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162 एकड़ फसल पर संकट: 2.68 करोड़ से हुई बांध मरम्मत, तीन महीने बाद पहली बारिश में बहने लगी तटबंध की मिट्टी

  कवर्धा। कबीरधाम जिले के बेल्हारी बांध के तटबंध की मरम्मत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 2 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से मरम्मत कार्य ...

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 कवर्धा। कबीरधाम जिले के बेल्हारी बांध के तटबंध की मरम्मत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 2 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से मरम्मत कार्य पूरा होने के महज तीन महीने बाद ही पहली बारिश में तटबंध की मिट्टी बहने लगी है। जगह-जगह पानी का रिसाव होने से ग्रामीणों में बांध के कमजोर होने और टूटने का डर बना हुआ है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के दौरान तटबंध में मिट्टी डालने के बाद उसका पर्याप्त कंपेक्शन नहीं किया गया। यही वजह है कि बारिश और पानी के दबाव के चलते मिट्टी बहने लगी और तटबंध कमजोर हो गया। स्थिति को देखते हुए बांध का पानी नहर के जरिए बाहर निकाला जा रहा है।



162 एकड़ फसल पर मंडरा रहा खतरा

बेल्हारी बांध के तटबंध की मौजूदा स्थिति ने आसपास के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों के मुताबिक यदि तटबंध टूटता है तो करीब 162 एकड़ खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों को आशंका है कि पानी का दबाव बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।



2.68 करोड़ के काम की गुणवत्ता पर सवाल

तीन महीने पहले हुए मरम्मत कार्य के बाद पहली ही बारिश में तटबंध की मिट्टी बहने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने ठेकेदार की कार्यप्रणाली के साथ ही विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि काम तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया था तो पहली बारिश में ही तटबंध की मिट्टी क्यों बहने लगी? क्या मिट्टी के पर्याप्त कंपेक्शन की प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई? क्या विभागीय अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की सही तरीके से जांच की?

तकनीकी जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग

फिलहाल बांध का पानी नहर के जरिए बाहर निकाला जा रहा है, ताकि तटबंध पर पानी का दबाव कम किया जा सके। ग्रामीणों ने मामले की तकनीकी जांच कराने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पड़ताल करने की मांग की है। करोड़ों रुपये की लागत से हुए काम के बावजूद महज तीन महीने में सामने आई स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और तकनीकी जांच में तटबंध की खराब स्थिति की असल वजह क्या सामने आती है।