रायपुर . असल बात news. स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, हुडको भिलाई में रसायन शास्त्र विभाग द्वारा 'इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्...
रायपुर .
असल बात news.
स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, हुडको भिलाई में रसायन शास्त्र विभाग द्वारा 'इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रा ऑफ ट्रांजिशन मेटल कौम्पलेक्स 'विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें वक्ता के रूप में डॉ. संतोष सिंह ठाकुर सह- प्राध्यापक गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर थे।
कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रजनी मुदलियार ने कहा कि रसायन शास्त्र विभाग द्वारा अतिथि व्याख्यान में विभिन्न विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के अनुभवी प्राध्यापको को विषय विशेषज्ञता के आधार पर बुलाया जाता है जिससे विषय विशेष में उनके व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव का लाभ विभाग के प्राध्यापक एवं विद्यार्थियो को मिल सके इसी कढ़ी में डॉ. संतोष सिंह ठाकुर को 'इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रा ऑफ ट्रांजिशन मेटल कौम्पलेक्स विषय में व्याख्यान हेतु आमंत्रित किया गया।
श्री शंकराचार्य शिक्षण परिसर के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि अतिथि व्याख्यान विद्यार्थियों के ज्ञान को बढ़ाने का अच्छा माध्यम है तथा महाविद्यालय में इस प्रकार के आयोजन के लिए रसायन शास्त्र विभाग की सराहना की । महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. हंसा शुक्ला ने रसायन शास्त्र विभाग की सराहना की तथा कहा कि विद्यार्थियों की रुचि व पढ़ाई के प्रति उनकी लगन को बढ़ाने हेतु इस प्रकार के आयोजन समय-समय पर कराए जाने चाहिए । महाविद्यालय की उप प्राचार्या डॉ. अज़रा हुसैन ने कार्यक्रम की सराहना की तथा विद्यार्थियों को इस प्रकार के कार्यक्रम में सम्मिलित होने की सलाह दी। विषय वक्ता के रूप में डॉ. संतोष सिंह ठाकुर द्वारा इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रा ऑफ ट्रांजिशन मेटल कौम्पलेक्स विषय पर व्याख्यान दिया तथा अपने व्याख्यान में उन्होंने ट्रांजिशन मेटल कौम्पलेक्स के गुणो के बारे में विस्तार पूर्वक समझाया तथा स्पेक्ट्रा के विषय में जानकारी देते हुए उन्होंने अब्जॉर्प्शन तथा ईमिशन स्पेक्ट्रा के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की , इसके अलावा उन्होंने तनाबे -सुगानो डायग्राम को पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार पूर्वक समझाया। एमएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र पीयूष चतुर्वेदी ने प्रश्न किया कि किसी कंपाउंड का इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रा किस प्रकार प्राप्त किया जाता है? इस प्रश्न का उत्तर देते हुए सर ने कहा कि यूवी-विजिबल स्पेक्ट्रोस्कॉपी के माध्यम से हम किसी भी अणु का इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नेट सेट तथा गेट आदि कॉम्पिटेटिव एक्जाम की तैयारी करने तथा संघ लोक सेवा आयोग, तथा साइंटिफिक ऑफिसर जैसे पदों पर भर्ती हेतु किस प्रकार तैयारी की जाती है इस पर प्रकाश डाला तथा उन्होंने रिसर्च के क्षेत्र में कार्य करने की सलाह दी।। कार्यक्रम में मंच संचालन श्रीमती मोनिका मेश्राम सहायक प्राध्यापक रसायन शास्त्र विभाग एवं धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक सुश्री मोहिनी शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विज्ञानं विभाग के सभी प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित हुये।



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