भिलाई – चरोदा। भिलाई चरोदा नगर निगम की सामान्य सभा की अंतिम बैठक गुरुवार को हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुई। आगामी निकाय चुनाव को दे...
भिलाई – चरोदा। भिलाई चरोदा नगर निगम की सामान्य सभा की अंतिम बैठक गुरुवार को हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुई। आगामी निकाय चुनाव को देखते हुए विपक्ष ने विकास कार्यों और राशि आवंटन को लेकर सत्ता पक्ष पर सवाल उठाए। हालांकि, सदन में रखे गए सभी प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई।
बैठक में अप्रैल, मई, जुलाई और अगस्त में महापौर परिषद (एमआईसी) द्वारा पारित प्रस्ताव सदन के समक्ष रखे गए। शुरुआत से ही उपनेता प्रतिपक्ष चंद्रप्रकाश पांडेय और पार्षद तुलसी ध्रुव विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरा। विपक्ष ने विकास कार्यों में कथित मनमानी का आरोप लगाते हुए राशि आवंटन पर स्पष्टीकरण मांगा। सांसद प्रतिनिधि विपिन चंद्राकर ने भी विपक्ष के सुर में सुर मिलाया।
तीखी बहस के दौरान सभापति कृष्णा चंद्राकर ने सदस्यों को संयमित भाषा का इस्तेमाल करने की हिदायत दी। बैठक में करीब 29 करोड़ रुपये की लागत वाले 33 विकास कार्यों को स्वीकृति मिली। टेंडर में देरी पर भी सवाल उठे। महापौर निर्मल कोसरे ने सोमवार को टेंडर जारी होने की जानकारी दी। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर फेज-2 के 67 नीलाम भूखंडों की उच्चतम बोली तथा आवश्यक दस्तावेज नहीं होने पर जाति प्रमाण पत्र के 137 आवेदनों को अपात्र करने संबंधी प्रस्ताव भी मंजूर किए गए।
प्रभारी मोहेंद्र साहू को मिला वित्तीय अधिकार
दुर्ग। नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव के दुर्ग पहुंचने के ठीक पहले शुक्रवार की दोपहर 3.30 बजे नगर निगम के प्रभारी आयुक्त मोहेंद्र साहू को वित्तीय अधिकार दिए जाने संबंधी आदेश जारी किया गया। इसका आशय यह है कि दुर्ग निगम में फिलहाल नए आयुक्त की नियुक्ति नहीं की गई है।
आयुक्त का प्रभार संभाल रहे उपायुक्त मोहेंद्र साहू को ही वित्तीय अधिकार देकर ऊहापोह की स्थिति समाप्त की गई। वित्तीय अधिकार मिलने से अब निगम का कामकाज सुचारु से संचालित होने की संभावना है। पिछले । महीने से जरूरी कार्यों पर ब्रेक लगा हुआ था। कचरा निष्पादन में लगे वाहनों के लिए पेट्रोल डीजल की समस्या खड़ी होने वाली थी। कर्मचारियों को वेतन दिए जाने चेक काटने में भी कोई अधिकृत नहीं था।
प्रभारी आयुक्त को वित्तीय अधिकार मिलने से अब जरूरी फाइलों का मूवमेंट हो पाएगा। यह बता दें कि लेखा विभाग में विकास कार्यों से जुड़े फाइलों का अंबार है। चेक नहीं काटने से ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो पा रहा था। छोटे-मोटे ‘रिपेयरिंग, सुधार कार्य भी पैसे के अभाव में अटक गए थे।
बारिश के सड़कों के गड़ढे भरने डस्ट के लिए मुंह ताकने की नौबत थी। निगम के वाहनों में उधारी से पेट्रोल डीजल भरवाए जा रहे थे। करीब 40 लाख के आसपास हर माह ईंधन पर खपत होती है। आयुक्त की पदस्थापना को लेकर बीते दिनों स्वायत्तशासी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने भी अपने स्तर पर प्रयास किए थे।
छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान आज से
दुर्ग। साइबर अपराध के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान 5 अगस्त से प्रारंभ हो गया है जो 2 अक्टूबर तक कुल 7 सप्ताह तक चलेगा। छत्तीसगढ़ को साइबर क्राइम मुक्त बनाने के संकल्प के साथ यह अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान का उद्देश्य प्रदेशवासियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक एवं सुरक्षित करना तथा जन भागीदारी से साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
