कवर्धा,असल बात शिक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों और युवाओं को शिक्षा से जोड़ने का जो कार्य किया है, वह अत्यंत सराहनीय है-पुलिस अधी...
कवर्धा,असल बात
शिक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों और युवाओं को शिक्षा से जोड़ने का जो कार्य किया है, वह अत्यंत सराहनीय है-पुलिस अधीक्षक श्री धमेन्द्र सिंह
कबीरधाम जिले में नक्सल प्रभावित ग्रामों के बच्चों और युवाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री धमेन्द्र सिंह (आईपीएस) द्वारा इन शिक्षकों को शॉल भेंटकर उनका अभिनंदन किया गया। यह सम्मान उन शिक्षकों को दिया गया, जो सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों को निरंतर शिक्षा प्रदान कर रहे हैं और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर कर रहे हैं। इन शिक्षकों के प्रयासों से अनेक बच्चे एवं युवा शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़े हैं। उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के दृढ़ संकल्प एवं प्रभावी नीतियों के परिणामस्वरूप कबीरधाम जिला आज नक्सल मुक्त हो चुका है। इस उपलब्धि में पुलिस के साथ-साथ इन शिक्षकों का भी सराहनीय योगदान रहा है।
पुलिस अधीक्षक श्री धमेन्द्र सिंह (आईपीएस) ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार ही स्थायी शांति और विकास का सबसे मजबूत आधार है। इन शिक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों और युवाओं को शिक्षा से जोड़ने का जो कार्य किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। कबीरधाम पुलिस आगे भी ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करती रहेगी, जिससे हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार और बेहतर भविष्य मिल सके। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र सिंह बघेल, श्री अमित पटेल, कवर्धा एसडीओपी श्री आशीष शुक्ला, निरीक्षक श्री नितिन तिवारी, प्रधान आरक्षक श्री घनाराम सिन्हा, श्री चंद्रशेखर शर्मा, श्री मनीष मिश्राा सहित उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कबीरधाम पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत नक्सल प्रभावित ग्रामों में स्कूलों का संचालन किया जा रहा है, जहाँ बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च भी पुलिस विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, वनांचल क्षेत्रों में पढ़ाई छोड़ चुके युवाओं को पुनः शिक्षा एवं रोजगार से जोड़ने हेतु विशेष पहल की गई है। पुलिस विभाग द्वारा ऐसे युवाओं के लिए ओपन स्कूल परीक्षा के फार्म स्वयं के व्यय से भरवाए गए तथा उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए वाहन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इन शिक्षकों ने युवाओं को कोचिंग प्रदान कर उन्हें परीक्षा के लिए तैयार किया, जिसके परिणामस्वरूप कई युवा ओपन परीक्षा उत्तीर्ण कर आज विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी प्राप्त कर अपने जीवन को संवार रहे हैं।
असल बात,न्यूज


"
"
" alt="" />
" alt="" />


