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रायपुर रेल मंडल ने पिछले वित्त वर्ष में 26.6 मिलियन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुचाया,46.44 मिलियन टन लदान कर 4 हजार 983 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त किया,मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद की वित्तीय वर्ष 2025 -2026 की उपलब्धियों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस

  रायपुर . असम बात news.     03अप्रैल, 2026 .          वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संपूर्ण भारतीय रेलवे के साथ ही साथ रायपुर मंडल में आधार...

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 रायपुर .

असम बात news.  

 03अप्रैल, 2026.

         वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संपूर्ण भारतीय रेलवे के साथ ही साथ रायपुर मंडल में आधारभूत संरचना, माल लदान,यात्री परिवहन एवं यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इस दौरान नई लाइनों का निर्माण, चौथी लाइन कार्य में प्रगति,अमृत भारत स्टेशनों के कार्य में प्रगति के साथ यात्री सुविधाओं के विकास का बेहतर क्रियान्वयन तथा प्रमुख स्टेशनों में नई-नई यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई। माल लदान के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित किए गए। इसी संदर्भ में मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद ने मंडल सभाकक्ष में प्रेसवार्ता कर मीडिया के प्रतिनिधियों से चर्चा की। उन्होंने इस दौरान मंडल की प्रमुख महत्वपूर्ण उपलब्धियों,यात्री सुविधाओं एवं विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी साझा की. इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अवधेश कुमार त्रिवेदी भी उपस्थित थे। 

रेल प्रबंधक श्री दयानंद ने बताया कि वित्त वर्ष 2025–26 में रायपुर मंडल ने राजस्व, संरक्षा, तकनीकी नवाचार एवं यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय रेल में एक आदर्श मंडल के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। वर्ष 2025 -26 में 03.87 प्रतिशत (लगभग 04 प्रतिशत) की वृद्धि हासिल की है और 46.44 मिलियन टन लदान कर 4 हजार 983 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त किया हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में रायपुर मंडल को 46.33 मिलियन टन लदान का लक्ष्य दिया गया था। 

रायपुर मंडल ने  पिछले वित्तीय वर्ष 2024 -25 में 44.73 मिलियन टन लदान कर 4818 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त किया था। नई उपलब्धियों के पीछे आधुनिक लोडिंग अवसंरचना, ग्राहक-केंद्रित नीतियाँ, डिजिटल पहल तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। रायपुर रेल मंडल द्वारा कोयला, स्टील प्लांट के लिए रॉ-मटेरियल,पिग आईरन, फिनिश्ड स्टील,आयरन ओर,सीमेंट, फूड ग्रेन फर्टिलाइजर, इत्यादि का माल लदान किया है।

 उन्होंने बताया कि रायपुर मंडल नए अवसर बनाने में सफल रहा है.साथ ही रायपुर मंडल भारतीय रेल के प्रमुख शीर्ष  मंडलों में 09 वें स्थान पर रहा हैं। वित्तीय वर्ष 2025 -26 अवधि के दौरान रायपुर मंडल ने माल यातायात के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा को सर्वोपरि रखा है।त्योहारों, छुट्टियों एवं विशेष अवसरों पर होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को अधिकाधिक आरक्षित बर्थ एवं सीट उपलब्ध कराने हेतु 195 ट्रिप के लिए 19 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों  का सफलतापूर्वक परिचालन के साथ एवं 12 भारत गौरव ट्रेनों का भी परिचालन किया है। एवं विभिन्न श्रेणी के 60 अतिरिक्त कोच को  ट्रेनों में जोड़ा गया है।  यात्री यातायात, माल ढुलाई, विविध आय, गैर-किराया राजस्व, पार्किंग आय, खानपान से होने वाली आय सभी में बढोत्तरी हासिल की है ।