अभियान का मुख्य थीम साइबर जागृति की एक सेल्फी है जिसके माध्यम से नागरिक लिंक अथवा क्यू आर कोड स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम सोशल मीडिया पर साझा करेंगे। 5 अगस्त से 2 अक्टूबर तक स्कूल कॉलेज, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों ,बरिष्ठ नागरिकों, महिला कॉलेज, सामुदायिक समूह, युवाओं तथा ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
27 पात्र बंदियों की समय पूर्व हुई रिहाई
दुर्ग। केंद्रीय जेल दुर्ग में छत्तीसगढ़ शासन को सुधारात्मक एवं पुनर्वास की नीति के तहत जेल मैनुअल के नियम 358 के प्रावधानों के तहत केंद्रीय जेल दुर्ग के 2 पात्र बंदियों को समय पूर्व 13 एवं 14 अगस्त को रिहाई प्रदान की गई हैं।
समय पूर्व रिहाई के लिए बंदियों के प्रकरणों का निधारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण किया गया। इस दौरान उनके जेल में आचरण, अनुशासन, सुधारात्मक गतिविधियों में सहभागिता तथा निर्धारित पात्रता एवं अन्य मापदंडों को ध्यान में रखते हुए सक्षम स्तर से आवश्यक कार्रवाई की गईं है।
जेल अधीक्षक दुर्ग मनीष संभाकर ने कहा कि कारागार का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं बल्कि बंदियों में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें समाज में जिम्मेदार नागरिक के रूप में पुनर्स्थापित करना भी है।
सुधार से समाज के मुख्य धारा तक जेल प्रशासन तथा बंदियों को कारावास के दौरान शिक्षा, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, योग, खेलकूद एवं अन्य सुधारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जाता है। इन गतिविधियों का उद्देश्य ‘बंदियों में सकारात्मक सोच एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा रिहाई के पश्चात उन्हें समाज की मुख्य धारा में पुन स्थापित करने में सहायता करना है।
निवेश के नाम पर 45.8 लाख रुपए की धोखाधड़ी
दुर्ग। सेवानिवृत बीएसपी कर्मचारी से ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 45.8 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने बैतूल मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। फेसबुक पर ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक लाभ का झांसा देकर सेवानिवृत बीएसपी कर्मचारी से विभिन्न बैंक खातों में 45,8,998 रुपए जमा कराए गए थे।
शहरऔर स्थानीय मार्गदर्शिका
आरोपियों ने पंजीयन शुल्क, ट्रेडिंग निवेश, मार्जिन राशि, क्रॉस बॉर्डर ट्रांजैक्शन एवं टैक्स के नाम पर लगातार राशि जमा कराई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, बैंकिंग ट्रांजेक्शन एवं उपलब्ध डिजिटल जानकारी के विश्लेषण के आधार पर आरोपी विशाल नागले 24 वर्ष निवासी बैतूल मध्य प्रदेश की पहचान कर बैतूल से गिरफ्तार की है। आरोपी के कब्जें से बैंक की चेक बुक, आधार कार्ड, ‘घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया गया है।
पुलिस ने बताया कि बीएसपी कर्मचारी ने 0 मार्च 2026 को फेसबुक पर ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं निवेश संबंधी विज्ञापन देखा था और संपर्क करने वालें व्यक्तियों द्वारा स्वयं को निवेश एवं ऑनलाइन ट्रेडिंग से संबंधित संस्था का प्रतिनिधि बता कर अधिक लाभ का लालच दिया था।
आरोपियों द्वारा प्रार्थी से पंजीयन शुल्क, ट्रेडिंग निवेश एवं मार्जिन राशि सहित अन्य शुल्क के नाम पर विभिन्न तिथियों में अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन राशि जमा कराई गई थी। प्रार्थ की शिकायत पर भिलाई नगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 348 (4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया था। आरोपी को बैतूल मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया है।
