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स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, भिलाई बी.एड. विद्यार्थियों की व्रत फलाहार यात्रा,नवरात्रि के नौ रंग: फलाहार के संग

  भिलाई . असल बात news.   नवरात्रि के पावन अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित फलाहारी फूड स्टॉल, “नवरात्रि के नौ रंग, फलाहार के संग” ने महाव...

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 भिलाई .

असल बात news.  

नवरात्रि के पावन अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित फलाहारी फूड स्टॉल, “नवरात्रि के नौ रंग, फलाहार के संग” ने महाविद्यालय को स्वाद और भक्ति का संगम स्थल बना दिया इस अवसर पर बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने व्रत में उपयोग की जाने वाली मीठे व नमकीन फलाहारी व्यंजनों के स्टाल लगाकर आकर्षक प्रस्तुति दीl कार्यक्रम प्रभारी डॉ.शैलजा पवार प्राध्यापक शिक्षा विभाग ने बताया नवरात्र मातारानी के आराध्य का पर्व है इसमें लोग नौ दिन का उपवास रखते है व फलाहारी ही खाने में लेते है कई बार दुविधा की स्थिति हो जाती है की आज खाने में व्रत रखने वाले को क्या दे जो पोषक तत्वों से भरपूर हो विविधता भी रहे व उपवास में कमजोरी न आये इन्ही उद्धेष्यों को ध्यान में रखकर फलाहारी व्यंजनों की स्टॉल लगाये गये। 

श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा व डॉ. मोनिषा शर्मा ने शिक्षा विभाग की सराहना करते हुये कहा इस प्रकार के कार्यक्रम से विद्यार्थी नवरात्रि पर्व के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक महत्व को जान पाते है इस प्रकार के आयोजन से विद्यार्थियों में रचनात्मकता व समूह में कार्य करने की भावना विकसित होती है। 

प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने विद्यार्थियों को नवरात्रि की शुभकामना देते हुये कहा नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नही है बल्कि यह आत्मशुद्धि, आत्मबल और नारीशक्ति के सम्मान का पर्व हैं। इस समय लिया जाने वाला फलाहार हमें पोषण के साथ-साथ हमारे पाचन तंत्र को आराम देता है और शरीर को विषमुक्त करने में सहायक होता है हमें सादगी संयमित और संतुलित जीवन शैली अपनाने पर बल देता है भारत में खानपान में विविधता खाने की एक रूपता के मिथक को तोड़ता है।

उपप्राचार्य डॉ. अजर हुसैन ने सभी विद्यार्थियों को हिंदू नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा कहा नवरात्रि के प्रत्येक दिन को उत्सव रूप में मनाना चाहिए। इसमें आत्मनिरीक्षण, आत्मचिंतन एवं देवी शक्ति की गहन समझ का अवसर मिलता है।

इस अवार पर छात्राओ के नौ समूह का वर्गीकरण नवरात्रि के भगवती के नव रूपों के आधार पर किया  गया एवं छात्रों को भैरोबाबा के दो समूह में बांटा गया साथ ही विद्यार्थियों के नवरूप वेशभूषा ने नवरात्रि में दुर्गा के नवरूपों को महाविद्यालय प्रांगण में साकार कर दिया व कालभैरव व नव दुर्गा की सुंदर झांकी प्रस्तुत की फलाहारी व्यंजनों में स्वीट पोटेटो, तिलकूट, साबूदाना पापकार्न, साबूदाना खिचड़ी शंक्करकंद का हलुआ, बादामशेक, तरबूज जूस, आलूचॉट, सिंघाडे के आटे की बर्फी, रबड़ी, लॉकी हलवा, साबूदाना कचौड़ी आदि बनाये गये व्यंजनों में जहॉं विविधता थी वहीं पौषक तत्वों से भरपूर सजावट ने लोगों की भूख बड़ा दी महाविद्यालय प्रांगण भीनी-भीनी खूशबू से महक उठा।  

इस अवसर पर कात्यायनी समूह -अंशु, श्रद्धा, विधि चंद्राकर, वीणा रजक, निकिता यादव ने स्वीट पोटैटो चाट, तिलकुट, साबूदाना पॉपकॉर्न बनाए। मां कुष्मांडा समूह - इंदु, रिया, बिना, साधना, जया ने साबूदाना खिचड़ी, शकरकंद हलवा, बादाम शेक, कस्टर्ड तथा आलू चाट तैयार किया। ब्रह्मचारिणी समूह- विद्यासागर, भारत, सृष्टि, अनिकेत, रितेश ने सिंघाड़े के आटे की बर्फी, रबड़ी, तरबूज जूस आदि बनाए। काल भैरव समूह- प्रकाश, सूरज, सुशांत, सुरितराम, रामेश्वर, ओमेश ने विविध जूस प्रस्तुत किए। मां चंद्रघंटा समूह - रामाणिक दास, संजना, प्रियांशु, राकेश, निमिषा ने लौकी हलवा, साबूदाना पापड़, साबूदाने की कचोरी आदि बनाई। मां शैलपुत्री समूह - कंचन, नेहा, दीक्षाली, जूही, योगेश ने साबूदाने की खीर व इडली तैयार की। काल भैरव समूह- अतुल, नीरज, विनोद कुमार, हिमांशु, भूपेंद्र ने फलाहारी मिक्सर, लस्सी, चिप्स, ठंडाई आदि बनाए। सिद्धिदात्री समूह- मोनिका, अनीता, जया, प्रेरणा ने साबूदाना वड़ा, तीखुर बर्फी आदि प्रस्तुत की। ब्रह्मचारिणी समूह-2( रागनी लिपिका, आकांक्षा, योगिता ने तिल लड्डू, छाछ, फ्रूट सलाद, जूस आदि बनाए।  

कार्यक्रम में निर्णायक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए श्रीमती जया तिवारी, विभागाध्यक्ष, जंतु विभाग ने कहा विद्यार्थियों ने फलाहार एवं उपवास के महत्व को फलाहार प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताने की कोशिश की अत्यंत  सराहनीय है सभी विद्यार्थियों ने मेहनत की और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

विजेता समूह का विवरण- प्रथम स्थान: कात्यायनी समूह- वंदना, मनीषा ठाकुर, जूली बंजारे, खुशबू, शिवानी] द्वितीय स्थान: मां शैलपुत्री समूह- कंचन, नेहा, दीक्षाली, जूही, योगेश] तृतीय स्थान: मां कात्यायनी समूह- अंशु, श्रद्धा, विधि चंद्राकर, वीणा रजक, निकिता यादव l 

कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षा विभाग के प्राध्यापक श्रीमती उषा साहू, डॉ. मंजू कनोजिया एवं सुश्री श्रद्धा भारद्वाज का विशेष योगदान रहा। शिक्षा विभाग के सभी प्राध्यापक उपस्थित थे।