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RTE प्रवेश में अनियमितता की शिकायत: दस्तावेज जमा होने के बाद भी पात्र बच्चों का अप्रूवल नहीं होने की शिकायत

*पूर्व एल्डरमेन तरुण बंजारे ने डीईओ से शिकायत कर जांच व कार्रवाई की मांग  दुर्ग . असल बात news. दुर्ग जिले के नगर पालिक निगम रिसाली अंतर्गत ...

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*पूर्व एल्डरमेन तरुण बंजारे ने डीईओ से शिकायत कर जांच व कार्रवाई की मांग 

दुर्ग .

असल बात news.

दुर्ग जिले के नगर पालिक निगम रिसाली अंतर्गत वार्ड क्रमांक 35 एवं 36, ग्राम डुंडेरा स्थित शासकीय विद्यालय में शिक्षा का अधिकार RTE अधिनियम के तहत पात्र बच्चों के प्रवेश को लेकर शिकायत सामने आई है। नगर पालिक निगम रिसाली के पूर्व एल्डरमेन तरुण बंजारे ने जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच कराने, पात्र बच्चों को शीघ्र प्रवेश दिलाने तथा इसमें अनियमितता या लापरवाही पाई जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, वार्ड क्रमांक 35 एवं 36 के अनेक पालकों ने अपने बच्चों के लिए RTE के तहत निर्धारित समय सीमा में ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के दौरान पोर्टल में मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड किए गए तथा संबंधित विद्यालय में भी संपूर्ण दस्तावेज जमा करा दिए गए। इसके बावजूद विद्यालय प्रबंधन एवं नोडल अधिकारी द्वारा अब तक प्रवेश की स्वीकृति Approval जारी नहीं किए जाने से पात्र बच्चों का प्रवेश लंबित है।

तरुण बंजारे ने बताया कि जब पालक प्रवेश की जानकारी लेने विद्यालय पहुंचे तो अलग-अलग पालकों से अलग-अलग दस्तावेजों की मांग की गई। किसी से वर्ष 2011 की सूची मांगी गई, जिसे पालकों ने उपलब्ध करा दिया। इसके बाद किसी से वर्ष 2008 की सूची मांगी गई, वह भी प्रस्तुत कर दी गई। वहीं कुछ पालकों से वर्ष 2002 की सूची मांगी गई तथा कुछ मामलों में यह कहा गया कि राशन कार्ड में उनके दादा का नाम अंकित नहीं है। उनका कहना है कि मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद भी प्रवेश की स्वीकृति जारी नहीं की गई।

उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा पालकों को यह भी कहा गया कि संबंधित विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में आता है, इसलिए वर्ष 2011 की सूची आवश्यक है। जबकि ऑनलाइन RTE पोर्टल एवं आवेदन पत्र में संबंधित विद्यालय का क्षेत्र स्पष्ट रूप से “नगरीय निकाय शहरी क्षेत्र” अंकित है तथा उसी आधार पर विद्यालय का आवंटन किया गया है। उनके अनुसार, इस विरोधाभास के कारण पालकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।

तरुण बंजारे का कहना है कि सभी पालकों ने निर्धारित समय के भीतर आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज पोर्टल एवं विद्यालय में जमा कर दिए थे। इसके बावजूद प्रवेश की स्वीकृति जारी नहीं की गई और बाद में पालकों को यह कहकर लौटा दिया गया कि “प्रवेश की अंतिम तिथि निकल चुकी है, अब अगले वर्ष प्रवेश मिलेगा।” उनका कहना है कि यदि पालकों ने समय पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं, तो पात्र बच्चों को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पात्र बच्चों को तत्काल RTE के तहत प्रवेश दिलाया जाए। साथ ही यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही, नियमों की अनदेखी अथवा प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

तरुण बंजारे ने कहा कि यदि समय रहते पात्र बच्चों को प्रवेश नहीं मिला तो उनका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है। इसलिए शिक्षा विभाग को शीघ्र हस्तक्षेप कर पात्र एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा का वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना चाहिए।इस दौरान ईश्वर साहू,मोनू तिवारी,योगेश फेकर,अमोली राम उपस्थित थे।