मेडिकल इमरजेंसी का झांसा देकर धोखाधड़ी, दो आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। मेडिकल इमरजेंसी का झांसा देकर बैंक खाते में रकम मंगवाकर उसे प्राप्त करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। जामुल थाना पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा बैंक खातों में रकम मंगवा कर चॉइस सेंटर संचालकों से नगद राशि प्राप्त करने की योजनाबद्ध तरीके से धोखाधड़ी की गई थी।
रकम खाते में आने के 2 दिन बाद साइबर शिकायत के कारण प्रार्थी का बैंक खाता होल्ड होने से धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर जामुल पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की है। पुलिस ने बताया कि प्रार्थी चंदन साहू निवासी शिवपुरी जामुल चॉइस सेंटर का संचालन करता है।
मार्च को एक युवती द्वारा मेडिकल इमरजेंसी की आवश्यकता बता कर अपने परिचित से प्रार्थी के बैंक खाते में रकम भिजवाने तथा उसके बदले नगद राशि प्राप्त करने की बात कही। प्रार्थी द्वारा उस पर विश्वास कर नगद राशि प्रदान की गई। घटना के दो दिन बाद साइबर ठगी संबंधी शिकायत के कारण बैंक द्वारा प्रार्थी का खाता होल्ड कर दिया गया।
विवेचना में यह बात सामने आई की प्रार्थी के अतिरिक्त अन्य चॉइस सेंटर संचालकों से भी अलग-अलग रकम प्राप्त की गई थी। पुलिस द्वारा आरोपियों की पतासाजी कर पूछताछ की गई। आरोपी बैंक खातों का योजनाबद्ध तरीके से म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग कर रकम प्राप्त कर रहे थे। पुलिस ने आरोपी लोकेश कुमार मालवीय निवासी बसंत विहार कॉलोनी महावीर नगर जिला रायपुर एवं दिनेश मालवीय निवासी नई सब्जी मंडी अहिवारा थाना नंदिनी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।
रिश्वतखोर रेलवे अधिकारी को सीबीआई ने पकड़ा
दुर्ग। पीपी यार्ड चरोदा भिलाई में रेलवे ठेकेदार से नया ठेका देने और पुराने बिल पास करने के बदले 50000 रुपए की रिश्वत ले रहे आरोपी पीपी यार्ड भिलाई के सीनियर डीएमई अनमोल उईके और ठेकेदार दीपक वर्मा को सीबीआई टीम अपने साथ पूछताछ के लिए रायपुर लेकर गई है।
सीबीआई टीम अपने साथ कई दस्तावेज, मोबाइल, लैपटॉप और डिजिटल सबूत भी लेकर गई है। इसके बाद आरोपी को रायपुर में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया है। कोर्ट ने आरोपी को तीन दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी से 7 जुलाई तक पूछताछ की जाएगी। ठेकेदार से रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने सीनियर डिविजनल मेकेनिकल इंजीनियर अनमोल उईके के कार्यालय मे गुरुवार की शाम को छापा मारा था। इस टीम में 0 अधिकारी शामिल थे।
जानकारी के अनुसार, अनमोल उईके पर आरोप था कि वह रेलवे ठेकेदार से नया ठेका देने और पुराने बिल पास करने के बदले 50000 रुपए रिश्वत मांगी थी। इस मामले में सीबीआई ने पहले शिकायत की जांच की। इसके बाद सीबीआई अधिकारियों ने ठेकेदार दीपक वर्मा को केमिकल लगे नोटों से भरा लिफाफा लेकर अफसर के पास भेजा था। जैसे ही अनमोल उईके ने लिफाफा लिया तभी सीबीआई की टीम ने तुरंत कार्यालय में दबिश दी और उसे रंगे हाथ पकड़ा।
शिकायत सही मिलने के बाद टीम ने कार्रवाई की है। टीम के अधिकारियों ने अनमोल उईके से लगातार पूछताछ की। यह कार्रवाई शुक्रवार दोपहर तक चली। टीम ने कार्यालय से मिले दस्तावेज और डिजिटल सामान की जांच की। इसके बाद रायपुर की डब्ल्यू आर एस कॉलोनी स्थित उनके घर की भी टीम ने जांच की थी।
