भिलाई . असल बात news. स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, आमदीनगर हुडको, भिलाई में महिला प्रकोष्ठ एवं कला संकाय के संयुक्त तत्वाव...
भिलाई .
असल बात news.
स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, आमदीनगर हुडको, भिलाई में महिला प्रकोष्ठ एवं कला संकाय के संयुक्त तत्वावधान में विश्व महिला दिवस के अवसर पर “डिजिटल युग में नारी की भूमिका” विषय पर नारा प्रतियोगिता तथा तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के लिए साइबर अपराध से संबंधित जागरूकता प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल युग में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करना तथा कर्मचारियों में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
डॉ. शैलजा पवार, प्राध्यापक – शिक्षा विभाग ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुएकहा महिलाओं को उनके समान अधिकार समान वेतन और सुरक्षित कार्य स्थल के प्रति जागरुक करना उनके साथ होने वाला हिंसा व भेदभाव के प्रति जागरुक करना व अन्याय के विरुद्ध खडा करना है।तृतीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को होने वाले साइबर अपराध की जानकारी नहीं होती है उन्हें जानकारी देना जिससे वह साइबर ठगी से बच सके
इस अवसर पर श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा एवं डॉ. मोनीशा शर्मा ने सभी को विश्व महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए साइबर अपराध के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला के लिए महिला प्रकोष्ठ एवं कला संकाय को बधाई दी।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित साइबर जागरूकता प्रशिक्षण में डॉ. मीना मिश्रा, विभागाध्यक्ष – गणित ने तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को साइबर अपराध के विभिन्न कारणों, उनके प्रकारों तथा उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के साथ सतर्कता और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराध प्रायः अज्ञानता, असावधानी तथा तकनीकी जानकारी के अभाव के कारण होते हैं। कई बार लोग अज्ञात लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिससे उनकी व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो जाती है। कमजोर पासवर्ड का उपयोग भी एक बड़ा कारण है। बैंक से संबंधित जानकारी, ओटीपी या एटीएम पिन किसी के साथ साझा करना अत्यंत खतरनाक हो सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि फर्जी कॉल, ई-मेल तथा संदेशों के माध्यम से लोगों को ठगने के प्रयास किए जाते हैं। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क बनाना भी जोखिमपूर्ण हो सकता है। सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मोबाइल और कंप्यूटर में सुरक्षा सॉफ्टवेयर का उपयोग करना तथा समय-समय पर पासवर्ड बदलना आवश्यक है।
डॉ. मिश्रा ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो उसे तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए। जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से साइबर अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा महिला में ही सृजन शक्ति होती है गलत बीज से गलत पौधा निकलता है हम अपने बच्चों को क्या संस्कार दे रहे है बच्चा गलत कार्य करता है तो हमे तुरंत उसे रोकना है, नहीं तो बड़ा होकर वह बड़ा अपराधी बनेगा। जब पहली गलती पर नहीं रोका तो वहीं अपराध की शुरुआत होती है जो समाज को देंगे वहीं हमें लौटायेगा । संस्कारवान बच्चे से संस्कारवान समाज हमें मिलेगा। बच्चों के गलत काम के कारण हमारा सिर न झुके उन्होंने ने अपने उद्बोधन में समाज में नारियों की वर्तमान स्थिति एवं उनके सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों पर विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुनीता वर्मा विभागाध्यक्ष हिंदी ने “डिजिटल युग में नारी की भूमिका” विषय पर नारा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया गया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सावधानी और समझदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अनजान वीडियो कॉल से होने वाली ब्लैकमेलिंग की जानकारी दी ,कोई भी ऐप डाउनलोड करने से पहले उनके को सावधानीपूर्वक पढ़ने के लिए कहा
श्रीमती जया तिवारी सहायक प्राध्यापक जुलॉजी ने महिलाओं को भी बराबर सम्मान मिले तभी वह समाज को लौटा पायेंगी। महिलाओं को भी स्वाभिमान से जीने का हक है।
श्री विजय मिश्रा सहायक प्राध्यापक वाणिज्य व श्रीमती ज्योति मिश्रा सहायक प्राध्यापक कला विभाग ने अपने साथ हुए साइबर क्राईम की जानकारी दी। डॉ मंजू कनौजिया सहायक प्राध्यापक शिक्षा विभाग ने अपने अनुभव को साझा किया
नारा प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में डॉ. रजनी मुदलियार, विभागाध्यक्ष – रसायन शास्त्र तथा डॉ. शर्मिला शामल, विभागाध्यक्ष – वाणिज्य ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
नारा प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी
प्रथम स्थान – जिज्ञासा साहू, डी.एल.एड. प्रथम वर्ष
द्वितीय स्थान – सुश्री रूपश्री पधान, बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर
तृतीय स्थान – खुशबू, बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. शैलजा पवार, प्राध्यापक – शिक्षा विभाग द्वारा किया गया तथा डॉ. सुनीता वर्मा, विभागाध्यक्ष – हिंदी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।




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