आरंग। पंचायतों में विकास कार्यों के लिए आवंटित शासकीय राशि के दुरुपयोग के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रायपुर जिले के आरंग...
आरंग। पंचायतों में विकास कार्यों के लिए आवंटित शासकीय राशि के दुरुपयोग के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रायपुर जिले के आरंग अनुविभाग में वित्तीय अनियमितता और शासकीय धन की वसूली नहीं करने के मामले में पांच पूर्व सरपंचों के खिलाफ गिरफ्तारी और सिविल जेल भेजने का वारंट जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और सचिवों में हड़कंप मच गया है।
न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी आरंग अभिलाषा पैकरा ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 92(2) के तहत यह आदेश जारी किया है। इन पूर्व सरपंचों से कुल 17 लाख 98 हजार 700 रुपए की लोक राशि की वसूली की जानी है। राशि जमा नहीं करने की स्थिति में उन्हें अधिकतम 30 दिनों के लिए केंद्रीय जेल रायपुर भेजे जाने का निर्देश दिया गया है।

इन पूर्व सरपंचों के खिलाफ जारी हुआ वारंट
न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार निम्नलिखित पूर्व सरपंचों से शासकीय राशि की वसूली की जानी है—
- खेलूराम साहू, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत बनरसी (आरंग) – 6 लाख 76 हजार 700 रुपए
- कुंती कुर्रे (पति बालकुमार कुर्रे), पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत अमेठी (आरंग) – 4 लाख 42 हजार रुपए
- धरमदास टंडन, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत अकोलीखुर्द (आरंग) – 3 लाख 20 हजार रुपए
- दिनेश कोसरिया, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत गुमा (खरोरा) – 2 लाख 82 हजार रुपए
- दामिनी, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत भंडारपुरी (खरोरा) – 80 हजार रुपए
कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब
जानकारी के अनुसार इन सभी मामलों में राजस्व न्यायालय द्वारा काफी पहले ही शासकीय एवं लोक राशि की वसूली के आदेश पारित किए जा चुके थे। इसके बाद विहित प्राधिकारी एवं एसडीएम आरंग ने संबंधित पूर्व सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने और सिविल जेल भेजे जाने से बचने का अवसर दिया था।
हालांकि प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक किसी भी पूर्व सरपंच ने न तो संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया और न ही बकाया राशि सरकारी खजाने में जमा कराई। इसके बाद न्यायालय ने सख्त कदम उठाते हुए उनके खिलाफ सिविल जेल वारंट जारी कर दिया।
थाना प्रभारियों को गिरफ्तारी के निर्देश
एसडीएम एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी आरंग अभिलाषा पैकरा ने आरंग और खरोरा थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि संबंधित पूर्व सरपंचों को तत्काल अभिरक्षा में लेकर केंद्रीय जेल रायपुर भेजा जाए।
वहीं केंद्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक को जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित व्यक्तियों को अधिकतम 30 दिनों तक अथवा बकाया राशि जमा होने तक सिविल जेल में निरुद्ध रखा जाए। यदि जेल अवधि के दौरान वे पूरी राशि नकद जमा कर देते हैं तो उन्हें तत्काल रिहा किया जा सकेगा।
पंचायत प्रतिनिधियों में बढ़ी चिंता
एक साथ पांच पूर्व सरपंचों के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के बाद आरंग और खरोरा क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों तथा सचिवों में बेचैनी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि जिन पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें लंबित हैं, वहां भी जांच और कार्रवाई तेज हो सकती है।
एसडीएम अभिलाषा पैकरा ने स्पष्ट कहा है कि शासकीय राशि जनता के विकास के लिए होती है। विकास कार्यों के लिए जारी धनराशि के गबन या दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य ग्राम पंचायतों के पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।


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