भिलाई,दुर्ग . असल बात news. राज्य सरकार शासकीय अस्पतालों में व्यापक सुविधा और व्यवस्थाए उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही हैं तथा दावा भी किया ...
भिलाई,दुर्ग .
असल बात news.
राज्य सरकार शासकीय अस्पतालों में व्यापक सुविधा और व्यवस्थाए उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही हैं तथा दावा भी किया जा रहा है लेकिन शासकीय अस्पतालों में कुप्रबंधन खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है.व्यवस्था बन नहीं पा रही है.इन अस्पतालों में छोटी-छोटी सुविधाओं की कमी से सामान्य मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार शासकीय अस्पताल सुपेला में पिछले लगभग 15 दिनों से शुगर की रेंडम जांच करने वाली स्ट्रिप उपलब्ध नहीं है.शुगर जांच करने की स्ट्रिप कितनी मामूली चीज है,लेकिन कितनी महत्वपूर्ण है,इसे समझा जा सकता है. इसके जैसी सामान्य सुविधा भी सरकारी अस्पताल में कई जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है.बताया तो यह भी जा रहा है कि शासकीय अस्पताल सुपेला में सुविधाओं की कमी से कई चिकित्सकों में भी नाराजगी हैं और यहां से इस्तीफा देने तक की तैयारी कर रहे हैं.
दुर्ग जिले का शासकीय अस्पताल सुपेला यहां के महत्वपूर्ण हॉस्पिटल में से एक है. यह हॉस्पिटल यहां के सघन श्रमिक बस्ती वाले क्षेत्र में स्थित है जिससे यहां प्रतिदिन पहुंचने वाले मरीजों की संख्या काफी अधिक होती है.अब शुगर और बीपी की बीमारी तो सामान्य आम बीमारी हो गई है, और लगभग हर दसवां व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित नजर आता है. ऐसे में यह उम्मीद की जाती है कि,कम से कम इस बीमारी के इलाज के लिए,सरकारी अस्पताल में प्राथमिकतापूर्वक सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी. लेकिन जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार शास्त्री अस्पताल सुपेला में पिछले लगभग 15 दिनों से शुगर की रेंडम जांच करने वाली स्ट्रिप उपलब्ध नहीं है जिसके चलते शुगर की रेंडम जांच यहां नहीं हो पा रही है और मरीजों को भटकना पड़ रहा है. शुगर की रेंडम जांच की रिपोर्ट तुरंत मिल जाती है और डॉक्टर को मैरिज की स्थिति का पता चल जाता है.
यह भी जानकारी मिली है कि इस अस्पताल में बीपी की दवाइयां भी अभी पिछले कई दिनों से वितरित नहीं की जा रही है.
वैसे तो अस्पताल में शुगर की विभिन्न जाँच के लिए लैब स्थित है. इस लैब में प्रतिदिन 200 से 360 तक जांच होती है. समस्या यह है कि इस लैब में जांच की रिपोर्ट एक दिन के बाद मिलती है.चिकित्सक, शुगर की विशेष रूप से रेंडम जांच करना चाहते हैं ताकि मरीज की तत्काल की स्थिति पता चल सके और उसे दवाइयां दी जा सके. और यह रेंडम जांच,स्ट्रिप सिस्टम से ही हो सकती है.शासकीय अस्पताल सुपेला में कुछ महीने पहले ओपीडी के लिए अलग भवन उद्घाटित हुआ है. भगवान तो शुरू हो गया है और इसमें चिकित्सक भी बैठ रहे हैं लेकिन जांच के लिए जरूरी साधान ही उपलब्ध नहीं होंगे तो मरीजों को तो भटकना ही पड़ेगा.
चिकित्सक मरीजों की शुगर की रेंडम जांच के लिखते हैं लेकिन यहां मरीज भटक रहे हैं. बताया जाता है कि यहां रेंडम जांच के लिए अलग से व्यवस्था है लेकिन उसके कर्मचारी 12:00 बजे के बाद आते हैं.
अब सुविधाओं की कमी और अव्यवस्था की चलते इस हिसाब के अस्पताल के चिकित्सक निराशा ठोकर यहां से इस्तीफा देने लगे, तो क्या किया जा सकता है.


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