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लोक सभा अध्यक्ष ने विधि निर्माताओं से राजनीति से ऊपर उठकर ईमानदारी और निष्ठा से जनता की सेवा करने का आग्रह किया,राष्ट्रमंडल संसदीय संघ, भारत क्षेत्र, जोन - सात के प्रथम सम्मेलन का उद्घाटन

  वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा विधि निर्माताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है: लोक सभा अध्यक्ष लोक सभा अध्यक्ष न...

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वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा विधि निर्माताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है: लोक सभा अध्यक्ष

लोक सभा अध्यक्ष ने जन कल्याण और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए राज्य विधानमंडलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी उन्नत तकनीक के दौर में भी मानवीय संवेदना का समान महत्व है: लोक सभा अध्यक्ष

जन प्रतिनिधियों को विधायी प्रक्रियाओं की जितनी अधिक जानकारी होगी, सदन में उनकी भागीदारी उतनी ही मजबूत और प्रभावी होगी: लोक सभा अध्यक्ष


 नई दिल्ली .
असल बात news.  

लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज विधि निर्माताओं से कहा कि वे अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर पूरी ईमानदारी के साथ जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओंपरखराउतरें उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की अपेक्षाओं को पूरा करेंलोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाएं और पारदर्शीसमावेशी तथा जवाबदेह शासनसुनिश्चितकरें.उन्होंने यह भी कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए दूरदर्शितासमर्पण और जन कल्याण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता आवश्यक है. गुण एक विकसितन्यायपूर्ण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए जरूरी हैं। श्री बिरला ने ये बातें राष्ट्रमंडल संसदीय संघभारत क्षेत्रजोनसात के प्रथम सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान कहीं।

युवा विधि निर्माताओं की भूमिका पर बोलते हुएश्री बिरला ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि भविष्य के नेताओं के रूप में युवाओं को नई नीतियाँ बनानेसभी वर्गों के विकास को आगे बढ़ाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की ऊर्जानई सोच और जन सेवा के प्रति समर्पण देश को समृद्धआत्मनिर्भर और न्यायपूर्ण बना सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी विकास सुनिश्चित कर सकता है।

विधायी संस्थाओं की बदलती भूमिका पर अपने विचार रखते हुएश्री बिरला ने कहा कि जन कल्याण और अच्छे शासन के लिए राज्यों के विधानमंडलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र को दुनिया की सबसे बेहतर शासन प्रणाली माना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि 1952 से हर चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ना भारत के मजबूत और जीवंत लोकतंत्र का प्रमाण है।

श्री बिरला ने अनुसंधाननवाचार और तकनीक के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जन प्रतिनिधियों को विज्ञान और तकनीक की शक्ति का उपयोग करके लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआईजैसी आधुनिक तकनीकों के इस दौर में भी मानवीय संवेदनशीलता उतनी ही जरूरी है। उन्होंने विधि निर्माताओं से कहा कि वे जनता से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझें और सहानुभूति के साथ उनका समाधान करें। उन्होंने विधायी कार्योंनियमों और प्रक्रियाओं को समझने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो प्रतिनिधि नीतियों और कानूनों पर चर्चा में सक्रिय रहते हैंवे अपने राज्यों में मजबूत नेता बनकर उभरते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विधि निर्माताओं को प्रक्रियाओं की जितनी अधिक जानकारी होगीउनकी भागीदारी उतनी ही प्रभावी होगी।

श्री बिरला ने गोवा के पर्यटनसमृद्ध संस्कृति और ऊर्जा की सराहना की। उन्होंने सीपीए जोन–VII में शामिल राज्योंमहाराष्ट्रगुजरात और गोवाकी लोकतांत्रिक परंपरा और प्रगतिशील सोच की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाएँ बहुत अधिक हैं और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मजबूत विधायी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

उन्होंने आगे कहा कि सीपीए इंडिया रीजन के नए जोन–VII के अंतर्गत आने वाले राज्यों के सामने अलग-अलग चुनौतियाँ हैंलेकिन सहयोग और मिलकर काम करने की भावना से इन चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से तटीय विकास जैसे क्षेत्रों में राज्य एक-दूसरे से सीख सकते हैं और सर्वोत्तम तरीकों को अपनाकर आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत को आगे बढ़ाने के लिए सहयोगनवाचार और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन बहुत आवश्यक है।

इस अवसर पर राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंशगोवा के मुख्यमंत्री डॉप्रमोद सावंतमहाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति श्री राम शिंदे और महाराष्ट्र विधान सभा के अध्यक्ष श्री राहुल नार्वेकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में गोवा विधानसभा के अध्यक्ष डॉगणेश गांवकर ने स्वागत भाषण दिया और उपाध्यक्ष श्री जोशुआ डिसूजा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।