रेल प्रबंधक श्री दयानंद ने बताया कि  26.6 मिलियन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुचाया गया.यात्री यातायात से 631.35करोड़ राजस्व प्राप्त किया, वाणिज्य विभाग ने यात्री यातायात में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में यात्रियों की 7.30% वृद्धि दर्ज की है । इसी प्रकार, यात्री राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में 3.85% की वृद्धि हुई है। वाणिज्य विभाग  ने  कुल विविध आय ₹25.18 करोड़ अर्जित की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18.27% अधिक है।

 इस अवधि में इस रेल मंडल की गैर-किराया राजस्व (NFR) आय ₹17.10 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 12.35% की वृद्धि दर्शाती है।खानपान से होने वाली आय 03.22 करोड़ रुपये, जो पिछले वर्ष की तुलना में 75% की वृद्धि दर्शाती है।वित्तीय वर्ष 2025–26 में रायपुर मंडल ने टिकट चेकिंग के 01 लाख 97 हज़ार 873 केस दर्ज किये जिनसे 11.13 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ।पार्किंग आय ₹3.44 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.84% अधिक है। रायपुर विभाग ने इस वित्तीय वर्ष के लिए अपने पार्किंग आय लक्ष्य को एक बार फिर पार कर लिया है।

रेल प्रबंधक श्री दयानंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में रायपुर मंडल ने पार्सल से 7.44 करोड़ रुपये आय अर्जित की है जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.06% की वृद्धि दर्शाती है।वित्तीय वर्ष 2025–26 में रायपुर मंडल के वाणिज्य विभाग ने 5663.65 करोड़ रुपये कुल आय अर्जित की है पिछले वित्तीय वर्ष 2024 -25 में 5463.23 करोड़ रुपये कुल आय अर्जित की थी। जो पिछले वर्ष की तुलना में 03.67% अधिक है।रायपुर डिवीजन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025 -26 अवधि के दौरान यात्री सुविधाओ में बढोत्तरी कुल 68 अनुबंध सफलतापूर्वक दिए गए, जिनमें से 23 नए अनुबंध हैं - जो सक्रिय व्यावसायिक जुड़ाव और प्रभावी राजस्व अनुकूलन को दर्शाते हैं।प्लान हेड 53 के तहत यात्री सविधाओ के 26 नए कार्य स्वीकृत कराये गए है । 

🌟मुख्य उपलब्धियां:

1. रेल मदद- रायपुर रेल मंडल में यात्रियों की शिकायत निवारण एवं अन्य सहायता हेतु रेल मदद के माध्यम से 17943 लोगों ने सहायता मांगी जिसमें बेडरोल, कोच क्लीनिंग, कोच मेंटेनेंस, दिव्यांग फैसिलिटी, इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट, महिलाओं के लिए सहायता, चिकित्सा सहायता, यात्री सुविधाओं, टिकट रिफंड, पानी की उपलब्धता जैसे सवाल सम्मिलित रहे। 

2. वाणिज्य विभाग से यात्रियों ने यात्रा सहायतार्थ 3845 केस प्राप्त हुए। पिछले वित्तीय वर्ष में 3931 केस प्राप्त हुए थे वाणिज्य विभाग से सम्बंधित रेल मदद में 2.19 प्रतिशत की कमी हुई है जो यात्रियों के संतोष का प्रतिक है ।

3. जिसमे सहायता के लिए 1386 केस जिसमे 32 प्रतिशत वृद्धी हुई। 

4. त्वरित समय में उचित निदान मिलने पर यात्रियों से एक्सीलेंट रेटिंग 1373 पर प्राप्त हुई, जिसमे 27.60 प्रतिशत वृद्धी हुई । 

5. सेटिस्फेक्ट्री रेटिंग 318 केस में प्राप्त हुई जिसमे 14.18 प्रतिशत वृद्धी हुई । 

6. रेलवे, सूचना और प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव, चयनित रेलवे कर्मचारियों को 70वां अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को रेल मदद शील्ड प्राप्त होने हुई थी। विशेष तौर पर रायपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अवधेश कुमार त्रिवेदी द्वारा स्वयं रेल मदद की मॉनिटरिंग एवं  उनके नेतृत्व में वाणिज्य कंट्रोल विभाग की सक्रिय टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई।

