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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना से अमित डे बने आत्मनिर्भर उद्यमी

  कोण्डागांव,  असल बात News  13 अक्टूबर 2026  केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता क...

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कोण्डागांव, 

असल बात News 

13 अक्टूबर 2026


 केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना युवाओं के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना का लाभ लेकर कोण्डागांव जिले के फरसगांव विकासखंड के ग्राम पश्चिम बोरगांव निवासी अमित डे ने स्वरोजगार की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।


एक साधारण कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले अमित डे ने आठवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझते हुए पाया कि फरसगांव में इलेक्ट्रिकल उपकरणों की रिपेयरिंग करने वाले कुशल सेवा प्रदाताओं की मांग है। इसी आवश्यकता को अवसर में बदलते हुए उन्होंने इलेक्ट्रिकल रिपेयरिंग का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।


प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना से मिला आर्थिक संबल


अपने सपने को साकार करने के लिए अमित डे ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का लाभ लिया। योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के लिए निर्धारित 25 प्रतिशत अनुदान का लाभ प्राप्त करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, फरसगांव में 3 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया। इसके साथ ही वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की ओर से उन्हें 75 हजार रुपये की अनुदान राशि (सब्सिडी) प्राप्त हुई। इस वित्तीय सहयोग से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध हुई। आर्थिक सहायता मिलने के बाद अमित डे ने नगर पंचायत फरसगांव में अमित रेफ्रिजरेशन के नाम से अपना प्रतिष्ठान स्थापित किया और अपने व्यावसायिक सफर की शुरुआत की।


दो लोगों को मिला रोजगार


अमित डे की लगन, मेहनत और निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि बीते पांच वर्षों के भीतर ही उन्होंने लगभग 2.50 लाख रुपये का सफल टर्नओवर हासिल किया है। आज उनका व्यवसाय न केवल उनकी आजीविका का साधन बना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का माध्यम भी साबित हो रहा है। उनके प्रतिष्ठान से दो स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार मिला है, जिससे उनके परिवारों को आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ है। शासकीय योजनाओं का प्रभावी लाभ लेकर ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी आत्मनिर्भर उद्यमी बन सकते हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के माध्यम से मिले आर्थिक सहयोग ने उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।