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खाद नहीं मिलने पर सड़क पर उतरे किसान, ढाई घंटे तक चक्काजाम; आश्वासन के बाद हटे

  भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के ग्राम केंवटी लैम्प्स में रासायनिक खाद वितरण में अव्यवस्था को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड...

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 भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के ग्राम केंवटी लैम्प्स में रासायनिक खाद वितरण में अव्यवस्था को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। समय पर खाद नहीं मिलने और रात में चुनिंदा किसानों को खाद बांटने का आरोप लगाते हुए किसानों ने भानुप्रतापपुर–अंतागढ़ मुख्य मार्ग पर करीब ढाई घंटे तक चक्काजाम किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त किया।




मंगलवार दोपहर बड़ी संख्या में किसान केंवटी लैम्प्स के सामने एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर चक्काजाम शुरू कर दिया। किसानों का आरोप था कि वे पिछले पांच दिनों से खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल रही। वहीं सोमवार देर रात कुछ प्रभावशाली लोगों के फोन आने पर चुनिंदा किसानों को खाद वितरित कर दिया गया, जिससे बाकी किसानों में भारी नाराजगी फैल गई।



आश्वासन के बाद किसानों ने खत्म किया प्रदर्शन

चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार कुलदीप ठाकुर, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर निष्पक्ष तरीके से खाद वितरण कराने और जल्द पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब ढाई घंटे से जारी चक्काजाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो सका।



नेता के फोन पर रात में एक किसान को खाद दिया : खाद प्रभारी

लैम्प्स के खाद प्रभारी राकेश चालाकी ने स्वीकार किया कि एक नेता के फोन आने के बाद मजबूरी में सोमवार रात एक किसान को खाद देना पड़ा। इस बयान के बाद खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल और भी गहरा गए हैं। किसानों का कहना है कि यदि बुधवार तक डीएपी सहित पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई गई और वितरण में पारदर्शिता नहीं लाई गई तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।


खाद नहीं मिलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

केंवटी लैम्प्स में खाद वितरण को लेकर हुए इस विवाद ने किसानों की परेशानियों को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब सभी की नजर प्रशासन के उस आश्वासन पर टिकी है, जिसमें बुधवार तक खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की बात कही गई है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसानों ने दोबारा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।