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नारेबाज़ी और व्यवधान से कोई नेता नहीं बनता; तथ्य, तर्क और विचार ही नेतृत्व की पहचान हैं : लोक सभा अध्यक्ष

  जनप्रतिनिधियों को समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज़ बनना चाहिए : लोक सभा अध्यक्ष लोक विश्वास लोकतांत्रिक संस्थाओं की सबसे बड़ी शक्ति है : लोक...

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जनप्रतिनिधियों को समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज़ बनना चाहिए : लोक सभा अध्यक्ष

लोक विश्वास लोकतांत्रिक संस्थाओं की सबसे बड़ी शक्ति है : लोक सभा अध्यक्ष

अध्ययन, संवाद और सेवा प्रभावी नेतृत्व की आधारशिला हैं : लोक सभा अध्यक्ष

पश्चिम बंगाल को एक बार फिर राष्ट्र को दिशा देने का दायित्व निभाना चाहिए : लोक सभा अध्यक्ष

लोक सभा अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्यों के प्रबोधन कार्यक्रम के समापन सत्र को किया संबोधित

कोलकाता  .

असल बात news.  

4 जुलाई,2026.

लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज कहा कि सार्थक लोकतांत्रिक संवाद ही प्रभावी विधायी कार्यप्रणाली का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का निर्माण तर्कपूर्ण विचार-विमर्श, तथ्यों और रचनात्मक विचारों से होता है, न कि नारेबाज़ी, व्यवधान या विधायी गतिरोध से। उन्होंने कहा कि विधानमंडल चर्चा, विचार-विमर्श और समाधान का मंच है। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि वे संसदीय संवाद की गुणवत्ता को समृद्ध करें तथा सदन में होने वाली चर्चाओं को जनहित के मुद्दों के समाधान और राज्य के विकास से जोड़ें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की शक्ति सार्थक संवाद, परस्पर सम्मान और जनकल्याण के प्रति साझा प्रतिबद्धता में है।

श्री बिरला ने यह विचार लोक सभा सचिवालय के पार्लियामेंटरी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज़ (प्राइड) द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा के सहयोग से आयोजित 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के समापन सत्र में व्यस्त किए।  कार्यक्रम के समापन सत्र में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री आर. एन. रवि ने समापन उद्बोधन दिया।

श्री बिरला ने विधानसभा के सदस्यों से समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज़ बनने तथा जनता की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सबसे बड़ी शक्ति जनता द्वारा उन पर किया गया विश्वास है। निर्वाचित प्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता की समस्याओं, चुनौतियों और आकांक्षाओं को सदन में प्रभावी ढंग से उठाएँ तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से उनके समाधान का प्रयास करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सदस्य समर्पित जनसेवा और उत्तरदायी आचरण के माध्यम से पश्चिम बंगाल की जनता द्वारा व्यक्त विश्वास पर खरे उतरेंगे।

लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा के सदस्य केवल अपने निर्वाचन क्षेत्रों के प्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के विकास और भविष्य के सहभागी भी हैं। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन व्यापक और समावेशी दृष्टिकोण के साथ करें तथा ऐसी नीतियों, कानूनों और विकासोन्मुखी पहलों के निर्माण में सामूहिक रूप से योगदान दें, जो पश्चिम बंगाल को नई दिशा प्रदान करें।

स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्री बिरला ने कहा कि उनका जीवन, उनके आदर्श और उनकी आध्यात्मिक दृष्टि आज भी पीढ़ियों को प्रेरित कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं और नेतृत्व, दोनों के लिए मार्गदर्शक हैं तथा यह बताते हैं कि समर्पण, चरित्र और समाज के प्रति प्रतिबद्धता से परिवर्तनकारी बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि बंगाल की समृद्ध आध्यात्मिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत ने सदैव राष्ट्र का मार्गदर्शन किया है और आज भी भारत की लोकतांत्रिक एवं विकास यात्रा को प्रेरणा प्रदान कर रही है।