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छत्तीसगढ़ भाजपा के कोर ग्रुप का पुनर्गठन, वरिष्ठ जनों को विश्राम देने की कवायद, नए चेहरे पर भरोसा, आदिवासी नेत्री लता उसेंडी को फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी, भाजपा, यहां आदिवासी वर्ग को साधने की लगातार कोशिश में

                        0 अशोक त्रिपाठी रायपुर . असल बात news.  छत्तीसगढ़ में जब,नए मंत्रिमंडल का गठन हुआ तो उसमें वे नाम भी कट गए,जिनको मंत...

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                     0 अशोक त्रिपाठी

रायपुर .

असल बात news. 

छत्तीसगढ़ में जब,नए मंत्रिमंडल का गठन हुआ तो उसमें वे नाम भी कट गए,जिनको मंत्रिमंडल में शामिल होने की बड़ी उम्मीदें थी.और बाद में तो वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल को मंत्री पद से हटाकर सांसद की टिकट दे दी गई.उस समय नए मंत्रिमंडल में जिस तरह से कई सारे बड़े नेताओं की छुट्टी कर दी गई,उसके बाद यहां यह अनुमान गहराता जा रहा था कि  विभिन्न राजनीतिक पदों पर वर्षों से जमे बड़े नेताओं की,भी अब वहां से छुट्टी होने वाली है और ऐसा अब शुरू भी होता दिख रहा है.भाजपा के कोर ग्रुप में बड़ा परिवर्तन कर दिया गया है.पार्टी के कोर ग्रुप में अब उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी,विधायक व पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल और विधायक व बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी को शामिल कर लिया गया है.उल्लेखनीय की लता उसेंडी आदिवासी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं.इस तरह से पार्टी नेआदिवासी क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की भी कोशिश की है.

पिछले कुछ वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ प्रदेश में,भाजपा के खेमे में कई सारे राजनीतिक समीकरण बदलते हुए दिखे हैं.पार्टी अब कई मामलों में फूंक-फूँक कर कदम रख रही है. वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को जब छत्तीसगढ़ में बड़ी पराजय का सामना करना पड़ा तो उसके बाद समझ आ गया कि यहां कुछ ना कुछ गड़बड़ है और उसके लिए पार्टी के भीतर भी कुछ जिम्मेदारियां हैं.इसके बाद कठोर निर्णय लेने शुरू गए.जिन्हें उम्मीद नहीं थी कठोर निर्णय लेते हुए उन लोगों को भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई. अभी तीन राज्यों के चुनाव में जीत मिलने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर, निश्चित रूप से पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ा है और कहा जा सकता है कि नई परिस्थितियों में अब कड़े सुधारात्मक निर्णयों को और तेजी से लागू करने की कोशिश की जा रही है. अभी जब छत्तीसगढ़ भाजपा के कोर ग्रुप की बैठक हुई तो उसमें कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित नहीं थे.तब से ही यह कयास लगाया जाने लगा कि कहीं अब इन वरिष्ठ सदस्यों की कोऱ ग्रुप में सदस्यता ख़त्म तो नहीं हो गई है.और अब इस अनुमान की करीब करीब पुष्टि हो गई है. 

कोर ग्रुप के इस बड़े परिवर्तन और पुनर्गठन में युवा चेहरों को महत्व दिया गया है.कहा जा रहा है कि संगठन की नजर,अब आगामी वर्ष 2028 के चुनाव की ओर नजर है और उसी के मद्देनज़र निर्णय आ रहे हैं. अभी जो नगरीय निकायों के चुनाव होने जा रहे हैं उसमें भी बड़ा परिवर्तन दिखने की संभावना है. बहुत सारे पुराने चेहरों को आराम देने की तैयारी की जा रही है.

कोर ग्रुप की ताजा बैठक में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह सम्भवतः स्वास्थ्यगत कारणों की वजह से उपस्थित नहीं हुए थे.वही वरिष्ठ सदस्य श्री बृजमोहन अग्रवाल,श्री राम विचार नेताम, पूर्व मंत्री पुन्नू लाल मोहले, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह और गौरी शंकर अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित नहीं थे. इसके बाद से राजनीतिक गलियारे में अनुमानों का दौर तेज हो गया है.बताया है कि पार्टी के प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने  पुनर्गठन की पुष्टि की है.

पार्टी में इसे सामान्य नहीं,बहुत बड़ा फेरबदल कहा जा रहा है.कहा जा रहा है कि कई सारी शिकायतें हैं और पार्टी, अब महसूस करती है कि पुरानी चेहरों से आमजन बोर होने लगे हैं इसलिए उन्हें विश्राम दिया जाना जरूरी हो गया है.कोर ग्रुप में इस पुनर्गठन के बाद राजनीतिक गलियारे में,आरोप- प्रत्यारोपों का दौर भी शुरू हो गया है. वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी में अब उन लोगों के लिए जगह खत्म होती जा रही है जो लंबे समय तक विभिन्न पदों पर बैठे हुए रहे हैं. उन्हें अब आराम दिया जाएगा और नए चेहरों को जगह दी जाएगी. देखना है कि नए निर्णय पार्टी के लिए पॉजिटिव साबित होंगे कि अथवा... कहीं कोई विरोध के स्वर भी सुनाई देने लगेंगे.