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कलेक्टर गोपाल वर्मा ने मानसून पूर्व तैयारियों के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश

कवर्धा,असल बात कवर्धा, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने आगामी मानसून 2026 को दृष्टिगत रखते हुए जिले में संभावित प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर बाढ़ ज...

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कवर्धा,असल बात








कवर्धा, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने आगामी मानसून 2026 को दृष्टिगत रखते हुए जिले में संभावित प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने एवं राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि सभी विभाग पूर्व में तैयार बाढ़ राहत कार्ययोजना का पुनः अवलोकन कर आवश्यक तथ्यों को तत्काल अद्यतन करें तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर लें।

निर्देशानुसार जिले में स्थापित सभी वर्षामापक यंत्रों का उचित संधारण एवं नियमित जानकारी प्रेषित करना सुनिश्चित किया जाएगा। जिन तहसीलों में वर्षामापी यंत्र स्थापित नहीं हैं, वहां तत्काल स्थापना के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष जिला कार्यालय कंट्रोल रूम में स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष क्रमांक 07741-232038 निर्धारित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे संचालित रहेगा। आपातकालीन स्थिति में मुख्य नगर पालिका अधिकारी, फायर ब्रिगेड, पुलिस कंट्रोल रूम तथा जिला चिकित्सालय के दूरभाष नंबरों पर भी तत्काल सूचना दी जा सकेगी। सभी नगरीय निकायों एवं संबंधित कार्यालयों को अपने स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि बाढ़ नियंत्रण कक्षों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाई जाए। संभावित पहुंचविहीन क्षेत्रों में खाद्यान्न, नमक, केरोसिन, जीवनरक्षक दवाइयां सहित आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए डॉक्टरों की रेस्क्यू टीम गठित करने तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश एवं अन्य जीव-जंतुओं के काटने से संबंधित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा गया है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जनपद पंचायतों को पेयजल स्रोतों जैसे कुएं एवं हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर आदि की व्यवस्था कर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने को कहा गया है जहां प्रतिवर्ष बाढ़ की संभावना बनी रहती है, विशेषकर सकरी एवं हाफ नदी के तटीय गांवों में सतत निगरानी रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने एवं अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था के लिए शासकीय एवं अशासकीय भवनों को चिन्हित करने कहा गया है।

जिला सेनानी, नगर सेना को बाढ़ बचाव से संबंधित सभी उपकरणों जैसे मोटर बोट, लाइफ जैकेट, रस्सी, सर्च लाइट, मेगाफोन, तारपोलीन एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की मरम्मत कर उपयोग हेतु तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय क्षेत्रों में नालों एवं नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में पोर्टेबल डायविंग पंप की व्यवस्था करने कहा गया है। साथ ही असुरक्षित पेड़ों की छंटाई एवं होर्डिंग्स को सुरक्षित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जल संसाधन विभाग को मध्यम सिंचाई परियोजनाओं एवं जलाशयों से जल छोड़ने की स्थिति में विशेष सतर्कता बरतने तथा निचले क्षेत्रों एवं सीमावर्ती जिलों को पूर्व सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। राहत शिविरों में भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता, अतिरिक्त शौचालय, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं कीटाणुशोधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया है ताकि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम की जा सके। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बाढ़ नियंत्रण एवं बचाव सामग्री की उपलब्ध सूची तत्काल जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए तथा वर्षा, बाढ़ एवं राहत कार्यों से संबंधित जानकारी प्रतिदिन जिला कार्यालय को नियमित रूप से प्रेषित करना सुनिश्चित करें।

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