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राष्ट्रीय हिंदी पत्र लेखन प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह

  भिलाईनगर । असल बात न्यूज़।  फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड एवं स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘कोविड-19 क...

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भिलाईनगर । असल बात न्यूज़।

 फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड एवं स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘कोविड-19 का जीवन शैली पर प्रभाव’’ विषय पर ‘’राष्ट्रीय हिंदी पत्र लेखन प्रतियोगिता’’ का पुरस्कार वितरण निगमन कार्यालय,भिलाई के ‘‘मिनी ऑडिटोरियम ’’ में एफएसएनएल के प्रबंध निदेशक  राजीब भट्टाचार्य के मुख्य आतिथ्य एवं श्री पंकज त्यागी, उप-महाप्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन)/विधि, डाॅ. हंसा शुक्ला, प्राचार्य, स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, डाॅ. सुनिता वर्मा, विभागाध्यक्ष (हिंदी) डाॅ. नलिनी श्रीवास्तव, श्री बलदाऊ राम साहू, वरिष्ठ साहित्यकार के विशेष आतिथ्य में सम्पन्न हुई । 

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने विद्यादायिनी माँ सरस्वती की पूजा अर्चना एवं मंगलदीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । 

मुख्य अतिथि के आसंदी से अपने उदगार व्यक्त करते हुए  एफएसएनएल के प्रबंध निदेशक श्री राजीब भट्टाचार्य ने कहा कि-‘‘कोविड-19 का जीवन शैली पर अनेक प्रभाव देखने को मिला है, संपूर्ण विश्व आज हमारी भारतीय संस्कृति का अनुसरण कर रहा है। पत्र लेखन एक विद्या है, पत्र लेखन से आत्मीयता का बोध होता है। पत्र लेखन से हमारी भावनाओं का उदय होता है। पत्र लेखन से हमारी सकारात्मक क्षमता में वृद्धि होती है।’’ 

विशेष अतिथि डाॅ. हंसा शुक्ला ने कहा कि-‘‘डायनासोर जैसे विलुप्त हो गया है वैसे ही पत्र लेखन विलुप्त हो रहा है। अधिकांश लोगों को लिफाफे, पोस्टकार्ड और अन्तरदेशीय पत्र के अंतर की जानकारी नहीं है। कोविड-19 के इस दौर में जहा जीवन शैली पूर्णतः परिवर्तित हुई वही दूसरी ओर हमारी रचनात्मक क्षमता में वृद्धि हुई है तथा हम प्रयास करे तो कोई भी परिस्थिति में हम कामयाबी हासिल कर सकते हैं। इस वर्ष हिंदी पत्र लेखन में भाग लेने वालों की संख्या भी ज्यादा थी इससे यह पता चलता है कि लोग अब हिंदी में पत्र लेखन को सुचारू रूप से जारी रखना चाहते हैं।’’ निर्णायक वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. नलिनी श्रीवास्तव ने कहा की पत्र के द्वारा न केवल हम अपने भावनाओं को व्यक्त कर सकते है बल्कि पत्र साहित्य लेखन की एक विधा है कम्प्यूटर ने लिखने की क्षमता को समाप्त कर दिया है। टेक्नोलाॅजी के कारण लगता है हम स्वर्ग में पहुंच गये है उन्होने पत्र लेखन प्रतियोगिता के लिये आयोजक तथा प्रायोजक को बहुत-बहुत बधाई दी और कहा पत्र लेखन की शैली अलग होती है प्रतियोगिता में अनौपचारिक पत्र लिखना था कुछ लोग निबंध शैली पर लिखे इस कारण उनके पत्र प्रतियोगिता में शामिल नही किये गये।  

श्री बलदाऊ राम साहू वरिष्ठ साहित्यकार ने कहा मुझे पत्र पढ़ते समय प्रसन्नता हो रही थी और यह स्पष्ट हुआ कि कोविड-19 के कारण पारिवारिक वातावरण बहुत अच्छा हुआ हम और करीब आये दूरियां घटी। कोरोना पाजीटिव आने पर परिवार पर क्या मुसीबत आयी लोगों ने कैसे उनको छोड़ दिया व समाजिक दूरी बना ली। विद्यार्थियों ने अपनी संवेदनाये पत्र के माध्यम से व्यक्त की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एफएसएनएल के प्रबंध निदेशक राजीब भट्टाचार्य के कर कमलों द्वारा प्रथम- श्री राजकुमार साहू, शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर, द्वितीय-सुश्री अंशु सिंह, महिला महाविद्यालय, झारसुगुड़ा (ओडिशा), तृतीय -श्री गांभीर्य पटेल, शासकीय नेमीचंद जैन कला एवं विज्ञान महाविघालय, दल्लीराजहरा तथा  श्री निखिल शर्मा-स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, भिलाई, और सुश्री कामिनी कश्यप-शासकीय दूधाधारी बजरंग महाविद्यालय, रायपुर, सुश्री दीपमाला साहू-महर्षि वेदव्यास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कवर्धा, सुश्री भूमिका साहू-स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, भिलाई एवं सुश्री नोविता राजपूत-द्वारिका प्रसाद विप्र महाविद्यालय, बिलासपुर को सांत्वना पुरस्कार स्वरूप नकद पुरस्कार, प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया।  

मुख्य अतिथि श्री राजीब भट्टाचार्य, प्रबंध निदेश, एफएसएनएल ने निर्णायक मंडल के डाॅ. नलिनी श्रीवास्वत एवं श्री बलदाऊ राम साहू को भी सम्मानित किया । डाॅ. हंसा शुक्ला, प्राचार्य, स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविघालय ने एफएसएनएल के प्रबंध निदेशक श्री राजीब भट्टाचार्य, श्री पंकज त्यागी, श्री छगन लाल नागवंशी का प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजीब भट्टाचार्य द्वारा स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. हंसा शुक्ला को प्रशस्ति पत्र प्रदान का सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों को फूलों का रंग-बिरंगी पौधा प्रदान कर स्वागत किया गया।   कार्यक्रम की संयोजिका- डाॅ. सुनिता वर्मा, विभागाध्यक्ष (हिंदी) ‘‘राष्ट्रीय हिंदी पत्र लेखन’’ प्रतियोगिता’’ के संबंध में  विस्तृत जानकारी प्रदान की। वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. नलिनी श्रीवास्तव ने एफएसएनएल के प्रबंध निदेशक श्री राजीब भट्टाचार्य को ‘‘स्मृति कलश’’ नामक पुस्तक भेंट किया। 

कोविड-19 के जीवन शैली पर प्रभाव विषय पर अपने विचार रखते हुए श्री पंकज त्यागी, उप-महाप्रबंधक(कार्मिक एवं प्रशासन)/विधि ने धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम का संचालन संस्थान के राजभाषा अधिकारी श्री छगन लाल नागवंशी ने किया।