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उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में घर-घर होगा असाक्षरों का सर्वेक्षण सितंबर 2026 की महापरीक्षा में शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश

कोण्डागांव,  असल बात News राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप भारत सरकार द्वारा संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर...

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कोण्डागांव, 

असल बात News

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप भारत सरकार द्वारा संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के उन वयस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्होंने औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की है। कार्यक्रम के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल तथा बुनियादी शिक्षा का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।


इसी क्रम में राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार जिला कोण्डागांव में कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान द्वारा 03 जुलाई 2026 को जिले के सभी संकुल समन्वयकों की बैठक आयोजित की गई।


बैठक में उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के असाक्षर वयस्कों की पहचान के लिए युद्धस्तर पर घर-घर सर्वेक्षण अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को भी सर्वेक्षण एवं पोर्टल में पंजीयन की जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए गए।


जिले के सभी विकासखंडों में सर्वेक्षण, पंजीयन, मुनादी, दीवार लेखन, पोस्टर, बैनर तथा घर-घर संपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों, शासकीय एवं अशासकीय विभागों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा कर्मियों, एनसीसी एवं एनएसएस स्वयंसेवकों तथा जनप्रतिनिधियों के सहयोग से असाक्षर व्यक्तियों की पहचान का कार्य व्यापक स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए गए।


बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सितंबर 2026 में आयोजित होने वाली उल्लास महापरीक्षा में जिले के सभी चिन्हित असाक्षर वयस्कों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले का कोई भी 15 वर्ष से अधिक आयु का नागरिक शिक्षा के अधिकार और साक्षरता के अवसर से वंचित न रहे।