Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

Automatic Slideshow


79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु

  नई दिल्ली  . असल बात news.   79वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने, भारत क...

Also Read

 


नई दिल्ली  .

असल बात news.  

79वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने, भारत को आत्मनिर्भर बनाने, तकनीकी और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने, समाज के सभी वर्गों तक सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के दृढ़ संकल्प जैसे कई अन्य विषयों पर भविष्य की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।

प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

 0  140 करोड़ देशवासी आज तिरंगे के रंग में रंगे हैं। हर घर तिरंगा, भारत के हर कोने से चाहे रेगिस्तान हो, या हिमालय की चोटियां, समुद्र के तट हो या घनी आबादी वाले क्षेत्र, हर तरफ से एक ही गूंज है, एक ही जयकारा है, हमारे प्राण से भी प्यारी मातृभूमि का जयगान है।

आज डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाने के अवसर पर, देश में संविधान के लिए अपना बलिदान  दे देने वाले डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को हमने धारा 370 की दीवार गिराकर, एक देश एक संविधान के मंत्र को साकार कर  सच्ची श्रद्धांजलि दी है। 

हमने एक न्यू नॉर्मल स्थापित किया, आतंक को और आतंकी को पालने-पोसने वालों को, आतंकियों को ताकत देने वालों को, अब अलग-अलग नहीं मानेंगे। 

वो मानवता के समान दुश्मन है, उनके बीच कोई फर्क नहीं है। अब भारत ने तय कर लिया है, कि इन न्यूक्लियर की धमकियों को अब हम सहने वाले नहीं हैं, न्यूक्लियर ब्लैकमेल लंबे अरसे से चला आया है, अब वो ब्लैकमेल नहीं सहा जाएगा। 
भारत ने सिंधु समझौते को, उस स्वरूप को दशकों तक सहा है, उस स्वरूप को आगे नहीं सहा जाएगा। किसान हित में, राष्ट्रहित में, यह समझौता हमें मंजूर नहीं है।22 तारीख के बाद हमने हमारे सेना को खुली छूट दे दी। रणनीति वो तय करें, लक्ष्य वो तय करें, समय भी वो चुने और हमारी सेना ने वो करके दिखाया, जो कई दशकों तक कभी हुआ नहीं था। सैकड़ों किलोमीटर दुश्मन की धरती पर घुसकर के आतंकी हेडक्वार्टर्स को मिट्टी में मिला दिया, आतंकी इमारतों को खंडहर बना दिया। पाकिस्तान की नींद अभी भी उड़ी हुई है। 

हम न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में बहुत बड़े रिफॉर्म लेकर के आए हैं। अब हमने प्राइवेट सेक्टर के लिए भी परमाणु ऊर्जा को उसके द्वार खोल दिए हैं, हम शक्ति को जोड़ना चाहते हैं।भारत ने तय किया था, कि हम 2030 तक क्लीन एनर्जी भारत में 50% पहुंचा देंगे। यह लक्ष्य हमारा 2030 तक था। 

0  1200 से अधिक स्थानों पर खोज का अभियान चल रहा है, और हम क्रिटिकल मिनरल में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। 
0  हमारे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला स्पेस स्टेशन से लौट चुके हैं और आने वाले कुछ दिनों में वो भारत भी आ रहे हैं। हम स्पेस में भी अपने दम पर आत्मनिर्भर भारत गगनयान की तैयारी कर रहे हैं। हम अपने बलबूते पर हमारा अपना स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में हम काम कर रहे हैं।

हम फार्मा ऑफ द वर्ल्ड माने जाते हैं। वैक्सीन में हम नए-नए विक्रम स्थापित करते हैं, हम रिसर्च और डेवलपमेंट में और ताकत लगाएं, हमारे अपने पेटेंट हो, हमारे अपनी बनाई हुई मानव जाति के कल्याण की सस्ते से सस्ती और सबसे कारगर नई-नई दवाइयों की शोध हो, और संकट में साइड इफेक्ट के बिना मानव जाति के कल्याण में काम आए.

