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स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, में विश्व विज्ञान दिवस पर “विश्वास, परिवर्तन और कल : 2050 के लिए आवश्यक विज्ञान” विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन

  भिलाई . असल बात news.   विश्व विज्ञान दिवस के अवसर पर स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, आमदी नगर, हुडको, भिलाई में गणित एवं भौति...

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भिलाई .
असल बात news.  

विश्व विज्ञान दिवस के अवसर पर स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, आमदी नगर, हुडको, भिलाई में गणित एवं भौतिक शास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस वर्ष “शांति और विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस 2025” की थीम “विश्वास, परिवर्तन और कल : 2050 के लिए आवश्यक विज्ञान” रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। गणित विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मीना मिश्रा ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच का विकास करना, अनुसंधान के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करना तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से समाज के सतत विकास की दिशा में युवा पीढ़ी को प्रेरित करना है।

श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर,हुडको के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा एवं डॉ. मोनिषा शर्मा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ प्रतिस्पर्धा की भावना और नवाचार की सोच को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं, बल्कि यह समाज में परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. (श्रीमती) हंसा शुक्ला ने विश्व विज्ञान दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि विज्ञान मानवता के विकास का आधार है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण समाज में तार्किक सोच को बढ़ावा देता है और युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि आज का विज्ञान ही कल का बेहतर भविष्य निर्धारित करता है। “विश्वास, परिवर्तन और कल : 2050 के लिए आवश्यक विज्ञान” की थीम हमें नए आविष्कारों और नवाचारों की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देती है। 

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में पूछे गए कुछ प्रश्न इस प्रकार थे —किस विकिरण की ऊर्जा सबसे अधिक होती है?कौन-सी धातु कमरे के तापमान पर द्रव रूप में रहती है?वाई-फाई का पूर्ण रूप (फुल फॉर्म) क्या है?किस यंत्र द्वारा प्रत्यावर्ती धारा (ए.सी.) को स्थायी धारा (डी.सी.) में परिवर्तित किया जाता है?लिनक्स क्या है?प्रकाश की गति का मान लगभग कितने मीटर प्रति सेकंड होता है?न्यूटन का प्रथम गति नियम किस सिद्धांत से संबंधित है?

विद्यार्थियों ने इन सभी प्रश्नों के उत्तर आत्मविश्वास और तार्किकता के साथ दिए। कई विद्यार्थियों ने न केवल सही उत्तर प्रस्तुत किए बल्कि उनके पीछे का वैज्ञानिक कारण भी स्पष्ट किया। उनके उत्तरों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, सतर्क अध्ययन और समसामयिक वैज्ञानिक ज्ञान की झलक दिखाई दी। 

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर वोजस्वी (बी.एससी. तृतीय वर्ष, कंप्यूटर विज्ञान), द्वितीय स्थान पर अनिरुद्ध (बी.एससी. तृतीय वर्ष, कंप्यूटर विज्ञान) तथा तृतीय स्थान पर सोनम यादव (बीसीए प्रथम सेमेस्टर) रहीं।

अंत में विजेताओं को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया कार्यक्रम को सफल बनाने में भौतिक शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष एन. बबीता, गणित विभाग की सहायक प्राध्यापक कामिनी वर्मा तथा अनामिका राय का विशेष योगदान रहा।