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महिला अधिकारों की जागरुकता का अभियान पहुंचे घर-घर तक: श्रीमती किरणमयी नायक

     कार्यस्थल में लैंगिक उत्पीड़न, मानव तस्करी और सायबर अपराधों के संबंध में जागरुकता के लिए महिला आयोग ने दिया प्रशिक्षण आयोग के प्रशिक्षण ...

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 कार्यस्थल में लैंगिक उत्पीड़न, मानव तस्करी और सायबर अपराधों के संबंध में जागरुकता के लिए महिला आयोग ने दिया प्रशिक्षण

आयोग के प्रशिक्षण कार्यक्रम में 4 वक्ताओं ने बस्तर संभाग के उपस्थित अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के तौर पर प्रशिक्षण दिया

जगदलपुर,  छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की ओर से महिला उत्पीड़न पर नियंत्रण के लिए सभी संभाग मुख्यालय में दिए जाने वाले प्रशिक्षण का शुभारंभ बस्तर संभाग से किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक तथा आयोग के सदस्यों की उपस्थिति में शुक्रवार 17 फरवरी को कुम्हरावंड स्थित शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय परिसर स्थित सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में उपस्थित संभाग के सभी जिलों के महिला संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी, सखी सेंटर के प्रभारी के अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के तौर पर प्रशिक्षण दिया गया और उन्हें महिला आयोग द्वारा तैयार किट भी प्रदान की गई, जिससे महिला अधिकारों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक कर सकें। साथ ही बस्तर संभाग से 2 वक्ता सहायक लोक अभियोजक श्री प्रमोद धृतलहरे एवं पुलिस उप अधीक्षक श्रीमती गीतिका साहू एवं रायपुर से 2 वक्ता फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ सुनंदा ढेंगे एवं एजीपी सुश्री शमीम रहमान ने सभी को प्रशिक्षित किया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में महिला आयोग की सदस्य श्रीमती बालो बघेल, जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, जिला पंचायत दंतेवाड़ा की अध्यक्ष सुश्री तुलिका कर्मा, जगदलपुर नगर निगम की अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू सहित विभिन्न जनपद पंचायत एवं नगर पालिका व पंचायतों के अध्यक्ष, जिला पंचायत बस्तर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रकाश सर्वे सहित सातों जिलों के महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य विभागों के  अधिकारी उपस्थित थे।  
    महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती नायक ने कार्यशाला में बस्तर संभाग के समस्त जिले क्रमशः बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर व कांकेर से जनप्रतिनिधियों के साथ ही पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग एवं जिला संरक्षण अधिकारी नवा बिहान के अधिकारियों की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि महिला अधिकार और सम्मान के संरक्षण के लिए आयोजित यह कार्यशाला एक अभियान है तथा इसका संदेश घर-घर तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला आयोग द्वारा संभाग स्तर पर पूरे प्रदेश में सबसे पहले बस्तर से प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया है। इसमें साइबर क्राईम एवं मानव तस्करी तथा महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध तथा प्रतितोष) अधिनियम 2013 के प्रावधानों के संबंध में विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जा रही है। उन्होंने इस अवसर पर महिला आयोग के कार्यों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि महिला आयोग महिलाओं के अधिकार और उनके सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है। महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायत के लिए महिला आयोग द्वारा व्हाट्सअप 9098382225 नंबर भी जारी किया गया है। इसमें की गई शिकायत पर महिला आयोग द्वारा कार्यवाही की जाती है। कई बार पीड़िता या उसके परिजनों द्वारा शिकायत नहीं किए जाने के बावजूद अन्य जनसंचार माध्यमों से प्राप्त समाचारों के आधार पर भी महिला आयोग द्वारा स्वयं संज्ञान लेकर कार्यवाही प्रारंभ की जा जाती है। उन्होंने कहा कि महिला आयोग द्वारा शिकायत प्राप्त करने के लिए अभिव्यक्ति एप की तरह एप भी लांच करेगी। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आगामी कुछ दिनों में बस्तर संभाग में महतारी न्याय रथ भी संचालित की जाएगी। इसके माध्यम से राष्ट्रीय विधिक सहायता प्राधिकरण द्वारा चयनित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। बस्तर में हल्बी और गोंडी बोली का उपयोग बहुतायत में करने के कारण इन बोलियों के जानकार दादा जोकाल की सहायता भी ली जाएगी, जो लोगों को स्थानीय बोलियों में लोगों को जानकारी प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन में पिछले चार वर्षों के दौरान महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही हुई है। उन्होंने बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए बालक और बालिका को समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा के लिए बालिकाओं को युद्धकौशल का प्रशिक्षण भी प्रदान करना चाहिए। उन्होंने तकनीकी के इस दौर में अपराधों के नए तौर तरीकों को देखते हुए आवश्यक सतर्कता बरतने की बात भी कही।
    इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाॅल ने अभिव्यक्ति एप के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से खतरे की स्थिति में इसकी सूचना तत्काल अपने परिजनों के साथ ही रायपुर स्थित पुलिस कार्यालय तक तुरंत पहुंचाया जा सकता है। इसके माध्यम से महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायत भी आसानी से की जा सकती है। इसके लिए थाना या कोर्ट जाने की आवश्यकता नहीं होती है। इसमें दर्ज शिकायतों की सतत निगरानी अधिकारियों द्वारा की जाती है और इसके निराकरण की जानकारी ली जाती है।
    मानव तस्करी के संबंध में सहायक लोक अभियोजन अधिकारी श्री प्रमोद धृतलहरे, सायबर अपराध से सतर्कता के लिए पुलिस उप अधीक्षक श्रीमती गीतिका साहू, महिला अपराध एवं साक्ष्य एकत्रीकरण के लिए फारेंसिक एक्सपर्ट डाॅ. सुनंदा ढेंगे, परिवार न्यायालय एवं महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध तथा प्रतितोष) अधिनियम 2013 के प्रावधानों के संबंध में एजीपी सुश्री शमीम रहमान द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा प्रश्नोत्तरी के माध्यम से शंकाओं का समाधान भी किया गया। श्रेष्ठ प्रश्नों के लिए महिला आयोग द्वारा प्रश्नकर्ता को आयोग ने गिफ्ट देकर सम्मानित भी किया।