2. नॉन-एसी स्लीपर कोचों में सैनिटाइज्ड बेड रोल की आपूर्ति - स्लीपर श्रेणी के यात्रियों के लिए स्वच्छता और बेहतर यात्रा आराम सुनिश्चित करने वाली एक यात्री-केंद्रित पहल का अनुबंध किया गया है । संपर्क क्रांति एवं अमरकंटक से शरुआत की जायेगी ।

3. आरएसडी गोदाम का पट्टा - रनिंग शेड (आरएसडी) गोदाम को पट्टे पर देकर रेलवे संपत्तियों का उत्पादक उपयोग, जिससे गैर-किराया राजस्व में योगदान मिला ।

4. बाइक और अन्य पार्सल पैकिंग सेवाएं - दोपहिया वाहनों और अन्य पार्सलों के लिए पैकिंग सेवाओं की शुरुआत, ग्राहकों के लिए मूल्यवर्धन और अतिरिक्त व्यावसायिक राजस्व सृजन।

5. हेल्थ बेस लाउंज - स्टेशन सुविधाओं और समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए विकसित यात्री कल्याण सुविधा।

6. वंदे भारत ट्रेन में विज्ञापन - वंदे भारत ट्रेन में व्यावसायिक विज्ञापन स्थान का सफलतापूर्वक उपयोग, जिससे ट्रेन में प्रीमियम राजस्व का स्रोत जुड़ा।

7. आपातकालीन चिकित्सा कक्ष — यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के लिए स्टेशन परिसर में एक विशेष आपातकालीन चिकित्सा सुविधा स्थापित की गई है।

8. फोटोकॉपी मशीन — दस्तावेज़ संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाजनक सेवा शुरू की गई है।

9. विज्ञापन राजस्व विस्तार — अभनपुर, धमतारी और राजिम स्टेशनों पर नए विज्ञापन स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में एनएफआर (गैर-वित्तीय लाभ) की क्षमता में वृद्धि हुई है।

10. हमसफर ट्रेन में विज्ञापन — हमसफर ट्रेन में व्यावसायिक विज्ञापन स्थान का उपयोग किया गया है, जिससे राजस्व का एक नया स्रोत जुड़ा है।

11. दुर्ग में पार्सल स्कैनर — पार्सलों की कुशल और सुरक्षित हैंडलिंग के लिए दुर्ग स्टेशन पर पार्सल स्कैनर स्थापित किया गया है।       

      टिकटिंग एवं डिजिटल सुविधाएँ

PRS/UTS, JTBS, STBA की स्थापना 

M-UTS मशीनें स्थापित 

YTSK: 03 केंद्र (रायपुर एवं भिलाई) 

16 स्टेशनों पर STBA सुविधा 

12 स्टेशनों पर 27 ATVM फैसिलिटेटर 

टिकट चेकिंग स्टाफ  को बॉडीवॉर्न कैमरा दिए गए

यात्री सुविधाएँ एवं पहल

15 अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत उरकुरा, भिलाई एवं भानुप्रतापपुर स्टेशनों का उद्घाटन (22.05.2025) किया गया भिलाई नगर बन कर तैयार है एवं सरोना रेलवे स्टेशन तैयार होने वाला  है।

नई ट्रेन सेवाएँ प्रारंभ: 

o रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस (03.08.2025)

o राजिम–रायपुर सेवा (18.09.2025)

अभनपुर–राजिम ब्रॉड गेज लाइन पर यात्री एवं माल संचालन प्रारंभ 

रायपुर रेल मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए दुर्ग दल्लीराजहरा सेक्शन में 08 स्टेशनों के प्लेटफार्म की लंबाई को लगभग 10.78 करोड़ रुपए की लागत से बढ़ाया जा रहा है ताकि 12 कोच की मेमू ट्रेन भी खड़ी हो सकेगी। इसमें स्टेशन  मरौदा, पउवारा, रिसामा, गुंडरदेही, सिकोसा, लाटाबोर, भैंसबोर्ड, सलाईटोला शामिल हैं ।

