भिलाई . असल बात news. विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर कला संकाय एवं इंटैक दुर्ग-भिलाई अध्याय के संयुक्त तत्वावधान में चित्रकला पोस्टर एवं भाषण...
भिलाई .
असल बात news.
विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर कला संकाय एवं इंटैक दुर्ग-भिलाई अध्याय के संयुक्त तत्वावधान में चित्रकला पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इंटैक दुर्ग-भिलाई का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक कर, उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करना था।
इंटैक दुर्ग-भिलाई अध्याय की संयोजिका डॉ. हंसा शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों की समझ को भी विकसित करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में न केवल रचनात्मकता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ते हुए सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्तरदायित्व के प्रति सजग बनाते हैं।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुनीता वर्मा विभागाध्यक्ष हिंदी ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा विश्व धरोहर दिवस मनाने का उद्देश्य केवल स्मारकों को याद करना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण के प्रति सक्रिय सोच विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में शहरीकरण, प्रदूषण एवं उपेक्षा के कारण अनेक ऐतिहासिक धरोहरें खतरे में हैं, ऐसे में युवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में रचनात्मक अभिव्यक्ति, संवेदनशीलता तथा सांस्कृतिक चेतना को विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर हुडको के निदेशक डॉ दीपक शर्मा एवं मोनिशा शर्मा ने कहा प्रतिभागियों के चित्रों में ऐतिहासिक धरोहरों की सुंदरता, भावनात्मक गहराई एवं सृजनात्मकता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई, जिससे यह प्रतीत हुआ कि विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील हैं।
प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में डॉ. शिवानी शर्मा विभागाध्यक्ष, बायोटेक्नोलॉजी एवं श्रीमती रुपाली खर्च विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा विद्यार्थियों ने भाषण एवं चित्रकला दोनों ही प्रतियोगिताओं में अत्यंत उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
भाषण प्रतियोगिता का विषय “विश्व धरोहर का संरक्षण: युवा पीढ़ी की भूमिका” रखा गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने विचारों के माध्यम से धरोहरों के संरक्षण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं चित्रकला पोस्टर प्रतियोगिता का विषय“ऐतिहासिक स्मारक: अतीत की अमूल्य धरोहर” रखा गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने सृजनात्मक चित्रों के माध्यम से भारत की गौरवशाली विरासत को जीवंत रूप में अभिव्यक्त किया।। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त अपेक्षा राजपूत ने कहा किसी भी राष्ट्र की आत्मा उसकी ऐतिहासिक विरासत होती है और यदि यह सत्य है तो हमें स्वयं से यह सवाल करना होगा क्या हम अपनी आत्मा की रक्षा कर पा रहे हैं द्वितीय स्थान प्राप्त प्रिया सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा आज विरासत संरक्षण केवल सरकार या पुरातत्व विभाग की जिम्मेदारी नहीं है यह एक साझा वैश्विक जिम्मेदारी है जब हम किसी स्मारक की रक्षा करते हैं तो हम वास्तव में अपनी जड़ों की रक्षा कर रहे होते हैं।तृतीय स्थान प्राप्त दिव्यांशु ने बताया हमारे देश के युवा हमारे देश की रीड की हड्डी है और वही हमारे धरोहरों को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं वही अदिति पांडे के भाषण को विशेष रूप से सराहना मिली जिसने कहा कि हम ऐतिहासिक धरोहरों पर सिर्फ रील बनाने फोटो खिंचवाने के लिए जाते हैं जबकि हमारी संस्कृति ऐसी है जिससे प्रभावित होकर लोग यहां आकर के बस जाते हैं
चित्रकला प्रतियोगिता में
* प्रथम स्थान – भावना साहू बी.एससी. कंप्यूटर साइंस, चतुर्थ सेमेस्टर
* द्वितीय स्थान – अदिति पांडे एम.एससी., द्वितीय सेमेस्टर
* तृतीय स्थान – जिज्ञासा साहू डी.एल.एड., द्वितीय सेमेस्टर
* सांत्वना पुरस्कार – अपेक्षा राजपूत बी.ए., द्वितीय सेमेस्टर
भाषण प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों के नाम –
* प्रथम स्थान – अपेक्षा राजपूत बी.ए., द्वितीय सेमेस्टर
* द्वितीय स्थान – प्रिया सिंह बी कॉम द्वितीय वर्ष
* तृतीय स्थान – दिव्यांशु दुबे बी कॉम चतुर्थ सेमेस्टर
इंटेक् दुर्ग भिलाई के आजीवन सदस्य श्रीमती शानू मोहन एवं विश्वास तिवारी एवं महाविद्यालय से श्रीमती संयुक्ता पाढ़ी , श्रीमती ज्योति मिश्रा , डॉ मीना मिश्रा, श्रीमती खुशबू पाठक, श्रीमती अनामिका राय श्रीमती राधारानी मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।




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