छत्तीसगढ़ राज्य में जितना अधिक धान उत्पादित होता है, किसानों को उतना पूरा धान सरकार खरीदनी नहीं है। धान खरीदने की एक सीमा होती है। राज्य स...
छत्तीसगढ़ राज्य में जितना अधिक धान उत्पादित होता है, किसानों को उतना पूरा धान सरकार खरीदनी नहीं है। धान खरीदने की एक सीमा होती है। राज्य सरकार उससे अधिक धान खरीद नहीं सकती। ऐसे में किसानों का बहुत अधिक धान ओने पौने दाम में चला जाता है। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। राज्य सरकार ने इन किसानों के नुकसान की चिंता की है। किसानों के पास जो धान बचता है राज्य सरकार अब उसे खरीद कर उससे इथेनॉल बनाएगी।
रायपुर। असल बात न्यूज़।
छत्तीसगढ़ राज्य में अब धान से एथेनाल बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य में फिलहाल 4 स्थानों पर संयंत्र लगाने की मंजूरी मिल गई है। किसानों के पास जो धन बचा रह जाता है उस ध्यान से यह इथेनॉल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह प्रक्रिया शुरू होने धान से एथेनाल बनने लगने से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। नए उद्योग धंधों की स्थापना होगी। सबसे बड़ी बात है कि किसानों और भान का सम्मान बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज पत्र वार्ता लेकर इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हमने चार, 5 औद्योगिक प्रतिष्ठानों से धान से एथेनाल बनाने का काम करने के लिए एमओयू कर लिया है। ऐसा माना जा रहा है कि केंद्र सरकार आगे चलकर न्यूनतम समर्थन मिले बंद करने वाली है। ऐसे में हमको किसानों की फसल का अधिक मूल्य दिलाने की चिंता है। धान का अधिक मूल्य मिल सके इसके लिए धान से बायोप्रोडक्ट प्यार करने की योजना बनाई जा रही है। इसी कड़ी में धान से एथेनाल बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ध्यान से छिनाल बनने लगेगा तो किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। हर साल उनका धान उत्पादित होता है पूरा धान खरीदा जाने लगेगा। उनका सम्मान बढ़ेगा। सबसे बड़ी बात है कि एथेनाल उत्पादन शुरू हो जाने से भारत देश को पेट्रोलियम पदार्थ खरीदने पर अधिक विदेशी मुद्रा खर्च नहीं करना पड़ेगा। विदेशी धन की बचत होगी। उन्होंने कहा कि हम ध्यान से बायप्रोडक्ट प्यार कर ले पिछले डेढ़ साल से प्रयास कर रहे हैं। इसमें अब जाकर सफलता मिली है। उन्होंने इस बात पर आपत्ति करते हुए कहा कि अभी केंद्र ने धान खरीदी के लिए एफसीआई को नोडल एजेंसी बनाया है जबकि यह धान खरीदी करने के लिए राज्य सरकार को छूट दी जानी चाहिए।
इस बारे में जानकारी देते हुए राज्य के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि किसान का सम्मान कैसे बड़े, धान की कीमत कैसे बढ़े इसके लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। एफसीआई जितने धान की खरीदी करती है प्रदेश में उससे बहुत अधिक धान का उत्पादन होता है। केंद्र सरकार को सर्वप्रथम तो धान खरीदी की लिमिट हटा देनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में किसान, जितने थान का उत्पादन करते हैं पूरा धान खरीदा जाना चाहिए। केंद्र सरकार पूरा धान नहीं खरीद रही है तो इससे बायो प्रोडक्ट बनना शुरू होगा तो किसानों को फायदा मिलेगा। अब केंद्र ने धान से इथेनॉल बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए हम लोग पिछले साल से संघर्ष कर रहे थे।



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