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स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में गौ विज्ञान परीक्षा का आयोजन

  भिलाई . असल बात news.   छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण  एवं संवर्धन समिति शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में  स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती...

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भिलाई .

असल बात news.  

छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण  एवं संवर्धन समिति शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में  स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय आमदी नगर, हुडको में गौ विज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय स्तर के विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। 

      महाविद्यालय की गौ विज्ञान परीक्षा की नोडल ऑफिसर डॉ. मंजू कनोजिया सह- प्राध्यापक ने ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक  महत्व को समझकर उसके संरक्षण, संवर्धन और उपयोग को बढ़ावा देना है। गोमूत्र और गोबर से बने उत्पादों का उपयोग करके  रासायनिक कीटनाशकों और उर्वरकों पर निर्भरता समाप्त करना है। 

     " गोवंश से ही होगा पंच परिवर्तन"  विषय पर संक्षिप्त उद्बोधन के पश्चात संकल्प "श्री सुरभ्यै नमः मंत्र" का 108 बार जप करवाया गया । तत्पश्चात गौ  विज्ञान परीक्षा की प्रक्रिया को पूर्ण किया गया।

      बच्चों द्वारा निर्मित शाक वाटिका का निर्माण किया गया। शाक वाटिका में विद्यार्थियों ने शाक जैसे- पालक, मेथी, प्याज, धनिया, सरसों,बैगन, सेम आदि सब्जियों को लगाया एवं गाय के गोबर को खाद के रूप में प्रयोग किया गया।

      महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.श्रीमती हंस शुक्ला ने बताया बताया गौ को भारतीय संस्कृति में माता माना गया है क्योंकि उसका दूध संपूर्ण आहार होता है बैल हल जोतने के बाद मृत्यु उपरांत भी उसका शरीर किसी न किसी रूप में उपयोग किया जाता है।  उप- प्राचार्य डॉ.अजरा हुसैन ने पर्यावरण संतुलन व ग्लोबल वार्मिंग की रोकथाम और पारिस्थितिकीय तंत्र में गाय की भूमिका को रेखांकित किया।

इस अवसर पर श्री शंकराचार्य शैक्षिणक परिसर के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा एवं मोनिषा शर्मा ने कहा इस प्रकार के आयोजन से लोग गोपालन व खेत में रासायनिक खाद के वजाय गोबर खाद के उपयोग के लिए प्रेरित होंगे। भारत में सबसे बड़ी समस्या सड़कों व गलियों में घूमने वाले गायों की है। लोग उनके समुचित आवास सुविधा के लिए जागरूक  होंगे। 

     कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती जया तिवारी तंतु विज्ञान विभाग, श्रीमती कामिनी वर्मा स. प्राध्यापक गणित , एवं सुश्री अनामिका राय स. प्राध्यापक गणित का विशेष योगदान रहा।