1100 से अधिक युवा देंगे छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिभा खोज परीक्षा
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ प्रदेश कुर्मी क्षत्रिय समाज के युवा अध्यक्ष योगेश्वर कुमार देशमुख के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति प्रेरित करने और उनकी प्रतिभा को सामने लाने के उद्देश्य से छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिभा खोज प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन रविवार 9 अगस्त को किया जाएगा प्रदेश भर में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में 1700 से अधिक 2वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी शामिल होंगे।
परीक्षा दोपहर 4:45 बजे से 2:00 बजे तक प्रदेश के 4 परीक्षा केंद्रों में एक साथ आयोजित की जाएगी सभी अभ्यर्थियों के रोल नंबर एवं परीक्षा केंद्र जारी किए जा चुके हैं परीक्षा को व्यापम की तर्ज पर पारदर्शी एवं अनुशासित तरीके से आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है सभी केंन्द्रो में केंद्राध्यक्ष एवं विक्षकों की नियुक्ति के साथ ही केंद्रीय पर्यवेक्षक और कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है।
प्रदेश कुर्मी क्षत्रिय समाज के युवा अध्यक्ष योगेश्वर देशमुख के मार्गदर्शन तथा युवा महासचिव कमलेश देशमुख तथा शिक्षा प्रकोष्ठ के सचिव गिरीश शर्मा के नेतृत्व में परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है शनिवार से परीक्षा सामग्री का वितरण शुरू किया जा चूका है जिससे सभी केंद्रों पर समय से आवश्यक ‘व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सके। समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल तथा दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर भी परीक्षा केंद्रों में पहुंचकर अभ्यर्थियों का उत्साह वर्धन करेंगे।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालें प्रथम 0 प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे प्रथम स्थान के लिए रुपए 2000, द्वितीय रुपए 7000, तृतीय रुपए 5000,चतुर्थ रुपए 4000, पंचम रुपए 9000 तथा छठवें से दसवीं स्थान तक प्रत्येक प्रतिभागी को रुपए 3000 की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
स दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में अभियान के लोगो और क्यूआर कोड का विमोचन किया गया।
पुलिस अधीक्षक लक्ष्य विनोद शर्मा ने अभियान की रूपरेखा बताते हुए कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। आम नागरिकों में जागरूकता और सतर्कता बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है। अभियान में समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
अभियान का प्रमुख थीम साइबर जागृति की एक सेल्फी रखी गई है। नागरिक क्यूआर कोड या जारी लिंक के माध्यम से जागरूकता संदेश वाले सेल्फी फ्रेम का उपयोग कर अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करेंगे। पुलिस का उद्देश्य सोशल मीडिया की व्यापक पहुंच के जरिए साइबर अपराध से बचाव संबंधी जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
पुलिस अधीक्षक ने जिले के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक. एवं व्यापारिक संगठनों, संस्थानों, युवाओं, विद्याथियों, कलाकारों, सोशल मीडिया, इंफ्लुएंसर्स और आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
केसीजी जिले में सात सप्ताह तक अलग-अलग विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पहले सप्ताह स्कूल-कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता और ऑनलाइन सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी। दूसरे सप्ताह बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के सहयोग से यूपीआई और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव ‘पर कार्यक्रम होंगे।
