भिलाई . असल बात news. पिछले 20 वर्षों से निरंतर सामाजिक परंपरा और वैवाहिक सरलता को बढ़ावा देते हुए गुरु घासीदास सेवा समिति, भिलाई नगर (पंजी...
भिलाई .
असल बात news.
पिछले 20 वर्षों से निरंतर सामाजिक परंपरा और वैवाहिक सरलता को बढ़ावा देते हुए गुरु घासीदास सेवा समिति, भिलाई नगर (पंजीयन क्रमांक 5716) द्वारा आयोजित किया जाने वाला छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय सतनामी समाज युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं आदर्श विवाह समारोह इस वर्ष भी उसी गरिमा और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ दिनांक 30 नवम्बर 2025 को सतनाम भवन, सेक्टर-6 भिलाई नगर में आयोजित किया जाएगा।
यह सम्मेलन समाज में व्यवस्थित, पारदर्शी और आर्थिक रूप से सहज विवाह व्यवस्था को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम बना है। इस मंच पर विभिन्न क्षेत्रों से आए युवक-युवती अपने परिचय को पूरे समाज के समक्ष प्रस्तुत करते हैं, जिससे अलग-अलग स्थानों की यात्रा, खर्च, समय और कठिनाइयों से बचत होती है। परिवार एक ही स्थान पर योग्य परिचय प्राप्त कर लेते हैं, जिससे सामाजिक सहयोग, सरलता और समानता की भावना मजबूत होती है।
आर्थिक बोझ को ध्यान में रखते हुए समिति द्वारा आदर्श विवाह आयोजन भी शामिल किया गया है, जो उन परिवारों के लिए विशेष रूप से सहायक है जो अधिक खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। यह प्रयास समाज में सरल, मर्यादित और आदर्श वैवाहिक परंपरा की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश प्रस्तुत करता है।
इस वर्ष के आयोजन की विशेषता यह है कि समिति समाज के गौरव—
आकांक्षा सत्यवंशी, जिन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में कार्य करते हुए वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा बनकर सतनामी समाज को पूरे देश और दुनिया में गौरवान्वित किया है, इसके साथ ही, समाज के विशिष्ट व्यक्तित्व, जो छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण 2025 से सम्मानित हुए हैं, गुरुघासीदास सम्मान – भुवनदास जांगड़े जी एवं शशि सतनामी जी (संयुक्त), देवदास बंजारे सम्मान – श्री रोहित कोसारिया जी, श्रम अलंकरण – श्री राजकुमार भास्कर जी इन सभी सामाजिक गौरव का सम्मान समिति व अतिथियों के द्वारा सम्मान मंच पर किया जायेगा |
ऑनलाइन पंजीयन—आधुनिक पहल:
समिति ने इस वर्ष आधुनिकता और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पंजीयन प्रक्रिया को वेबसाइट के माध्यम से पूर्णत: ऑनलाइन कर दिया है: https://satnambhawan.in/ | इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से अब तक 300 से अधिक युवक-युवतियों के पंजीयन प्राप्त हो चुके हैं, जो समाज में तकनीकी स्वीकार्यता और सक्रिय सहभागिता का प्रमाण है।


"
"
" alt="" />
" alt="" />


