स्वरूपानंद महाविद्यालय में जिला इको-एसडीजी चैंपियनशिप के तहत विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता भिलाई . असल बात news. सोशल मीडिया को केवल म...
स्वरूपानंद महाविद्यालय में जिला इको-एसडीजी चैंपियनशिप के तहत विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता
भिलाई .
असल बात news.
सोशल मीडिया को केवल मनोरंजन का माध्यम न मानकर सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी साधन बनाने का संदेश देते हुए स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, हुडको, भिलाई में जिला इको-एसडीजी चैंपियनशिप के अंतर्गत नैतिक एवं सहयोगात्मक सोशल मीडिया अभियान का आयोजन किया गया। वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, संचार कौशल और टीम भावना का प्रभावी प्रदर्शन किया। वाणिज्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शर्मिला सामल ने बताया इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों समझ उत्पन्न होगी सोशल मीडिया केवल मनोरंजन एवं अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका नैतिक और जिम्मेदार उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
खुशबू पाठक विभागाध्यक्ष प्रबंधन ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने हस्तनिर्मित प्लेकार्ड तैयार किए, जिनमें सोशल मीडिया के नैतिक एवं जिम्मेदार उपयोग से जुड़े संदेशों को प्रस्तुत किया । विद्यार्थियों ने इन प्लेकार्ड के माध्यम से संवाद एवं संदेश प्रस्तुत किए तथा सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने से पहले तथ्य सत्यापित करने, निजता का सम्मान करने, अनुमति के बिना किसी की तस्वीर साझा न करने और भ्रामक सामग्री से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता फैलाई। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने अभियान के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए रील्स, फोटोग्राफ एवं वीडियो भी तैयार किए।
श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा एवं डॉ. मोनिशा शर्मा ने विद्यार्थियों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सरोकारों से जुड़ी ऐसी गतिविधियाँ युवाओं को अपनी रचनात्मक सोच को वास्तविक जीवन की चुनौतियों से जोड़ने का अवसर देती हैं।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया का जिम्मेदार और सकारात्मक उपयोग विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों को सामाजिक एवं पर्यावरणीय विषयों के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को भी मंच प्रदान करती हैं।
इस गतिविधि में विद्यार्थियों ने टीम के रूप में कार्य करते हुए शोध, डिजाइन, लेखन एवं सोशल मीडिया प्रबंधन जैसी अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। सभी सदस्यों के विचारों को महत्व देते हुए सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया ने विद्यार्थियों में टीमवर्क, नेतृत्व एवं सहयोग की भावना को भी विकसित किया।
अभियान ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता, सहयोग, नैतिक निर्णय लेने की क्षमता तथा जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा दिया।
इस प्रतियोगिता में बी.कॉम. से हर्षिता मोदक, नंदनी नाग, नेहा मंडावी, ऋषिका पाल एवं कनक तांडी; बीबीए से ग्रंथा शर्मा, श्रेया राठौर, देवीशक्ति शर्मा एवं तनिष्का शर्मा; बी.ए. से चंदा जाल, विशाखा अम्बेलकर, पायल बारीक, सात्विक, शरद एवं फलाज; बीसीए से पियूष तथा बीएससी से आदि मौर्य, भाविका एवं सुनीधी साहू शामिल हुए उन्होंने अभियान के दौरान यह संदेश दिया कि सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है। साथ ही, दूसरों की भावनाओं एवं निजता का सम्मान करना तथा ऐसी सामग्री साझा करने से बचना चाहिए जिससे किसी व्यक्ति या समुदाय को नुकसान पहुंच सकता है। ।
अभियान का मुख्य संदेश प्लेकार्ड के माध्यम से सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ करने का संदेश दिया।कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक प्राध्यापक वाणिज्य अमरजीत सहायक प्राध्यापक वाणिज्य लक्ष्मी द्विवेदी एवं सहायक अध्यापक प्रबंधन इंद्राणी दास ने विशेष योगदान दियाइस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने समझा कि सोशल मीडिया केवल मनोरंजन एवं अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका नैतिक और जिम्मेदार उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


"
"
" alt="" />
" alt="" />