8 अगस्त से जिले में मनाया जाएगा शिशु संरक्षण माह
मोहला। जिले में ।8 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक शिशु संरक्षण माह (एसएसएम ) का आयोजन किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंतर-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी ।
यह कार्यक्रम संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार संचालित होगा। अभियान के तहत जिले के 9 माह से 59 माह तक के सभी पात्र बच्चों को विटामिन-ए सिरप की खुराक पिलाई जाएगी। वहीं 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को आयरन एवं फोलिक एसिड (आईएफए) सिरप की बोतलों का वितरण किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में विटामिन-ए की कमी एवं एनीमिया की रोकथाम कर उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है।
शिशु संरक्षण माह के दौरान आयोजित होने वाले ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (टीकाकरण दिवस) को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इस दौरान विटामिन-ए अनुपूरण, आईएफए सिरप वितरण, बच्चों की एनीमिया जांच (स्क्रीनिंग ) तथा माताओं को स्तनपान संबंधी परामर्श एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
रक्षाबंधन पर वाटरप्रूफ लिफाफों से सुरक्षित पहुंचेंगी राखियां
राजनांदगांव। इस वर्ष भी महिलाओं के लिए प्रधान डाकघर प्रबंधन द्वारा विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है रक्षाबंधन पर्व को लेकर भाई-बहन के प्रेम का संदेश पहुंचाने के लिए डाक विभाग ने विशेष व्यवस्था शुरू कर दी है। दूर- ‘दराज रहने वाले भाइयों तक राखियां समय पर और सुरक्षित पहुंच सके, इसके लिए पोस्ट ऑफिस में वाटरप्रफ लिफाफों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जगह- जगह बॉक्स लगा दिए गए हैं जहां पर राखियां डाली जा रही है। ‘
राखियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर के पांच प्रमुख स्थानों पर पीले बॉक्स भी लगाए गए हैं, जहां से लोग आसानी से राखियां पोस्ट कर सकेंगे। डाक विभाग के अनुसार इन दिनों प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में राखियां रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजी जा रही हैं। शहर की बाजार में भी खरीदारी करने महिलाएं काफी संख्या में पहुंच रही हैं। इस बार भी बाजार में रंग बिरंगी ‘राखियों की भरमार है।
रक्षाबंधन नजदीक आने के साथ ही बाजारों में भी चहल- ‘पहल बढ़ गई हैं। राखियों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। रंग- बिरंगी राखियों के साथ मिठाई, कपड़े और उपहारों की खरीदारी भी तेज हो गई है। डाक विभाग ने लोगों से अपील की है कि राखियां समय पर ते के लिए अंतिम समय की भीड़ से बचते हुए जल्द ही डाक बुक कराएं, ताकि पर्व के पहले बहनों का प्यार भाइयों तक पहुंच सके।
प्रधान डाकघर के तिवारी ने बताया ‘कि इस वर्ष भी महिलाओं की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर बॉक्स लगा दिए गए हैं। इसके साथ-साथ ‘लिफाफे की भी व्यवस्था कराई जा रही है।
महाविद्यालयों में प्रवेश के अंतिम दिन दाखिले के लिए उमड़ी विद्यार्थियों की भीड़
राजनांदगांव। महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया के अंतिम दिन शहर के विभिन्न कॉलेजों में विद्यार्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्वशासी दिग्विजय महाविद्यालय सहित अन्य शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में सुबह से ही दाखिले के लिए छात्र-छात्राओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
