"योग हमें बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान बने रहने में सहायता करता है" - प्रधानमंत्री "योग केवल व्यक्तिगत भलाई क...
"योग हमें बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान बने रहने में सहायता करता है" - प्रधानमंत्री
"योग केवल व्यक्तिगत भलाई के लिए नहीं है; यह वैश्विक शांति का मार्ग भी है" - प्रधानमंत्री
"आइए योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखें; इसे दैनिक जीवन का अंग बनाएं" - प्रधानमंत्री
"दार्जिलिंग से लेकर दीघा और कूचबिहार तक के लोगों ने योग समारोहों में उत्साहपूर्वक भाग लिया है" - मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी
"'योग 365' नागरिकों को वर्ष भर योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का अंग बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है" - आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के कोलकाता में ऐतिहासिक रेड रोड पर 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह में भाग लिया। "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) की थीम के तहत राष्ट्रीय आयोजन का नेतृत्व करते हुए, उन्होंने हजारों प्रतिभागियों के साथ 'कॉमन योग प्रोटोकॉल' का अभ्यास किया, जबकि भारत और दुनिया भर के लाखों लोग ऑनलाइन माध्यम से इस समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री आर. एन. रवि, मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और दुनिया भर के लोगों को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि 21 जून दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक समारोहों में से एक बन गया है, जिसमें विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोग योग के अभ्यास के माध्यम से एक साथ आते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक और बंगाल से लेकर सौराष्ट्र तक, पूरा देश योग की ऊर्जा और भावना से ओत-प्रोत है। उन्होंने कहा कि योग में लोगों, समाजों और देशों को जोड़ने की अद्भुत शक्ति है और यह मानवीय एकता के बंधन को मजबूत करता रहता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए, वहाँ राष्ट्रीय समारोह का आयोजन करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद, श्री अरबिंदो और अन्य हस्तियों सहित बंगाल से जुड़े महान आध्यात्मिक नेताओं और विचारकों ने दुनिया भर में योग का संदेश फैलाने में मदद की। प्रधानमंत्री ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि इस भूमि ने लंबे समय से ऐसी परंपराओं को संजोया है जो मन, शरीर और आत्मा की एकता पर ज़ोर देती हैं। उन्होंने कहा कि कोलकाता में सामूहिक योग सत्र इसी स्थायी विरासत को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) की बात करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि योग सिर्फ़ शारीरिक व्यायाम या किसी विशेष उम्र के लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने का ऐसा तरीका है जो जीवन के हर पड़ाव पर ऊर्जा, मज़बूती और सेहत को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि योग लोगों को बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान बने रहने में सहायता करता है, इसके साथ ही शारीरिक लचीलापन, मानसिक संतुलन और भावनात्मक मज़बूती बनाए रखने में भी सहायक है।
इस समारोह में अभूतपूर्व जन-भागीदारी देखी जा रही है, जिसमें योग संगम पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले संगठनों की संख्या छह लाख से अधिक हो गई है। यह ज़बरदस्त प्रतिक्रिया संस्थानों, समुदायों और नागरिकों के उस उत्साह को दर्शाती है जिसके साथ वे योग को वास्तव में जन-आंदोलन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर इस वर्ष भी दुनिया भर से ज़बरदस्त भागीदारी देखने को मिल रही है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के समन्वित प्रयासों से, 210 से ज़्यादा भारतीय मिशन दुनिया भर में लगभग 2,500 जगहों पर योग कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
इन आयोजनों में सांस्कृतिक पहलू को जोड़ते हुए, संस्कृति मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सहयोग से देश के 100 प्रमुख स्थानों पर विशेष योग कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसके ज़रिए भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और योग परंपराओं को आपस में जोड़ा जा रहा है।




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