भिलाई । असल बात न्यूज़।। Live कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। भीड़ को चारों तरफ से खदेड दिया गया ...
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कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। भीड़ को चारों तरफ से खदेड दिया गया है।हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन की अंधेरा होने के पहले स्थल को खाली कराने की नीति कारगर साबित हुई है और सख्ती तथा दबाव बनाकर स्थल को पूरी तरह से खाली करा दिया गया है। पावर हाउस कैंप 2 में वह स्थल जोकि कुछ घंटे पहले तक छावनी में तब्दील नजर आ रहा था अब वहां का नजारा देख कर किसी को अंदाजा ही नहीं हो सकता कि वहां कोई विवाद भी हुआ था। असल में स्थानीय लोगों का इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है और कहा जा रहा है कि अवैध कब्जा करने के फलस्वरूप यह विवाद शुरू हुआ और इस अवैध कब्जे से गिनती के ही कुछ लोगों को फायदा होने वाला है। भीड़ को खदेड़ देने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है तो वही अब यहां आम जनजीवन पूरी तरह से सामान्य हो गया है। दुकाने पूर्ववत खुल गई हैं और उसमें ग्राहकों की भारी भीड़ भी नजर आ रही है। हालात देखकर लगता है कि खरीददारों को तो कोई भनक भी नहीं है कि यहां कोई विवाद भी हुआ था।
विवाद नियंत्रित हो जाने के बाद प्रशासन के साथ आम लोगों ने भी राहत की सांस ली है। फिलहाल भिलाई इस्पात संयंत्र के उस पुराने कोल डिपो को जो कि अब उद्यान में तब्दील हो गया है को सील कर दिया गया है और वहां किसी को भी आने जाने से मना कर दिया गया है। उस स्थल पर देखरख के लिए सुरक्षा बलों की ड्यूटी तैनात कर दी गई है। बताया जा रहा है कि प्रशासन की निगरानी में अटल जी की प्रतिमा स्थापित हो गई है। नीचे जो चित्र देख रहे हैं उसमें आप देख रहे होंगे कि यहां पूरी स्थिति सामान्य हो गई है।आम जनजीवन सुचारू रूप से चलने लगा है। वहां से सौ मीटर की दूरी तक आने-जाने पर जो रोक लगा दी गई थी वह भी हटा ली गई है। लेकिन स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए एहतियातन बल तैनात किया गया है।
शासन प्रशासन के द्वारा यहां स्थिति को नियंत्रित करने, कानून व्यवस्था बनाए रखने तत्कालिक तौर पर जो तत्काल सख्त उपाय किए गए उसके लिए उसकी तारीफ की जा सकती है। किसी भी अप्रिय स्थिति के निर्मित होने के पहले वहां बड़े पैमाने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल बुला लिया गया था तथा सभी थाना क्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारियों को यहां तैनात कर दिया गया था। अनुविभागीय अधिकारी लगातार स्थिति पर नियंत्रण रखे हुए थे। उनके द्वारा भीड़ को खदेड़ने बार-बार निर्देश भी जारी किए गए। भीड़ को खदेड़ने में इसका असर लखा है। जिला पुलिस अधीक्षक दुर्ग डॉक्टर अभिषेक पल्लवी वहां पहुंच गए थे। इसके बाद ही अंधेरा होने के पहले वहां से भीड़ को पूरी तरह से हटा देने की नीति बनाई गई।
पुलिस प्रशासन के द्वारा कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में किसी को गिरफ्तार करने मैं भी जल्दबाजी नहीं की गई। इसका भी सकारात्मक असर दिखा। भीड़ चिल्लाती रही, दावे करती रही लेकिन कोई अपनी स्थिति निर्मित नहीं हो सकी। नगर पुलिस अधीक्षक छावनी भी लगातार मोर्चे पर डटे हुए थे। उन्होंने भीड़ को नियंत्रित करने रास्ते पर किसी की भी गाड़ी के खड़े मिलने पर उसका चालान काटने का निर्देश तक दे दिया था।
यहां सबसे अत्यंत उल्लेखनीय है कि इस पूरे प्रकरण में भिलाई दुर्ग के राजनीतिक दलों का जो रुख रहा है उसकी चारों तरफ तारीफ की जा रही है। देखा जाए तो इस मामले में प्रत्येक राजनीतिक दलों और उनके नेताओं, ने कतिपय उपद्रवी तत्वों को छोड़कर संयमित रुख, धैर्य और अनुशासन अपनाए रखा और कहीं भी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होने दी। किसी ने भी मामले को तूल देने और स्थिति को बिगड़ने की कोशिश नहीं की गई। निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि इसकी वजह से आम जनता के बीच बेहतर संदेश गया है। इसकी वजह से भी शासन प्रशासन को भीड़ को वहां से खदेड़ने में सरलता से सफलता मिल सकी। नगर निगम भिलाई में कांग्रेस सत्ता में है लेकिन पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए कहीं कोई गड़बड़ी अप्रिय स्थिति नहीं निर्मित नहीं होने दी गई। कहीं अनावश्यक विवाद नहीं खड़ा किया गया। सांसद विजय बघेल वहां पूरे दिन उपस्थित रहे।वे यहां प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन बताया जाता है कि उन्होंने वहां अनावश्यक भीड़ एकत्रित करने की कोशिश नहीं की। इन वजहों से कहा जा सकता है कि भिलाई दुर्ग में आपसी सद्भावना फिर मजबूत हुई है।
पुलिस प्रशासन ने किसी पर बल प्रयोग नहीं किया
नगर पुलिस अधीक्षक छावनी प्रभात कुमार ने मामले में कहा है कि हमने जिस नीति पर काम किया वह सफल रही है। अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि उन पर हमला करने जैसी कोई घटना नहीं हुई है। मुझ पर किसी के द्वारा कोई सीधा हमला या जानबूझकर असहज करने वाला धक्का नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि मुझे कोई चोट या खरोंच नहीं आई है। भीड़ में इस तरह का धक्का अचानक हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा किसी पर बल प्रयोग करने की नौबत नहीं आई। पुलिस प्रशासन के द्वारा किसी पर बल प्रयोग नहीं किया गया। वहीं भीड़ की तरफ से भी किसी पुलिसकर्मी से भी अभद्र व्यवहार नहीं किया गया है। नगर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस मामले में जो दोनों पक्ष थे, उन सभी का उन्हें सहयोग मिला है। उनके एक आदेश पर दोनों पक्षों की भीड़ 5 मिनट के सेट टाइमर के भीतर तितर-बितर हो गई।
उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। मौके पर ऐतिहासिक तौर पर पुलिस की उपस्थिति बनी रहेगी। 





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