बीएससी मैथ्स और बायो में अभी भी सीट खाली बताई जा रही है। कई महाविद्यालयों में सीट खाली होने के कारण दुर्ग विश्वविद्यालय प्रबंधन से अनुमति भी मांगी जा रही है लेकिन अभी तक किसी प्रकार का आदेश नहीं आने से प्रबंधन भी चिंतित नजर आ रहा है प्रवेश की अंतिम तिथि नजदीक आने के कारण विद्यार्थी अपने दस्तावेजों की जांच, फीस जमा करने और सीट सुरक्षित करने के लिए कॉलेजों में पहुंचते रहे।
दिग्विजय महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने से परिसर में दिनभर चहल-पहल बनी रही। वहीं दूसरी ओर जिले के सैकड़ों विद्यार्थी अभी भी प्रवेश से वंचित हैं। कई विद्यार्थियों को मनपसंद विषय और महाविद्यालय में सीट नहीं मिल पाई है। विज्ञान सहित कुछ अन्य संकायों में सीट खाली होने के बावजूद प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने से विद्यार्थियों में चिंता बनी हई है।
विद्यार्थियों का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश ‘तिथि बढ़ाई जाती है या अतिरिक्त अवसर दिया जाता है तो उन्हें राहत मिल सकती है। अब सभी की नजरें विश्वविद्यालय के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं। कॉलेज प्रबंधन भी विश्वविद्यालय के निर्देशों का है इंतजार कर रहा है, ताकि प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों के संबंध में आगे की प्रक्रिया तय की जा सके।
सचिव ने लाखों का भुगतान अटकाया, कर्ज में डूबा पूर्व सरपंच!
छुरिया। सचिव द्वारा लाखों रुपए के निर्माण कार्यों का भुगतान अटकाए जाने से पूर्व सरपंच कर्ज में डूब गया है। लाख गुहार लगाने के बावजूद निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे पीड़ित होकर पूर्व सरपंच ने जनपद अध्यक्ष संजय सिन्हा से मदद की गुहार लगाई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बैरागीभेड़ी के पूर्व सरपंच संतोष कुमार कुंजाम का कहना है कि उसने अपने कार्यकाल के दौरान ग्राम पंचायत बैरागीभेड़ी तथा आश्रित ग्राम दीवान टोला में 6 लाख की लागत से महिला शेड निर्माण, चार लाख की लागत से कंपोस्ट खाद का निर्माण, 3.50 लाख की लागत से मुर्गी शेड का निर्माण, लगभग चार लाख की लागत से सोखता गड़ढा का निर्माण, सीसी रोड निर्माण आंगनवाड़ी भवन निर्माण, सहित अन्य निर्माण कार्य कराए हैं। इसके अलावा मनरेगा, स्वच्छ भारत अभियान आदि कार्यों में भी लाखों रुपए खर्च हो गए।
पूर्व सरपंच का आरोप है कि ग्राम पंचायत बैरागीभेड़ी के सचिव लक्ष्मी साहू द्वारा जानबूझकर उसके कार्यकाल में किए गए निर्माण कार्यों का भुगतान अटका दिया गया है । अब स्थिति यह है कि जिन लोगों से उसने कर्ज लेकर निर्माण कार्य कराया है, वह बकाया भुगतान के लिए तगादा कर रहे हैं । आलम यह है कि निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं होने के कारण वह आर्थिक संकट में फंस गया है।
पूर्व सरपंच संतोष कुंजाम ने कहा कि ग्राम पंचायत बैरागीभेड़ी के सचिव लक्ष्मी साहू द्वारा जानबूझकर उसके कार्यकाल में किए गए निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं कराया जा रहा है जिससे वह आर्थिक संकट से जूझ रहा है। दूसरी ओर कर्जदार अलग से परेशान कर रहे हैं। पूर्व सरपंच संतोष कुंजाम ने जनपद अध्यक्ष संजय सिन्हा से लगाई गई मदद की गुहार में कहा ‘कि यदि उसके द्वारा किए गए निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं हुआ और कर्जदार परेशान करते रहे तो वह आगामी 5 दिनों के बाद जनपद कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगा।


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