दुर्ग . असल बात news. 13 मार्च 2026. छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा 14 मार्च 2026 को दुर्ग प्रवास पर रहेंगे। जा...
दुर्ग .
असल बात news.
13 मार्च 2026.
छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा 14 मार्च 2026 को दुर्ग प्रवास पर रहेंगे। जानकारी के अनुसार वे यहां राष्ट्रीय लोक अदालत का करेंगे शुभारंभ करेंगे.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा शनिवार को सुबह 10.00 बजे रायपुर से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर 10.45 बजे दुर्ग पहुँचेंगे। वे यहाँ जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ करेंगे तथा जिला न्यायालय दुर्ग का दौरा करेंगे। तत्पश्चात सुबह 11.30 बजे सड़क मार्ग द्वारा वापस रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
*-पोर्टफोलियो जज न्यायमूर्ति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी भी करेंगे शिरकत
*-राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए न्यायालयों में कुल 39 पीठों का किया गया गठन
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दिनांक 14 मार्च 2026 को जिला न्यायालय दुर्ग एवं उसके अधीनस्थ न्यायालयों में किया जा रहा है। इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर श्री रमेश सिन्हा राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ करेंगे। माननीय के करकमलों द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभ आगाज़ त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण न्याय की भावना को और सुदृढ़ करेगा। उनकी उपस्थिति से यह प्रयास न केवल त्वरित और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करेगा, बल्कि न्याय व्यवस्था में विश्वास और समर्पण की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा। कार्यक्रम की शोभा माननीय न्यायमूर्ति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ एवं पोर्टफोलियो जज, जिला दुर्ग की उपस्थिति से और अधिक बढ़ेगी।
माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा द्वारा लोक अदालत की व्यवस्था को आमजन के लिए अधिक सुलभ, प्रभावी एवं त्वरित न्याय प्रदान करने वाला मंच बनाने के उद्देश्य से निरंतर विशेष बल दिया गया है। उनके मार्गदर्शन में यह सुनिश्चित किया गया है कि न्यायिक अधिकारी प्री-लिटिगेशन तथा लंबित प्रकरणों दोनों में पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए प्रेरित करें, जिससे विवादों का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण संभव हो सके। माननीय मुख्य न्यायाधीश द्वारा स्वयं विगत दिनांक 26.02.2026 एवं 11.03.2026 को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई थी, तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए थे। उनके मार्गदर्शन में जिला न्यायालय दुर्ग द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करते हुए तैयारियाँ की गई हैं, ताकि माननीय मुख्य न्यायाधीश की दूरदर्शी सोच को पूर्ण रूप से साकार किया जा सके।
उनके आगमन से पूरे जिले में विशेष उत्साह एवं सक्रियता का वातावरण है। न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, विभिन्न बैंकों तथा शासकीय विभागों के सहयोग से लोक अदालत को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए गए हैं। इस राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जिला न्यायालय दुर्ग सहित परिवार न्यायालय दुर्ग, सिविल न्यायालय भिलाई-3, पाटन, धमधा एवं अन्य न्यायालयों में कुल 39 पीठों का गठन किया गया है, जहाँ विभिन्न प्रकार के प्रकरणों के सौहार्दपूर्ण निराकरण का प्रयास किया जाएगा। लोक अदालत में समझौता योग्य आपराधिक प्रकरण, दीवानी वाद, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, चेक अनादरण प्रकरण तथा बैंक, विद्युत एवं दूरसंचार से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को रखा जाएगा। न्यायिक अधिकारी पक्षकारों को आपसी सहमति से विवादों का समाधान करने के लिए प्रेरित करेंगे, जिससे समय और संसाधनों की बचत के साथ सामाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा मिलेगा।
लोक अदालत के प्रति अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया है। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक लोक अदालत के लाभों की जानकारी पहुँचाने के लिए मोबाइल वैन के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिसके द्वारा लोक अदालत की प्रक्रिया तथा उसके लाभों के बारे में आमजन को जागरूक किया जा रहा है। लोक अदालत के दिन मोबाइल वैन की विशेष व्यवस्था उन पक्षकारों के लिए उपलब्ध रहेगी, जो वृद्धावस्था, बीमारी अथवा अन्य कारणों से न्यायालय में उपस्थित होने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में मोबाइल वैन संबंधित पक्षकारों तक पहुँचकर उन्हें लोक अदालत की प्रक्रिया से जोड़ने में सहयोग करेगी, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लोक अदालत के माध्यम से त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण न्याय का लाभ प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग करते हुए प्रकरणों की पहचान, पक्षकारों से संपर्क तथा प्री-लिटिगेशन मामलों के समाधान की प्रक्रिया को भी सुगम बनाया गया है। लोक अदालत की कार्यवाही भौतिक एवं वर्चुअल दोनों माध्यमों से आयोजित की जाएगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के पक्षकार भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिना लंबी यात्रा किए अपने मामलों का निराकरण करा सकेंगे।
कार्यक्रम के अवसर पर न्यायालय परिसर में केन्द्रीय जेल दुर्ग के बंदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प, चित्रकला एवं अन्य उत्पादों की प्रदर्शनी-सह-विक्रय स्टॉल भी लगाया जाएगा, जिससे उनके कौशल को प्रोत्साहन मिलेगा और पुनर्वास की दिशा में सकारात्मक पहल को बल मिलेगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी आयोजित किया जाएगा। जिला न्यायालय दुर्ग में राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर विशेष उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण व्याप्त है, और सभी संबंधित संस्थाएँ इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा के आगमन से कार्यक्रम की गरिमा में अभिवृद्धि होगी। यह आयोजन न केवल विवादों के त्वरित समाधान का माध्यम बनेगा, बल्कि न्याय व्यवस्था के प्रति आमजन के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


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