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जग्गी हत्याकांड मामला: अमित जोगी ने अतिरिक्त समय मांगा, अंतिम सुनवाई अब कल होगी

  बिलासपुर। असल बात news.  छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में आज हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान ...

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 बिलासपुर।

असल बात news. 

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में आज हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अमित जोगी की ओर से अतिरिक्त समय मांगा गया, लेकिन कोर्ट ने इस मांग को सख्ती से खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच (डीबी) में चल रही इस सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया गया कि अब मामले में और देरी नहीं की जाएगी। कोर्ट ने अगली तारीख तय करते हुए कहा कि कल इस केस में अंतिम सुनवाई की जाएगी।


गौरतलब है कि साल 2003 में एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। इस मामले में 2007 में निचली अदालत ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। अब यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है, जहां अंतिम बहस के बाद जल्द ही फैसला आने की संभावना जताई जा रही है।



2003 में हुई थी एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या

4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया।


जानिए कौन थे रामावतार जग्गी (Jaggi murder case)

कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था।


ये पाए गए थे दोषी (Jaggi murder case)

जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे।


अंतिम सुनवाई से पहले अमित जोगी ने ली है जमानत

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में अंतिम सुनवाई से पहले बड़ी कानूनी हलचल देखने को मिली है। मामले के मुख्य आरोपी रहे अमित जोगी ने रायपुर की लोवर कोर्ट से जमानत हासिल कर ली है। अदालत ने उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर राहत दी है। यह मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।