की राह में बाधा न बनने दें

श्री मंडावी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पारिवारिक एवं आर्थिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी प्रकार की समस्या होती है। किसी के सामने आर्थिक कठिनाई है, तो किसी के सामने पारिवारिक जिम्मेदारियां या अन्य परिस्थितियां। लेकिन इन समस्याओं को अपने लक्ष्य की राह में स्थायी बाधा नहीं बनने देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, विद्यार्थी को अपनी दृष्टि हमेशा अपने लक्ष्य पर केंद्रित रखनी चाहिए। वर्तमान परिस्थितियों को कमजोरी मानने के बजाय उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाना चाहिए। कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए जो विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहता है, वही भविष्य में सफलता की मजबूत नींव रखता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, मोबाइल एवं अन्य अनावश्यक गतिविधियों से दूरी बनाए रखने, नियमित अध्ययन करने तथा अपनी तैयारी का निरंतर मूल्यांकन करते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य जितना बड़ा होगा, उसके लिए मेहनत, धैर्य और त्याग भी उतना ही बड़ा करना पड़ेगा।

लक्ष्य संस्थान के शैक्षणिक वातावरण की सराहना

इस दौरान श्री मंडावी ने लक्ष्य निःशुल्क कोचिंग संस्थान के शैक्षणिक वातावरण, समर्पित शिक्षकगण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है। लक्ष्य संस्थान द्वारा युवाओं को निःशुल्क कोचिंग एवं गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर उनके सपनों को साकार करने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने संस्थान से पूर्व में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित हुए विद्यार्थियों का उल्लेख करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की तथा कहा कि जब किसी संस्थान से लगातार विद्यार्थी सफलता प्राप्त करते हैं, तो यह वहां के शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों की लगन और संस्थान की बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था का प्रमाण होता है।

उन्होंने वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यहां अध्ययनरत युवा भी आने वाले समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर प्रशासनिक एवं अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में चयनित होंगे तथा अपने परिवार, समाज, कोंडागांव और पूरे प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

विद्यार्थियों में दिखा उत्साह

श्री मंडावी के प्रेरणादायक संबोधन के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उनके अनुभवों एवं मार्गदर्शन ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। विद्यार्थियों ने भी उनके साथ संवाद करते हुए अपनी तैयारियों एवं लक्ष्यों से संबंधित बातें साझा कीं।

कार्यक्रम के अंत में कोचिंग संस्थान के शिक्षकगण एवं सदस्यों ने श्री मंडावी तथा उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संस्थान की ओर से कहा गया कि विद्यार्थियों के लिए ऐसे प्रेरणादायक संवाद उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें लक्ष्य के प्रति और अधिक गंभीर एवं समर्पित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।