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मातृत्व के कठिन दौर में ‘सेवा संकल्प’ का संबल,20 हजार की सहायता से कमला साहू के जीवन में आई नई मुस्कान

  ​रायपुर   . असल बात news.           ​मातृत्व हर महिला के जीवन का सबसे सुखद एहसास होता है, लेकिन एक दैनिक श्रमजीवी महिला के लिए यह समय खुशि...

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​रायपुर   .

असल बात news.  

       ​मातृत्व हर महिला के जीवन का सबसे सुखद एहसास होता है, लेकिन एक दैनिक श्रमजीवी महिला के लिए यह समय खुशियों के साथ-साथ गंभीर आर्थिक चुनौतियों को भी साथ लाता है। सारंगढ़ जिला के ग्राम पठारी की रहने वाली श्रीमती कमला साहू, जो रेजा मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं, के सामने भी नवजात शिशु के आगमन पर ऐसी ही परिस्थिति निर्मित हो गई थी।

​बच्चे की देखभाल के लिए काम से दूरी बनाने के कारण उनकी दैनिक मजदूरी बंद हो गई थी। सीमित आमदनी में घर के दैनिक खर्चों को संभालने के साथ नवजात के पोषण और स्वास्थ्य की आवश्यकताओं को पूरा करना कमला के लिए एक बड़ी चिंता का कारण बना हुआ था।

      ​ऐसे संवेदनशील और कठिन समय में राज्य सरकार का ‘सेवा संकल्प अभियान’ उनके लिए एक नया सवेरा लेकर आया। अभियान के तहत श्रम विभाग द्वारा संचालित ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ के माध्यम से पात्र हितग्राही कमला साहू के बैंक खाते में direct benefit transfer (DBT) के जरिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि हस्तांतरित की गई।

         ​यह राशि केवल वित्तीय मदद मात्र नहीं थी, बल्कि मजदूरी प्रभावित होने के उस दौर में मिला एक सुदृढ़ संबल थी। सहायता राशि प्राप्त होने के बाद कमला अपने नवजात बच्चे के स्वास्थ्य, उचित पोषण और देखभाल पर पूरा ध्यान दे पा रही हैं।

      ​कमला साहू अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए बताती हैं कि रेजा मजदूरी की सीमित आय में परिवार की जरूरतें पूरी करना आसान नहीं होता।मातृत्व के दौरान काम पर न जा पाने से बच्चे की देखभाल और घर के खर्च को लेकर बहुत चिंता रहती थी। मिनीमाता महतारी जतन योजना से मिले 20 हजार रुपये ने कठिन समय में बहुत बड़ा सहारा दिया है। इससे बच्चे के पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें बिना किसी तंगी के पूरी हो रही हैं।

       ​कमला की यह सफलता की कहानी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के मूल ध्येय को चरितार्थ करती है—जहाँ अंतिम पंक्ति के पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाकर उनके जीवन में सकारात्मक और वास्तविक परिवर्तन लाया जा रहा है। आज कमला एक बार फिर हिम्मत और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ रही हैं, और योजना से मिले इस सहयोग ने उनके परिवार की चिंता दूर कर बच्चों के सुखद भविष्य का विश्वास जगाया है।