Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

Automatic Slideshow


क्लीनिक की आड़ में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क संचालित कर रहा था, आरोपी गिरफ्तार

  कवर्धा। कबीरधाम पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट मैचों में ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मोबाइल फोन...

Also Read

 कवर्धा। कबीरधाम पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट मैचों में ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार थाना कवर्धा की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बस स्टैंड स्थित एक क्लीनिक में एक व्यक्ति आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चला रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वीरस्तंभ चौक से गवाहों को साथ लेकर बताए गए स्थान पर दबिश दी। मौके पर एक व्यक्ति मिला, जिसने पूछताछ में अपना नाम नीलकमल अधिकारी (43 वर्ष), निवासी मुर्शीदाबाद (पश्चिम बंगाल) हाल मुकाम प्रोफेसर कॉलोनी कवर्धा बताया। संदेह के आधार पर उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।



मोबाइल की जांच करने पर पाया गया कि आरोपी विभिन्न आईडी के माध्यम से आईपीएल मैचों में हार-जीत और प्रत्येक ओवर पर दांव लगाते हुए ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस ने मोबाइल से संबंधित स्क्रीनशॉट साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किए हैं। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 एवं 7 के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अवैध जुआ और सट्टेबाजी से दूर रहें। इस तरह की गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


सोशल मीडिया से चल रहा था डिजिटल सट्टा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ पुलिस ने भी हाई-टेक तरीके से संचालित हो रहे एक बड़े क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने मुख्य सरगना देव बंसल को रायपुर से गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ है कि सट्टे का यह पूरा कारोबार बिना किसी भौतिक सेटअप के पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सिमट चुका था।


इस कार्रवाई की नींव 16 फरवरी को पड़ी, जब चक्रधर नगर पुलिस ने बोईरदादर स्थित एक उद्योग में दबिश देकर विकास अग्रवाल और विनय अग्रवाल को रंगे हाथों पकड़ा था। इन आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें खरसिया के गगन अग्रवाल का नाम सामने आया। गगन की गिरफ्तारी के बाद जब तकनीकी जांच शुरू हुई, तब पुलिस के हाथ इस नेटवर्क के मुख्य संचालक देव बंसल तक पहुंचे। मुख्य आरोपी देव बंसल को रायपुर स्थित उसके फ्लैट से घेराबंदी कर पकड़ा गया। उसके पास से जब्त आईफोन 16 प्रो की बारीकी से जांच करने पर पुलिस को ऑनलाइन लेनदेन के पुख्ता रिकॉर्ड, क्रिकेट सट्टे की चैट और विभिन्न राज्यों की यात्रा के टिकट मिले।