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वह लोग इतिहास को भूल जाते हैं जो इतिहास नहीं बना पाते हैं,स्वरूपानंद महाविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया संविधान दिवस

  भिलाई। असल बात न्यूज़।।    स्वरूपानंद महाविद्यालय में  संविधान दिवस धूमधाम से मनाया गया।इस उपलक्ष में राष्ट्रीय सेवा योजना तथा कला संकाय क...

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भिलाई।

असल बात न्यूज़।।   

स्वरूपानंद महाविद्यालय में  संविधान दिवस धूमधाम से मनाया गया।इस उपलक्ष में राष्ट्रीय सेवा योजना तथा कला संकाय के संयुक्त तत्वाधान में अतिथि व्याख्यान, सेमिनार, पोस्टर मेकिंग कंपटीशन तथा स्पीच कंपटीशन का आयोजन किया गया l  

कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए श्रीमती संयुक्ता पाढ़ी, कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना, ने कहा कि भारतीय गणराज्य का संविधान 26 नवम्बर 1949 को बनकर तैयार हुआ था तथा 26 जनवरी 1950 से हमारा संविधान पूर्ण रूप से लागू किया गया। महाविद्यालय में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के द्वारा विद्यार्थियों में भारतीय संविधान के मूलभूत जानकारी का प्रस्फुटन होगा l 

व्याख्यान डॉ सुचित्रा शर्मा, प्रो. समाजशास्त्र, शासकीय विश्वनाथ तामस्कर शासनातकोत्तर महाविद्यालय,दुर्ग, द्वारा दिया गया l डॉ शर्मा ने संविधान दिवस के उपलक्ष में छात्र-छात्राओं को संविधान दिवस के प्रासंगिकता को बताते हुए बताया कि सन 1947 में जब हम 200 साल की गुलामी के पश्चात हमारे सामने सबसे पहली चुनौती थी कि हमारे देश का स्वरूप कैसा हो? किस प्रकार का कार्य प्रणाली हो? इस कार्य हेतु संविधान सभा का गठन किया गया l तुमने बताया कि सन 1946 में डॉ बी आर अंबेडकर के अध्यक्षता में संविधान सभा का निर्माण हुआ जो निरंतर 2 साल 11 महीने तथा 18 दिन के पश्चात, 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ  जिसमें 60 से अधिक देशों के संविधान का अध्ययन किया गया l भारत सरकार द्वारा 19 नवंबर 2015 को इन्हीं संविधान के मूलभूत सिद्धांत तथा हमारे संविधान निर्माता को याद करने हेतु इस दिन को मनाया जाता है l संविधान के महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ शुक्ला ने बताया कि जिस प्रकार से किसी परिवार में परंपराओं एवं रीति रिवाज का महत्व होता है ठीक उसी प्रकार से देश को सुचारू रूप से चलाने हेतु संविधान महत्वपूर्ण है l बच्चों को संबोधित करते हुए डॉ शर्मा ने कहा कि हम सभी को संविधान के प्रति जागरूक होना चाहिए एक स्वतंत्र भारतीय नागरिक का यह कर्तव्य है कि उसे संविधान की जानकारी हो जिससे उन्हें अपने अधिकार तथा अपने मौलिक कर्तव्यों का बोध हो l

महाविद्यालय प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला ने कहा कि जिसे प्रारंभ में यह संविधान नहीं है जो भारतवर्ष के अलग-अलग धर्मो तथा जातियों को एक सूत्र में पिरोता है l इसी के साथ हम सभी को अधिकार भी मिलते हैं कि हम सब पूरी स्वतंत्रता और समानता के साथ अपना जीवन जी सके l

मुख्य कार्यकारिणी अधिकारी डॉ दीपक शर्मा ने कहा कि इस दिवस का मकसद देश के नागरिकों वे संवैधानिक मूल्यो

के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ाना है और ऐसी प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थी अपने देश के संविधान को भली-भांति समझ पाते हैं l

पोस्टर मेकिंग कंपटीशन में प्रथम स्थान रहा शुभम ठाकुर, द्वितीय स्थान पर पी श्रुति, तथा तृतीय स्थान पर ट्विंकल नायक, बीए प्रथम वर्ष रहे l ऋषभ दिव्या श्याम, दुर्गेश साहू, बीए प्रथम वर्ष को सांत्वना पुरस्कार दिया गया l

स्पीच कंपटीशन में प्रथम स्थान पर नितिन कुमार साहू, द्वितीय स्थान पर अब्दुल हमीद, तृतीय स्थान स्नेहा कुमारी, बीए प्रथम वर्ष अपने प्राप्त किया l

समस्त प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों की प्रशंसा की एवं संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी l

 श्रीमती ज्योति मिश्रा, सहायक प्राध्यापक, समाजशास्त्र ने संविधान सभा के मूलभूत विशेषताओं तथा उसके महत्व को बच्चों को समक्ष रखा l कार्यक्रम में मंच संचालन श्री गोल्डी सिंह राजपूत, सहायक प्राध्यापक,  इतिहास ने किया, तथा धन्यवाद श्री हितेश सोनवानी, सहायक प्राध्यापक अंग्रेजी ने किया l कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री जमुना प्रसाद, सहायक प्राध्यापक, कंप्यूटर साइंस का विशेष योगदान रहा l