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ज्वेलर्स से 1.86 लाख की ठगी: फर्जी हॉलमार्क वाला 22 कैरेट ब्रेसलेट बताकर ठगा, नकली जेवर गिरोह फिर सक्रिय

  बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक सराफा कारोबारी से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। यहां शातिर ठग ने आधुनिक तकनीक और सरकारी ...

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक सराफा कारोबारी से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। यहां शातिर ठग ने आधुनिक तकनीक और सरकारी पोर्टल की विश्वसनीयता का फायदा उठाकर कारोबारी से 1.86 लाख रुपए ठग लिए। ठग ने ज्वेलरी शॉप के संचालक को 22 कैरेट हॉलमार्क वाला फर्जी ब्रेसलेट देकर असली सोने के जेवर ले लिए। बाद में जांच में वह ब्रेसलेट सिर्फ 6 कैरेट का निकला। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।



मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एक ज्वेलर्स के संचालक राजेश सोनी की दुकान पर 2 दिसंबर 2025 को उत्तम सिंह नाम का व्यक्ति आया। उसने खुद को बिहार के भोजपुर जिले का निवासी बताया। आरोपी ने 22 कैरेट शुद्धता वाला 15.500 ग्राम का ब्रेसलेट देकर उसके बदले सोने की चैन और अंगूठी मांगी। राजेश सोनी ने ब्रेसलेट पर अंकित एचयूआईडी नंबर (एचएसबीएसबीडब्ल्यू) को बीआईएस पोर्टल पर चेक किया। पोर्टल पर यह ग्रीन जेम टेस्टिंग इंडिया की ओर से प्रमाणित और वैध दिखा। इसके बाद संचालक ने आरोपी का आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो भी ले ली। पूरी तसल्ली होने के बाद उन्होंने 1 लाख 86 हजार रुपए कीमत के बदले उसे 22 कैरेट की चैन, 20 कैरेट की अंगूठी और 3,968 रुपए नकद दे दिए।


फिर 13 मार्च को राजेश सोनी ने उसी ब्रेसलेट को बिलासपुर के अधिकृत बीआईएस हॉलमार्किंग सेंटर में शुद्धता जांच के लिए भेजा। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि पोर्टल पर 91.6% यानी 22 कैरेट दिखाया गया ब्रेसलेट असल में सिर्फ 24.72% यानी करीब 6 कैरेट का सोना है। मामले में पुलिस ने आरोपी उत्तम सिंह और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


4 माह पहले नकली जेवर वाला गिरोह पकड़ा गया था

बता दें कि, सितंबर 2025 में रायपुर के सदर बाजार में गाजियाबाद के एक मां-बेटे की जोड़ी पकड़ी गई थी। वे नकली ब्रेसलेट देकर असली चैन ठगते थे। पूछताछ में उन्होंने बिलासपुर में भी ऐसी वारदात करना स्वीकार किया था। उन्होंने बिलासपुर के सदर बाजार स्थित एक ज्वेलर्स और रायपुर के एक ज्वेलर्स को निशाना बनाया था।