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सिर्फ नक्सल-मुक्त होना काफी नहीं, 2031 तक पूरी तरह विकसित बस्तर बनाना लक्ष्य,2031 में जब बस्तर विकसित होगा तब दुनिया देखेगी कि विकास को नक्सलवाद ने रोका था

  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बस्तर नक्सलमुक्त हुआ है, अब सुरक्षा से विश्वास, विश्वास से विकास, विकास से समृद्धि और सम...

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बस्तर नक्सलमुक्त हुआ है, अब सुरक्षा से विश्वास, विश्वास से विकास, विकास से समृद्धि और समृद्धि से संतृप्ति, यह 5 वर्षों में पूर्ण करनी है

आने वाले 5 साल में बस्तर की आय 6 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य है

नक्सलमुक्त भारत का सम्पूर्ण श्रेय उन सुरक्षा बल के जवानों और उनके परिजनों को जाता है, जिन्होंने इस लड़ाई में सर्वोच्च बलिदान दिया, उन सभी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ

केंद्रीय गृह मंत्री ने सरेंडर नक्सलियों की साइकोलॉजिकल मैपिंग, स्किलिंग और शिक्षा पर जोर दिया; कहा जो विक्टिम थे, उनका सिस्टम में सम्मान के साथ जीने का पूरा हक है

बस्तर आने वाले 6 महीनों में सहकारी डेयरी के विशाल नेटवर्क के रूप में उभरेगा, प्रत्येक आदिवासी महिला को एक गाय एवं एक भैंस प्रदान की जाएगी

बस्तर में नक्सलवाद के उन्मूलन हेतु 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए थे, इनमें से एक-तिहाई कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर डेरा में परिवर्तित किया जाएगा

“सेवा डेरा” मॉडल के जरिए गांव के दरवाजे तक सरकार पहुंचाने की तैयारी, एक-एक सरकारी योजना का 100% सैचुरेशन ही विकसित बस्तर बनाएगा

बस्तर में वन उपज एवं कृषि से होने वाले पूरे मुनाफे का लाभ अब सीधे आदिवासियों तक पहुँचेगा

बस्तर ओलंपिक्स और बस्तर पंडुम ट्राइबल यूथ एंगेजमेंट और आदिवासी कल्चरल रिवाइवल के मॉडल हैं

नक्सलवाद की समाप्ति के बाद माओवादी भेष और नाम बदलकर पुनः प्रकट होंगे - किसी के बहकावे में न आएँ

 छत्तीसगढ़  .
असल बात news. 

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज यहां कहां है कि सिर्फ नक्सल-मुक्त होना काफी नहीं है वरन बस्तर को वर्ष 2031 तक पूरी तरह विकसित बस्तर बनाना का हमारा लक्ष्य है और वर्ष 2031 में जब बस्तर विकसित होकर सामने आएगा तब दुनिया देखेगी, और सबको समझ आएगा कि यहां  विकास को नक्सलवाद ने रोककर रखा था. उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कहां की नक्सलवाद की समाप्ति के बाद माओवादी नाम और भेष बदलकर पुन:प्रकट होंगे. केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने यहां जगदलपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उक्ताशय की बातें कही है

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में हमारी पार्टी की सरकार श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में बनी उस वक्त केन्द्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी पार्टी की सरकार थी। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 में यहां हमारी पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद हमने बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए फिर से कवायद शुरू की। श्री शाह ने कहा कि 24 अगस्त, 2024 को सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक के बाद घोषणा की गई कि 31 मार्च 2026 को देश को हम नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के पराक्रम, साहस और बलिदान के कारण 31 मार्च, 2026 की जो तिथि तय हुई थी, उससे पहले ही देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हो चुका है।

श्री अमित शाह ने कहा कि 19 मई 2026 की तिथि का भी बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि जब से नक्सलबाड़ी से नक्सलवाद फैलना शुरू हुआ, इसके पक्षधर बुद्धिजीवी लोग यह कहते थे कि नक्सलवाद इसलिए अस्तित्व में आया है कि कुछ क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि यह वास्तविकता नहीं थी क्योंकि देश के कई हिस्से ऐसे थे जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र से भी ज्यादा पिछड़े हुए थे, लेकिन वहां नक्सलवाद नहीं फैला और वो सभी क्षेत्र धीरे-धीरे विकास की ओर बढ़ गए। उन्होंने कहा कि लेकिन हमारा बस्तर और कई नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र विकसित नहीं हो सके।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 19 मई 2026 को उसी पूर्ववर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संपूर्ण विकास की परिकल्पना को लॉन्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कल ही ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ का उद्घाटन किया गया है। बस्तर के सात जिलों को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा यहां लगभग 200 सुरक्षा कैंप बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि आज जब बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है, तब हमने तय किया है कि प्रथम चरण में इन 200 कैंपों में से 70 कैंप (लगभग एक-तिहाई) को हम ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ में बदल देंगे। सरकार को गांव और सरकारी सुविधाओं को बस्तर के हर आदिवासी भाई-बहन के घर तक ले जाना ही वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा का काम है। इस सेवा डेरा में बैंकिंग सुविधा होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, सारी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ भी जनता को मिलेगा। एक ही सेवा डेरे में विकास के सारे काम उपलब्ध हो जाएंगे और इसका उद्देश्य है कि 50 साल से विकास के महरूम रह गए नागरिकों को सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ मिले। श्री शाह ने कहा कि इस सेवा डेरा में प्राथमिक कृषि ऋण समिति (PACS) भी बनेगा, डेयरी भी बनेगी और यहां तक हर आदिवासी महिला अपने पशुओं का दूध पहुंचा सकेंगी। श्री शाह ने कहा कि इसी सेवा डेरा के माध्यम से हम बस्तर के हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस देने वाले हैं जिनके माध्यम से सहकारिता के तरीके से वह दूध की पूरे भारत में मार्केटिंग कर पाएंगे। आने वाले 6 माह में हम बस्तर संभाग में डेयरी का एक बड़ा नेटवर्क बनाने जा रहे हैं