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स्वरूपानंद महाविद्यालय में “महिला स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवन शैली – तनावमुक्त जीवन के लिए मार्गदर्शन” विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन

  भिलाई . असल बात news.   स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय,  हुडको, भिलाई में शिक्षा विभाग, आईक्यूएसी सेल, निर्देशन एवं परामर्श से...

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 भिलाई .

असल बात news.  

स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय,  हुडको, भिलाई में शिक्षा विभाग, आईक्यूएसी सेल, निर्देशन एवं परामर्श सेल, महिला सेल के संयुक्त तत्वावधान तथा आरोग्य भारती के संयोजन से “महिला स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवन शैली” विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन शैली, संतुलित आहार एवं तनाव प्रबंधन के महत्व से अवगत कराना था, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें और शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बना सकें।आरोग्य भारती का मुख्य उद्देश्य रोगमुक्त एवं स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।यह “रोग से पहले रोग-निवारण” के सिद्धांत पर विशेष बल देता है।

श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर के मुख्य कार्यकारिणी अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा एवं डॉ. मोनिषा शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों के लिए मानसिक एवं शारीरिक संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। 

उप प्राचार्य डॉ. अजरा हुसैन ने उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों पर पढ़ाई एवं करियर का दबाव बढ़ रहा है, साथ ही अनियमित दिनचर्या और असंतुलित खानपान के कारण तनाव एवं विभिन्न रोगों की समस्या भी बढ़ रही है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नियमित जीवन शैली अपनाने और स्वस्थ रहने के लिए जागरूक करते हैं।

प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। विद्यार्थियों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासित दिनचर्या, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच अपना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

डॉ  रीता श्रीवास्तव अखिल भारतीय महिला प्रमुख, आरोग्य भारती ने भारतीय परंपरागत ज्ञान को वैज्ञानिक बताते हुए कहा हमारी संस्कृति में स्वास्थ्य संबंधी अनेक ऐसे उपाय हैं जो आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने तुलसी के औषधीय गुणों का उल्लेख करते हुए बताया कि यह संक्रमण से बचाव में सहायक होती है। उन्होंने बताया तुलसी में अद्भुत औषधीय गुण पाए जाते हैं, इसी कारण भोजन में तुलसी पत्ते  का प्रयोग परंपरागत रूप से किया जाता रहा है। प्रायः भोग या भोजन खुले स्थान पर रखा जाता है, जिससे संक्रमण की संभावना बनी रहती है, किंतु तुलसी पत्ते उसमें उपस्थित हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने में सहायक होता है।उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों की जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देर रात भोजन करना, पूरी रात जागना और दिन में सोना जैसी आदतें हमारे पाचन तंत्र एवं स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संतुलित दिनचर्या अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि “प्रातःकाल का भोजन राजा की भांति, दोपहर का सामान्य व्यक्ति की भांति और रात्रि का भोजन फ़क़ीर की तरह अत्यंत हल्का एवं सीमित मात्रा में करना चाहिए।

डॉ. मानसी गुलाटी ने स्वस्थ जीवनशैली पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भोजन में विविधता होना अत्यंत आवश्यक है। भोजन की थाली में विविध रंगों के खाद्य पदार्थ विटामिन, प्रोटीन, कार्बोहाड्रेड एवं पोषक तत्व से परिपूर्ण होता है l  उन्होंने बताया कि पारंपरिक भोजन पद्धति में दही का विशेष स्थान रहा है तथा हरी सब्जियां, आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ, दालें तथा गाजर, ककड़ी जैसे ताजे खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी   हैं। उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई दंपत्ति संतान की योजना बना रहा हो, तो उसे कम से कम तीन माह पूर्व से ही सकारात्मक विचार, उत्तम साहित्य का अध्ययन एवं संतुलित जीवनशैली अपनानी चाहिए, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव आने वाले शिशु के मानसिक एवं शारीरिक विकास पर पड़ता है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस तथ्य को हमारे ऋषि-मुनियों ने प्राचीन काल में ही समझ लिया था, जिसका वर्णन हमारे शास्त्रों में मिलता है, और आधुनिक विज्ञान ने भी इसे प्रमाणित किया है। अभिमन्यु इसका एक प्रमुख उदाहरण है।”उन्होंने आगे कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियों को भी महत्व देना चाहिए—“थोड़ा पढ़ें, थोड़ा टहलें”—तभी स्वस्थ जीवनशैली संभव है। अंत में उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए तनाव का प्रभावी प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम में मंच संचालन रिया मंडल एम.एससी. बायोटेक्नोलॉजी द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिवानी शर्मा आई.क्यू.ए.सी. प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष, बायोटेक्नोलॉजीने प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर आरोग्य भारती से डॉ. हिमाचल राजवाड़े, श्रीमती सरोजिनी राव एवं श्रीमती तुलसी साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. जया तिवारी विभागाध्यक्ष, प्राणीशास्त्र एवं. डॉ शैलजा पवार प्रो शिक्षा विभाग का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।