छत्तीसगढ़ । असल बात न्यूज़ ।। बस्तर की संस्कृति, यहां के धार्मिक पर्वों के कई पहलुओं को कई तरह से दबाने की कोशिश की गई और इन्हें खबरों ...
छत्तीसगढ़ ।
असल बात न्यूज़ ।।
बस्तर की संस्कृति, यहां के धार्मिक पर्वों के कई पहलुओं को कई तरह से दबाने की कोशिश की गई और इन्हें खबरों में अधिक महत्व नहीं दिया गया। संपूर्ण बस्तर में नवरात्रि पर्व के अवसर पर मां दुर्गा की पूजा भी अत्यंत धूमधाम से की जाती है। शेर पर सवार होकर माता जगह-जगह विराजती हैं और माता के पंडाल में रात के पूजा पाठ के उत्सव के साथ दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रहती है।इसमें महिला श्रद्धालुओं की संख्या सैकड़ो में होती है।
नवरात्रि पर्व का आज पहला दिन है और माता का आज शेर पर सवार होकर धरती पर आगमन हो रहा है।शारदीय नवरात्रि हर साल आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक मनाई जाती है। इस बार शारदीय नवरात्री में मां दुर्गा के अलग अलग नौ स्वरुपों की पूजा की जाती है। बता दें 14 अक्टूबर की रात 11 बजकर 25 मिनट पर प्रतिपदा तिथि शुरु होने जा रही है। शारदीय नवरात्रि का आरंभ 15 अक्टूबर से होगा। लेकिन, चित्रा नक्षत्र होने के कारण इस बार घटस्थापना के मुहूर्त को लेकर असमंजस बना हुआ है। दरअसल, इस बार नवरात्रि का पर्व पूरे 9 दिनों का होना जा रहा है। गायत्री शक्तिपीठ शीतल पर कोंडागांव में नवरात्र पर के अवसर पर माता दुर्गा की विशेष रूप से पूजा अर्चना की जा रही है। मंदिर के पुजारी लखनलाल कोर्राम ने हमें बताया है कि विश्व में शांति स्थापना, सर्वे भवंतु सुखिनः की मनोकामना के साथ श्रद्धालुओं के द्वारा मंदिर में 35 घृत दीप प्रज्जित किए गए हैं। मंदिर में गायत्री परिवार की ओर से एक सामूहिक दीप भी प्रज्वलित किया गया है। यहां प्रतिदिन प्रातः कालीन निशुल्क यज्ञ कराया जाता है।



"
"
" alt="" />
" alt="" />


