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आंगनबाड़ी के सेप्टिक टैंक में गिरने से बच्चे की गई जान, मौत के बाद नींद से जागा प्रशासन

  राजनांदगांव।   जिले में एक बड़ी लापरवाही की वजह से दर्दनाक हादसा हुआ है. डोगरगांव थाना अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र के सेप्टिक टैंक के खुले ढ...

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 राजनांदगांव। जिले में एक बड़ी लापरवाही की वजह से दर्दनाक हादसा हुआ है. डोगरगांव थाना अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र के सेप्टिक टैंक के खुले ढक्कन में खेलते-खेलते मासूम गिर गया. जिससे ढाई साल के बच्चे की मौत हो गई है. वहीं इस मामले में जिला प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुसुईया करियाम को निलंबित कर दिया है. साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्र के परियोजना अधिकारी और सुपरवाईजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

जानकारी के अनुसार, डोंगरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम आसरा में एक ढाई साल के मासूम भरत कंवर की मौत सेप्टिक टैंक में गिरने से हो गई. घटना बुधवार की दोपहर का बताया जा रहा है कि गांव मे दसगात्र का कार्यक्रम चल रहा था. इस दौरान बच्चा अपने दादी के साथ तालाब की ओर निकला था लेकिन मृतक की दादी ने बच्चे को घर लौटने कहा और बच्चा घर जाते वक्त खेलते-खेलते आंगनबाड़ी के सैफ्टिक टैक के दस फूट गढ्ढे में गिर गया. सेप्टिक टैंक का ढक्कन कई दिनों से खुला पड़ा था. बच्चा के सेप्टिक टैंक में गिरने के बाद वहां खेल रहे अन्य बच्चों के रोने और चिल्लाने की आवाज सुनकर आंगनबाड़ी केन्द्र की सहायिका बाहर निकली और गढ्ढे में गिरे बच्चे को देख इसकी सूचना गांव वालों सहित उनके दादा को दी. बाद में ग्रामीणों की मदद से बच्चे को बाहर निकाला गया और तुरंत उपचार के लिए डोंगरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र पहुंचाया गया. जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया. मृत बच्चे का नाम भरत पिता सतीश कंवर बताया जा रहा है. जो आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 05 में अध्ययन कर रहा था.मामले में महिला बाल विकास विभाग के प्रभारी अधिकारी एन एस रावटे ने बताया कि लापरवाही बरते के मामले में आंगनबाडी कार्यकर्ता अनुसुईया करियाम को निलंबित कर दिया है. वहीं परियोजना आधिकारी और सुपर वाईजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. पुलिस ने बच्चे का शव पोस्टमार्टम उपरांत परिजनों को सौंप दिया गया. इस घटना में बड़ी लापरवाही सामने आई है. आंगनबाड़ी संचालन के समय सेप्टिक टैंक का ढक्कन कैसे खुला रह गया और इस संबंध में आसपास के लोग या आंगनबाड़ी के कार्यकर्ताओं ने इसकी जानकारी सरपंच या संबंधित अधिकारियों को क्यों नहीं दी. जिम्मेदार लोगों की लापरवाही के चलते एक बच्चे की मृत्यु हो गई. इस बात पर भी विश्वास करना नामुमकिन है कि छोटे-छोटे बच्चों के स्थान में इस प्रकार लापरवाही कैसे बरती जा सकती है.