*अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों में इबोला वायरस के लक्षण नहीं, आइसोलेशन में रखे गए है दुर्ग . असल बात news. 04 जून 2026. इबोला वायरस के संक्र...
*अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों में इबोला वायरस के लक्षण नहीं, आइसोलेशन में रखे गए है
दुर्ग .
असल बात news.
04 जून 2026.
इबोला वायरस के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए दुर्ग जिले में भी उपाय किए जा रहे हैं. दूसरे देशों विशेष कर अफ्रीकी देशों से आने वाले मरीजों को जाँच कर होम आइसोलेशन में रखा जा रहा है. उनके स्वास्थ्य का प्रतिदिन नियमित अपडेट किया जा रहा है. इस संक्रमण के प्रकोप से बचाव के लिए जिले में जिला स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है. उल्लेखनीय है कि साउथ अफ्रिका में इबोला-बायरस पाया गया हैं, इसके बाद पूरी दुनिया में एक अटेंशन लिया गया है. और बताव के उपाय किए जा रहे हैं.
दुर्ग जिले में वर्तमान में तीन अंतर्राष्ट्रीय यात्री अभी आये हैं। जिसमें से 01 कांगो से दुर्ग 31 मई 2026 को आयी हैं तथा 02 अंतर्राष्ट्रीय यात्री भिलाई में 02 जून 2026 को आये हैं। जिनमें से 01 इथोपिया से एवं 01 युगांडा से आया हैं। नो सिम्टोमैटिक, नो हिस्ट्री ऑफ कॉनटैक्ट होने के कारण तीनों अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को होम आइसोलेशन में 21 दिन के लिए रखा गया हैं। जिनकी प्रतिदिवस सुबह एवं शाम टेलीफोन के माध्यम से स्वास्थ्य संबधित जानकारी ली जा रही हैं। वर्तमान में तीनों यात्री असिम्टमैटिक एवं पूर्णतः स्वस्थ हैं। एवं उन्हें किसी प्रकार की तकलीफ होने से ट्रेसिंग टीम/स्वास्थ्य विभाग/कंट्रोल रूम एवं कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग को जानकारी देने हेतु बताया जा रहा है।
*जिला स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम जिला दुर्ग
1. डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, (मो. नं. 8103692107)- जिला सर्विलेंस अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग
2. डॉ. दिव्या श्रीवास्तव (मो. नं. 7224001424)- जिला टीकाकरण अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग
3. डॉ. रश्मि ग्लैड (मो. नं. 9926111138)- जिला मलेरिया अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग
4. श्रीमति रितिका सोनवानी (मो. नं. 8815598585)- जिला महामारी अधिकारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग
*टीप-
1. जिला स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम की जानकारी जिले की वैबसाइट (https://durg.gov.in) में उपलब्ध हैं।
2. अफ्रीका से यात्रा करके आने पर आइसोलेशन में रखा गया है, तबियत पूरी तरह से ठीक है। कैटेगरी 1 के व्यक्ति हैं तथा इबोला वायरस के कोई लक्षण नहीं है।
*इबोला वायरस-
*▪️ लक्षण -* बुखार, उल्टी, पेट दर्द, जोड़ो में दर्द, अत्यधिक थकान, सिर दर्द अधिक वाटरी डायरिया के लक्षण पाये जाते हैं।
*▪️ कैसे फैलते हैं -* संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से एवं बॉडी फ्लूइड से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता हैं।
*▪️ जॉच -* इसके लिए जॉच के लिए मुख्य रूप से आरटीपीसीआर जॉच किया जाता हैं।
▪️ साउथ अफ्रिका में वर्तमान में इबोला-बायरस पाया गया हैं। जो कि 05 मई 2026 को मिला एवं 15 मई 2026 को पहचान किया गया एवं 17 मई 2026 को डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रमाणित किया गया।
▪️ *आइसोलेशन -
1. इबोला वायरस से प्रभावित देशों (विशेषकर अफ्रिकी देश) से अंतर्राष्ट्रीय यात्रा कर दुर्ग आये अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को 21 दिन के लिए होम आइसोलेशन में रखा जाना हैं एवं 21 दिन तक प्रतिदिवस स्वास्थ्य निगरानी एवं स्वास्थ्य सलाह दिया जा रहा हैं।
2. अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को एयरपोर्ट पर क्लिनिकल स्क्रीनिंग किया जा रहा हैं। जिसमें रिस्क कैटेगरी के आधार पर कैटेगरी 01 से 03 में चिन्हांकित किया जा रहा हैं।
3. दुर्ग जिले में आये तीनाें अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को नो सिम्टोमैटिक, नो हिस्ट्री ऑफ कॉनटैक्ट होने के कारण सेल्फ निगरानी अंतर्गत 21 दिन हेतु होम आइसोलेशन पर रखा गया हैं।


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