अम्ब्रेला योजना जारी रहने से पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के साथ छत्तीसगढ़ में भी वामपंथी उग्रवाद को नियंत्रित करने में मिलेगी मदद- लता उसेंडी

 

 नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ ।

असल बात न्यूज़।।

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय सदस्य तथा प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने देश में पुलिस बलों के आधुनिकीकरण की अम्ब्रेला योजना को जारी रखने की मंजूरी का स्वागत करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के लिए यह योजना काफी मायने रखती है। छत्तीसगढ़ में अभी भी वामपंथी हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही है जिसमें पिछले वर्षों में कई अधिकारी और पुलिस जवान शहीद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए फॉरेंसिक सिस्टम को भी मजबूत करने की लगातार जरूरत महसूस की जा रही है और नई परियोजना में इस पर सराहनीय प्रावधान किए गए हैं। इसका सभी के द्वारा स्वागत किया जा रहा है।

 भाजपा नेत्री सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में   पुलिस बलों के आधुनिकीकरण और सुधार के कार्यक्रमों के बढ़ाए जाने की योजना बनाई गई है। केंद्रीय गृह मंत्री, अमित शाह की पहल पर इन कार्यों को स्वीकृति मिल सकी है। इस योजना के तहत लगभग  26,275 करोड़ रुपये के कुल केंद्रीय वित्तीय परिव्यय की कार्य योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि हम आदिवासी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं और पिछले वर्षों में हम देख रहे हैं कि यहां किस तरह से अपराध बढ़ते जा रहे हैं। आदिवासी क्षेत्रों में भी अभी नशे की तस्करी की समस्या बढ़ती जा रही है। कई क्षेत्रों में ड्रग्स की आपूर्ति करने की शिकायतें बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि नई योजना के आ जाने से मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए शिकंजा कसा जा सकेगा। पुलिस बल का आधुनिकीकरण हो सकेगा और अपराध तथा अपराधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस वालों को वर्तमान में आचार्य संसाधनों की जरूरत है। नई योजना से इसकी पूर्ति हो सकेगी।

 उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा पिछले वर्षों में जो रणनीति बनाई गई है, काम शुरू किया गया है और राज्यों को जो संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं उसके चलते  विभिन्न राज्यों में वामपंथी उग्रवाद में कमी आई है। वामपंथ उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए 'राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना' को कार्यान्वित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य में अभी भी वामपंथी  हिंसा की घटनाएं लगातार हो रही है। पिछले वर्षों में यहां कई अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान इस हिंसा में शहीद हो गए हैं। उन्होंने नई योजना से छत्तीसगढ़ में भी नक्सली हिंसा की घटनाओं को नियंत्रित करने में सफलता पाने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बटालियनों/विशेष भारतीय रिजर्व बटालियनों की स्थापना के लिए 350 करोड़ रुपये का प्रावधन करने से छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को और अधिक सुरक्षा बटालियन मिल सकेगी।