दुर्ग,असल बात चिकित्सा सेवा संस्थान संरक्षण अधिनियम एवं बीएनएस की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की गई।* साक्ष्य, गवाहों के...
दुर्ग,असल बात
चिकित्सा सेवा संस्थान संरक्षण अधिनियम एवं बीएनएस की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की गई।*
साक्ष्य, गवाहों के कथन एवं इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणों के आधार पर आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया।
आरोपी को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजते हुए प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है।
संक्षिप्त विवरण :
आवेदक निर्मल सिंह, मैनेजर एस.बी.एस. हॉस्पिटल भिलाई द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई कि आरोपी गुरूमीत सिंह वाधवा द्वारा हॉस्पिटल प्रबंधन को ब्लैकमेल कर 5,00,000 रुपये की अवैध मांग की जा रही थी तथा भय उत्पन्न कर दबाव बनाया जा रहा था। आवेदन के परीक्षण पर प्रथम दृष्टया आरोपी का कृत्य छत्तीसगढ़ चिकित्सा रक्षक तथा चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा तथा संपत्ति की क्षति या हानि की रोकथाम) अधिनियम 2010 की धारा 3 एवं धारा 308 बीएनएस के तहत अपराध पाए जाने पर थाना छावनी में अपराध क्रमांक 230/2026 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान गवाहों के कथन लेखबद्ध किए गए, जिन्होंने शिकायत की पुष्टि की। प्रकरण में घटना समय आरोपी की उपस्थिति संबंधी 13 नग मोबाइल फोटोग्राफ एवं अस्पताल उपचार से संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य संकलित किए गए। पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर आज दिनांक 24.04.2026 को आरोपी की तलाश हेतु पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर आरोपी गुरूमीत सिंह वाधवा को उसके निवास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने तथा पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया।
घटना का कारण :
अवैध धन उगाही एवं दबाव बनाकर ब्लैकमेलिंग करने का प्रयास।
घटनास्थल :
एस.बी.एस. हॉस्पिटल, भिलाई, जिला दुर्ग।
आरोपी का नाम :
1. गुरूमीत सिंह वाधवा, उम्र लगभग 55 वर्ष, निवासी सुंदर नगर, भिलाई।
जप्त सामग्री :
1. 13 नग मोबाइल फोटोग्राफ (इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य)
2. प्रकरण से संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य
सराहनीय भूमिका :
उक्त कार्यवाही में थाना छावनी पुलिस स्टाफ एवं विवेचना टीम की सराहनीय भूमिका रही, जिनके द्वारा त्वरित साक्ष्य संकलन एवं प्रभावी घेराबंदी कर आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई।
दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आमजन से अपील करती है कि ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली अथवा किसी भी प्रकार की आपराधिक दबाव संबंधी सूचना तत्काल पुलिस को दें। चिकित्सा संस्थानों एवं सार्वजनिक संस्थानों में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
असल बात,न्यूज


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