भिलाई,दुर्ग असल बात news. यहां न्यायालय ने शराब के नशे में स्कूल बस चलाने वाले चालक को 03 दिवस की कारावास की सजा और 15 हजार रू के अर्थदं...
भिलाई,दुर्ग
असल बात news.
यहां न्यायालय ने शराब के नशे में स्कूल बस चलाने वाले चालक को 03 दिवस की कारावास की सजा और 15 हजार रू के अर्थदंड से दंडित किया है.यातायात पुलिस की जांच में स्कूल बस चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाया गया जिसमें कार्रवाई करते हुए बस को जप्त कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के द्वारा धारा 185 मोटर यान अधिनियम के तहत चालक को 03 दिवस साधारण कारावास एवं अलग-अलग धाराओं में कुल 15000 के अर्चना की सजा सुनाई गई है।अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोनों धाराओं के तहत कुल 40 दिवस अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा स्कूल बसों एवं उनके चालकों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में 07.09.2026 को जांच के दौरान गोपीराम विश्वकर्मा को शराब के नशे में KPS कुठेला भाठा दुर्ग की स्कूल बस क्रमांक CG 07 CT 0968 चलाते पाया गया।
यातायात पुलिस द्वारा बस को तत्काल जप्त कर चालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए प्रकरण माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायालय ने धारा 185 मोटर यान अधिनियम के तहत 03 दिवस साधारण कारावास एवं ₹10,000 अर्थदंड तथा धारा 184 के तहत ₹5,000 अर्थदंड से दंडित किया।
अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में धारा 185 के तहत 30 दिवस तथा धारा 184 के तहत 10 दिवस अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
उक्त कार्रवाई में यातायात पुलिस दुर्ग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों की भूमिका रही।
जिला शिक्षा अधिकारी एवं स्कूल प्रबंधन को पत्र
स्कूल बस चालक द्वारा शराब के नशे में वाहन चलाए जाने के संबंध में रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को अग्रिम कार्रवाई हेतु भेजी गई है। साथ ही आवश्यक कार्रवाई के संबंध में स्कूल प्रबंधन को भी पत्र प्रेषित किया गया है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस के द्वारा आम नागरिकों एवं स्कूल बस चालकों से अपील की गई है कि शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन कर वाहन न चलाएं। स्कूल बस चालक निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं यातायात नियमों का पालन करते हुए पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता से वाहन चलाएं। बच्चों की सुरक्षा से संबंधित लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


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