भिलाई . असल बात news. स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में स्टार्टअप एवं उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला व्यापार एवं...
भिलाई .
असल बात news.
स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में स्टार्टअप एवं उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, दुर्ग के सहयोग से किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता एवं उभरते स्टार्टअप अवसरों के प्रति जागरूकता विकसित करना था। इस कार्यक्रम का आयोजन वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग तथा उद्यमिता प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वाणिज्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शर्मिला सामल ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनेक विद्यार्थी नवाचार और व्यावहारिक कौशल से परिपूर्ण हैं, किन्तु उन्हें अपने विचारों को साकार रूप देने के लिए उचित मंच और दिशा की आवश्यकता होती है। एमएसएमई के संदर्भ में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छात्र उद्यमियों के सामने एक प्रमुख चुनौती वित्तीय संसाधनों की कमी होती है, जो व्यवसाय शुरू करने में बाधा बनती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के कार्यक्रम एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद विद्यार्थियों को न केवल प्रेरित करेंगे, बल्कि उन्हें व्यावहारिक समस्याओं, विशेष रूप से व्यवसाय विकास और वित्तीय संसाधनों से संबंधित चुनौतियों को समझने और दूर करने में भी सहायता करेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री बी.आर. निकुंज, मुख्य महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, दुर्ग ने कहा की इस प्रकार की कार्यशाला से युवा विद्यार्थीयों को सरकार द्वारा स्टार्टअप एवं उधमियो के लिए बनायीं गयी योजना की जानकारी मिलती है और वो स्वरोजगार शुरु कर इन योजनाओ का लाभ उठा सकते है।
श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर, हुडको के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा एवं डॉ. मोनिषा शर्मा ने कार्यक्रम आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से विद्यार्थियों को स्वरोजगार स्थापित करने में सहायता मिलती है। वे नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनकर निकलें, हमारी यही कोशिश रहती है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने उद्यमिता के वर्तमान समय में महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में नवाचार और परिवर्तन, चुनोतियो और अवसर को समझकर व्यक्ति सफल उद्यमी बन सकता है विशेषज्ञों एवं उद्योग से जुड़े व्यक्तियों के मार्गदर्शन और सहयोग से विद्यार्थी अपने विचारों को सफलतापूर्वक क्रियान्वित कर सकते हैं और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के प्रबंधक श्री तुषार त्रिपाठी थे, जिन्होंने व्यवसाय, उद्यमिता तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के महत्व पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। त्रिपाठी सर ने औधोगिक नीति दो हजार चोबीस से दो हजार तीस के तहत उद्योगों को मिलने वाली सुविधाओ के बारे में जानकारी दी दुर्ग जिले में औधोगिक विकास के संबंध में विभिन्न प्रकार की औधोगिक इकाईयो और उनके उत्पादों के बारे में भी बताया स्टार्टअप नीति दो हजार पच्चीस से मिलने वाले लाभ को अधिक से अधिक प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को प्रेरित किया। अपने वक्तव्य के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए प्रश्न किया कि व्यवसाय में किन-किन तत्वों का समावेश होना चाहिए, ट्रेडिंग का क्या अर्थ है तथा एमएसएमई की अवधारणा क्या है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि बड़े उद्योगों को एमएसएमई के अंतर्गत क्यों शामिल नहीं किया जाता।
श्री त्रिपाठी ने स्नातक उपरांत कैरियर निर्धारित करने के महत्व पर बल दिया तथा विद्यार्थियों को कौशल विकास एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता पर समान रूप से ध्यान देने की सलाह दी, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि हो सके। उन्होंने बताया कि पूर्व में जहाँ लोग पारंपरिक नौकरियों को प्राथमिकता देते थे, वहीं वर्तमान समय में उद्यमिता एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएँ उपलब्ध हैं। वक्ता ने व्यवसाय की अवधारणा एवं मूल्य संवर्धन को विस्तार से समझाते हुए बताया कि किस प्रकार व्यवसाय वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य में वृद्धि कर अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। उन्होंने अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों जैसे ट्रेडिंग, सेवा एवं विनिर्माण क्षेत्रों पर भी प्रकाश डाला तथा इनके आर्थिक विकास में योगदान को स्पष्ट किया।
श्री शैलेन्द्र सिंह, प्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, दुर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा की स्टार्टअप एवं उद्यमिता से सम्बंधित किसी भी शंका या समस्या होने पर आप हमसे संपर्क कर सकते है हमारा प्रयास होता है कि युवाओ को स्टार्टअप एवं उद्यमी बनने के लिए विभाग की योजनाओ के अनुरूप हम आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान करे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती खुशबू पाठक विभागाध्यक्ष, प्रबंधन, श्री अमरजीत स.प्रा वाणिज्य, श्री विजय मिश्रा स.प्रा वाणिज्य श्री तिलक साहू स.प्रा वाणिज्य, इंद्रानी दास स.प्रा प्रबंधन, ने विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम में मंच संचालन सहायक प्राध्यापक अमरजीत व धन्यवाद ज्ञापन डॉ शर्मिला सामल विभागाध्यक्ष वाणिज्य ने दिया कार्यक्रम में वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के समस्त विद्यार्थी शामिल हुए।



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