यात्री ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ाने हेतु यात्रियों की सुविधा के लिए बालोद स्टेशन, दल्लीराजहरा भानुप्रतापपुर, गुदुम स्टेशनों पर दूसरा प्लेटफार्म बनाने की योजना भी स्वीकृत हो चुकी है। दूसरे प्लेटफार्म के साथ-साथ इन स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रिज रैंप के साथ बनाए जाने का प्रावधान है। जिनकी संयुक्त लागत लगभग 30 करोड़ के आसपास है।

कुसुमकसा स्टेशन पर 12 कोच वाली डीईएमयू को समायोजित करने के लिए प्लेटफार्म  का विस्तार, 12 कोच वाली डीईएमयू के लिए यात्री सुविधाओं में सुधार, स्टेशनों के लिए फर्नीचर और  3 मीटर चौड़े एफओबी के साथ द्वितीय यात्री प्लेटफार्म का प्रावधान और यात्री सुविधाएं और फर्नीचर। लगभग 8 करोड़ की लागत से किया जाना है।

रायपुर स्टेशन पर 04 एस्केलेटर स्थापित किये गए है नया फुट ओवर ब्रिज बनाया जाना हैं।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली लगभग 52 ट्रेनों का विभिन्न स्टेशनों पर स्थाई ठहराव दिया गया है इसी कड़ी में रायपुर रेल मंडल के बिल्हा रेलवे स्टेशन पर बिलासपुर नागपुर इंटरसिटी, सारनाथ, शालीमार एवं शिवनाथ एक्सप्रेस को ठहराव दिया गया है। हथबंद स्टेशन में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का ठहराव दिया गया है, देवबलोदा चरौदा में एलटीटी शालीमार एक्सप्रेस का ठहराव दिया गया है।

2025- 2026 रायपुर मंडल का शून्य ट्रेन दुर्घटना वर्ष रहा।

प्रमुख उपलब्धियां जिससे आमजन एवं यात्रियों को लाभ

1. आर यू बी (रोड अंडर ब्रिज)  के निर्माण के माध्यम से लेवल क्रॉसिंग से निजात सड़क सुरक्षा में सुधार और यातायात जाम को कम करने के लिए, रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) के निर्माण के बाद लेवल क्रॉसिंग को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है:

 (1) लेवल क्रॉसिंग क्रमांक 387 (दावनबोड)निपानिया भाटापारा खंड।

(2) लेवल क्रॉसिंग नंबर 393 (केसदा) हथबंद तिल्दा नेवरा सेक्शन।

(3) लेवल क्रॉसिंग नंबर. डीडी-5 (बोरसी गेट) दुर्ग - मरौदा सेक्शन। 

(4) लेवल क्रॉसिंग नंबर डीडी-40 (जुनवानी गेट) सिकोसा यात्री हॉल्ट के पास।

(5) लेवल क्रॉसिंग नंबर 413 (टेकरी गेट) मांढर-उरकुरा सेक्शन.

(6) लेवल क्रॉसिंग नंबर नंबर 378 (निपानिया गेट) निपानिया यार्ड

(7) लेवल क्रॉसिंग नंबर नंबर 404 (जलसो गेट) बैकुंठ-सिल्यारी

(8) लेवल क्रॉसिंग नंबर नंबर 403 (जलसो किरना) बैकुंठ-सिल्यारी

महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में हथबंद एवं बैकुंठ स्टेशनों के मध्य 17.24 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन बिछाने के प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड की मंजूरी प्राप्त हो गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹274 करोड़ है ।

बैकुंठ–उरकुरा खंड (26.40 किमी) के बीच चौथी रेल लाइन के निर्माण को रेल मंत्रालय से स्वीकृति प्रदान की गई है । इस महत्वपूर्ण क्षमता संवर्धन परियोजना की अनुमानित लागत ₹426.01 करोड़ है ।