Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

एसबीआई भाजपा के अवैध उगाही को उजागर करने से क्यों डर रही है?

रायपुर रायपुर/10मार्च 2024। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने  इलेक्ट्रोरल बॉन्ड  के जरिए हजारों करोड र...

Also Read

रायपुर





रायपुर/10मार्च 2024। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने  इलेक्ट्रोरल बॉन्ड  के जरिए हजारों करोड रुपए की अवैध उगाही की है। इलेक्ट्रोरल बॉन्ड से भाजपा को हजारों करोड़ रुपए देने वाले कौन लोग हैं? इसकी जानकारी एसबीआई को देने में ऐतराज़ क्यों है? बीते 10 वर्षों में मोदी की सरकार ने जिन उद्योगपतियों को सरकारी कंपनियों को कौड़ी के मोल बेचा है। बैंकों के कर्जदार पूंजीपतियों को राहत पहुंचाने के लिए काम किया है वहीं लोगों ने इलेक्ट्रोरल बॉन्ड के माध्यम से करोड़ों रुपए भाजपा को बतौर चंदा दिया है? अब माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद भी एसबीआई हठधर्मिता दिखाते हुए भाजपा के अवैध कमाई को पर्दा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना कर रही है और देश की जनता के आंखों में धूल झोंक रही है।


 प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जब एसबीआई पूर्णता: डिजिटल है. सारे रिकार्ड कंप्यूटराइज्ड है ऐसे में चुनावी बांड  खरीदने वालों के नाम उजागर करने में एसबीआई को इतना समय क्यों चाहिए? एसबीआई के अधिकारी केंद्र सरकार के दबाव में उन नाम को उजागर करने से डर रही है. 48 करोड़ अकाउंट, 66 हज़ार एटीएम और 23 हज़ार ब्रांच संचालित करने वाली SBI को केवल 22217 इलेक्टोरल बॉंड की जानकारी देने के लिये 5 महीने का समय चाहिए ?सवाल उठता है कि क्या देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भी अब बीजेपी सरकार की आर्थिक अनियमितता और कालेधन के स्रोत को छिपाने का ज़रिया बन रहा है।



प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा को इलेक्ट्रोरल बॉन्ड के माध्यम से आर्थिक मदद करने वालों में कई बीफ सप्लायर कंपनियां भी हो सकती है? कई तस्करी में शामिल लोग भी हो सकते हैं? जुआ सट्टा खिलाने वाले लोग भी सहयोगी हो सकते हैं? कुछ विदेशी कंपनिया जो भारत में व्यापार कर रही है यह भी लोग अपने व्यापार व्यवसाय को संरक्षण देने के लिए भाजपा को इलेक्ट्रोरल बॉन्ड के माध्यम से मदद किए हैं? कई फर्जी एनजीओ संचालित करने वाले लोग भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर बतौर कमीशन भाजपा को इलेक्ट्रोरल बॉन्ड से चंदा दिए हैं? 35 से अधिक ऐसी कंपनियां है जिसके यहां ईडी छापा मार कार्यवाही करती है और वही कंपनियां एक दिन में भाजपा को 30 करोड़ रुपए से अधिक की चंदा  इलेक्ट्रोरल  बॉन्ड के माध्यम से देती है।