बोकारो। करवा चौथ का पर्व इस बार 13 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस बार कई विशेष संयोगों के कारण करवा चौथ बहुत ही शुभ है। इस बार करवा चौथ पर ...
बोकारो। करवा चौथ का पर्व इस बार 13 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस बार कई विशेष संयोगों के कारण करवा चौथ बहुत ही शुभ है। इस बार करवा चौथ पर वहीं शनि अपनी राशि मकर में होंगे व गुरु मीन राशि में होंगे। करवा चौथ पर इस बार ऐसा कई सालों बाद हो रहा है जब करवा चौथ गुरुवार को मनाया जा रहा है और गुरु अपनी मीन राशि में बैठे हैं। ग्रहों की इस प्रकार की स्थिति को देखते हुए इस बार करवा चौथ का व्रत बहुत ही फलदायी होगा।
एक बार करवा चौथ पर ग्रहों की स्थिति पर नजर दौड़ाएं तो गुरु मीन राशि में और बुध अपनी राशि कन्या में रहेंगे। तीनों ग्रह अपनी स्वराशि में रहने से बहुत अच्छी स्थिति है। इसके अलावा चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे। यह सभी मिलकर बहुत ही शुभ संयोग बना रहे हैं। इस दौरान चंद्रमा की पूजा करने से दांपत्य जीवन के लिए बेहद शुभ फलदाई होगा।
इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती है और कुंवारी कन्या मन अनुकूल जीवनसाथी पाने के लिए इस व्रत को करती है। चंद्रमा की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम नक्षत्र 6.41 मिनट के बाद पूजा करना लाभकारी रहेगा। आपको बता दें कि इस बार करवा चौथ पर सिद्धि योग है, इसलिए शाम को 6.41 के बाद पूजा का योग है और 13 अक्टूबर गुरुवार को रात 7.54 बजे से रात 8.54 बजे तक पूजा हर हाल में कर लेनीचाहिए। इसके अलावा जो लोग सुबह पूजा करते हैं, वो राहुकाल का विशेष ध्यान रखकर ही करवा चौथ की कथा सुनें।
इस व्रत में चंद्रमा को अर्घ्य देने और चंद्र दर्शन के पहले जल का सेवन भी नहीं किया जाता है l इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर शिव परिवार के साथ-साथ करवा माता की पूजा उपासना करती हैं।

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