आने वाला युग ईवी (EV) का है। अब ईवी बैटरी क्या हम नहीं बनाएंगे, हम निर्भर रहेंगे। सोलर पैनल की बात हो, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स के लिए जिन-जिन चीजों की आवश्यकताएं है, वो हमारी अपनी होनी चाहिए।

देश में ऐसे व्यापारी आगे आए, ऐसे दुकानदार आए, कि यहां स्वदेशी माल बिकता है, वो बोर्ड लगाए। हम स्वदेशी का गर्व करने लगे, हम स्वदेशी मजबूरी में नहीं, मजबूती के साथ उपयोग करेंगे। 

मेरे देश के नागरिकों को जेल में बंद करने वाले जो अनावश्यक कानून हैं, वो खत्म होने चाहिए। हम संसद में पहले भी बिल लाए थे, इस बार भी लेकर के आए हैं।

1500 से अधिक पुराने कानून जो बाबा आदम के जमाने के थे, उन सबको हमने खत्म कर दिया है। हमने दर्जनों कानूनों को सरल करने के लिए संसद में जाकर के जनता के हितों को सर्वोपरि रख करके बदलाव किए हैं। एक बहुत बड़ा रिफॉर्म इनकम टैक्स एक्ट में हुआ है। करीब 280 से ज्यादा धाराएं हमने समाप्त करने का निर्णय किया है। 

0 दिवाली पर मिलेगा बड़ा तोहफा, जीएसटी में आएगा बडा सुधार, जीएसटी रिफॉर्म्स आ रहा है, ये दिवाली के अवसर पर  तोहफा होगा.

हमारे,फॉरेक्स एक्सचेंज रिजर्व बहुत मजबूत,  मैक्रोइकोनॉमिक इंडिकेटर्स भी बहुत मजबूत.ग्लोबल रेटिंग एजेंसी  भारत की लगातार सराहना करती है, भारत की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा से ज्यादा विश्वास व्यक्त कर रही है। 

0 देश के युवाओं के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार 
एक लाख करोड़ Asal की योजना आज 15 अगस्त से ही लागू.निजी क्षेत्र में नौकरी पाने वाले पहले नौजवान  बेटे बेटी को 15000 रुपया सरकार की तरफ से दिए जाएंगे।

0 तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का संकल्प,  दो करोड़ महिलाएं लखपति दीदी,

आज 10करोड़ गरीब और 10 वर्ष में 25 करोड़ से ज्यादा गरीब ग़रीबी को परास्त कर करके गरीबी से बाहर 

जो जिले पिछड़े रहे हैं,जो ब्लॉक पिछड़े रहे हैं उनको प्राथमिकता, 100 एस्पिरेशनल डिस्‍ट्रिक्‍ट, 500 एस्पिरेशनल ब्लॉक, उसी मिशन में काम हूआ। पूर्वी भारत के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट पर बल 

मोटापे से बचाने,ओबेसिटी से बचाने परिवार तय करे कि खाने का तेल घर में 10 परसेंट कम ही आएगा और 10 परसेंट कम ही उपयोग करेंगे.

0  माओवाद की चंगुल में हमारे जनजातीय क्षेत्र, हमारे जनजातीय नौजवान फंसे हुए थे और आज सवा सौ जिलों में से कम होते-होते हम 20 तक सीमित। जो क्षेत्र कभी रेड कॉरिडोर के रूप में जाने जाते थे, वह आज विकास के ग्रीन कॉरिडोर बन रहे हैं। भारत के नक्शे में जिन क्षेत्रों को लहू लुहान कर दिया गया था, लाल रंग से रंग दिया गया था, वहां संविधान, कानून और विकास का तिरंगा फहरा दिया है।

षड्यंत्र के तहत, सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है। एक नए संकट के बीच बोए जा रहे हैं और यह घुसपैठिए, देश के नौजवानों के रोजी-रोटी छीन रहे हैं। एक हाई पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने का निर्णय किया है। यह मिशन, इस मिशन के द्वारा डेमोग्राफी बदलने का  जो भीषण संकट नजर आ रहा है,खतरा मंडरा रहा है,उसको निपटाने के लिए तय समय में सुविचारित निश्चित रूप से अपने कार्य को करेगा.

आज से 50 साल पहले भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था। भारत के संविधान की पीठ में छुरा घोंप दिया गया था, देश को जेल खाना बना दिया गया था, आपातकाल लगा दिया गया था, इमरजेंसी थोप दी गई थी।इमरजेंसी के 50 साल हो रहे हैं, देश की किसी भी पीढ़ी को संविधान की हत्या के इस पाप को कभी भूलना नहीं चाहिए। संविधान की हत्या करने वाले पापियों को नहीं भूलना चाहिए और हमें भारत के संविधान के प्रति अपने समर्पण को और मजबूती देते हुए आगे बढ़ना चाहिए, वह हमारी प्रेरणा है।